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Karnal News: खरीद में तेजी मगर उठान 24 घंटे में तीन फीसदी बढ़ सका
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/निसिंग। मंडियों में गेहूं की खरीद तो तेजी से की जा रही है, लेकिन लाखों बोरियां उठान का इंतजार कर रही हैं। उठान की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते 24 घंटे में जिले में गेहूं का उठान महज तीन फीसदी ही बढ़ा। शुक्रवार तक जहां कुल उठान 32 फीसदी था, वहीं शनिवार को महज 35 फीसदी ही पहुंच सका। मंडियों में गेहूं का उठान न होने से जगह की कमी सामने आ रही है, इसके साथ ही किसानों की भी परेशानी बढ़ रही है। जब तक उठान नहीं होगा तब तक किसानों को उनकी फसल की कीमत भी नहीं मिलेगी। सरकार की ओर से 72 घंटे में उठान महज दावा ही दिखाई दे रहा है।
करनाल में शनिवार तक कुल उठान महज 184127 मीट्रिक टन ही हो सका, जबकि कुल खरीद 515644 मीट्रिक हुई है। ऐसे में इस वक्त मंडी में 331517 मीट्रिक टन गेहूं उठान का इंतजार कर रहा है। शनिवार को कुल खरीद 57538 मीट्रिक टन की गई। उठान बेहद धीमा होने की वजह से मंडियां अटी हैं। गेहूं की और खरीद करने पर उसे रखने की समस्या उत्पन्न हो रही है। आढ़तियों ने बताया कि मंडियां भर चुकी हैं। खरीद एजेंसियों से जल्द उठान के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कोई असर नहीं पड़ रहा है। पिछले नौ दिन से लगातार खरीद होने के बाद मंडियों में जगह नहीं बची है।
दो मंडियों में ट्रांसपोर्टेशन का टेंडर बाकी
उठान धीमा होने की एक वजह यह भी सामने आ रही है कि सरकार की ओर से ट्रांसपोर्टेशन का टेंडर देरी से किया गया है। करनाल में 11 अप्रैल को उठान के लिए पांच अनाज मंडियों के लिए ट्रांसपोर्टर के टेंडर हुए हैं। इनमें करनाल, करनाल सब डिवीजन, घरौंडा, असंध और इंद्री की मंडी हैं। तरावड़ी और बरसत मंडी का टेंडर अभी हुआ ही नहीं है, जबकि इस प्रक्रिया को मार्च में ही पूरा कर लिया जाना चाहिए था। अभी इन पर कंपनियों की बोली आनी बाकी है, जिसके बाद वर्क आर्डर जारी होगा।
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72 घंटे में भुगतान के दावे फेल : बहादुर मेहला
भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि सरकार की ओर से खरीद के 72 घंटे के अंदर भुगतान का दावा झूठा है। करनाल की मंडियों में गेहूं उठान को लेकर व्यवस्था गड़बड़ाई है। हजारों क्विंटल गेहूं मंडियों में आ चुका है, लेकिन खरीद एजेंसियां लापरवाही कर रही हैं। बरसात हो गई तो गेहूं भीग जाएगा। किसानों को जल्द से जल्द भुगतान किया जाना चाहिए।
वर्जन
जिले की मंडियों में आवक शुरू हो चुकी है। मंडियों से गेहूं का उठान तुरंत करवाने के आदेश खरीद एजेंसी को दिया गया है। किसान अपनी बारी पर ही मंडी में आएं, ताकि उन्हें परेशानी न हो। फानों में आग न लगाएं।
- अनीश यादव, उपायुक्त
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करनाल/निसिंग। मंडियों में गेहूं की खरीद तो तेजी से की जा रही है, लेकिन लाखों बोरियां उठान का इंतजार कर रही हैं। उठान की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते 24 घंटे में जिले में गेहूं का उठान महज तीन फीसदी ही बढ़ा। शुक्रवार तक जहां कुल उठान 32 फीसदी था, वहीं शनिवार को महज 35 फीसदी ही पहुंच सका। मंडियों में गेहूं का उठान न होने से जगह की कमी सामने आ रही है, इसके साथ ही किसानों की भी परेशानी बढ़ रही है। जब तक उठान नहीं होगा तब तक किसानों को उनकी फसल की कीमत भी नहीं मिलेगी। सरकार की ओर से 72 घंटे में उठान महज दावा ही दिखाई दे रहा है।
करनाल में शनिवार तक कुल उठान महज 184127 मीट्रिक टन ही हो सका, जबकि कुल खरीद 515644 मीट्रिक हुई है। ऐसे में इस वक्त मंडी में 331517 मीट्रिक टन गेहूं उठान का इंतजार कर रहा है। शनिवार को कुल खरीद 57538 मीट्रिक टन की गई। उठान बेहद धीमा होने की वजह से मंडियां अटी हैं। गेहूं की और खरीद करने पर उसे रखने की समस्या उत्पन्न हो रही है। आढ़तियों ने बताया कि मंडियां भर चुकी हैं। खरीद एजेंसियों से जल्द उठान के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कोई असर नहीं पड़ रहा है। पिछले नौ दिन से लगातार खरीद होने के बाद मंडियों में जगह नहीं बची है।
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दो मंडियों में ट्रांसपोर्टेशन का टेंडर बाकी
उठान धीमा होने की एक वजह यह भी सामने आ रही है कि सरकार की ओर से ट्रांसपोर्टेशन का टेंडर देरी से किया गया है। करनाल में 11 अप्रैल को उठान के लिए पांच अनाज मंडियों के लिए ट्रांसपोर्टर के टेंडर हुए हैं। इनमें करनाल, करनाल सब डिवीजन, घरौंडा, असंध और इंद्री की मंडी हैं। तरावड़ी और बरसत मंडी का टेंडर अभी हुआ ही नहीं है, जबकि इस प्रक्रिया को मार्च में ही पूरा कर लिया जाना चाहिए था। अभी इन पर कंपनियों की बोली आनी बाकी है, जिसके बाद वर्क आर्डर जारी होगा।
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72 घंटे में भुगतान के दावे फेल : बहादुर मेहला
भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि सरकार की ओर से खरीद के 72 घंटे के अंदर भुगतान का दावा झूठा है। करनाल की मंडियों में गेहूं उठान को लेकर व्यवस्था गड़बड़ाई है। हजारों क्विंटल गेहूं मंडियों में आ चुका है, लेकिन खरीद एजेंसियां लापरवाही कर रही हैं। बरसात हो गई तो गेहूं भीग जाएगा। किसानों को जल्द से जल्द भुगतान किया जाना चाहिए।
वर्जन
जिले की मंडियों में आवक शुरू हो चुकी है। मंडियों से गेहूं का उठान तुरंत करवाने के आदेश खरीद एजेंसी को दिया गया है। किसान अपनी बारी पर ही मंडी में आएं, ताकि उन्हें परेशानी न हो। फानों में आग न लगाएं।
- अनीश यादव, उपायुक्त