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श्रीकृष्ण-राम के बताए मार्ग से जीवन होगा सार्थक : शशि
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। प्राचीन शिव दुर्गा मंदिर कुंजपुरा में आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा में साध्वी शशि भारती ने कहा कि हम भारतीयों को भगवान श्री कृष्ण व मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दिखाए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए, भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में जो गीता ज्ञान की गंगा बहाई, ऐसा धरती के तख्त पर दूसरा कोई उदाहरण नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि गीता ज्ञान कर्म क्षेत्र को समर्पित ग्रंथ है, जो व्यक्ति गीता ज्ञान को अपने जीवन में उतार कर आगे बढ़ता है, वहीं मानवता का सच्चा उपासक है। श्री कृष्ण ने इस धरा पर जन्म लेकर राक्षसों से धरती को निजात दिलवाई, पापी कंस को मारा जिन्होंने अपनी मृत्यु के भय से अपनी बहन व बहनोई के साथ-साथ हजारों बेगुनाहों पर अत्याचार किया। कथा का शुभारंभ सरपंच सुमन लता बतान और संत स्वरूप प्रेम पाल सागर की ओर से कथा व्यास साध्वी शशि भारती के ससम्मान व्यास पीठ पर विराज करवाने से प्रारंभ हुआ, कथा यजमान दीपक प्रजापति तथा पिंकी प्रजापति रहे।
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कुंजपुरा। प्राचीन शिव दुर्गा मंदिर कुंजपुरा में आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी कथा में साध्वी शशि भारती ने कहा कि हम भारतीयों को भगवान श्री कृष्ण व मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दिखाए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए, भगवान श्री कृष्ण ने कुरुक्षेत्र में जो गीता ज्ञान की गंगा बहाई, ऐसा धरती के तख्त पर दूसरा कोई उदाहरण नहीं मिलता।
उन्होंने कहा कि गीता ज्ञान कर्म क्षेत्र को समर्पित ग्रंथ है, जो व्यक्ति गीता ज्ञान को अपने जीवन में उतार कर आगे बढ़ता है, वहीं मानवता का सच्चा उपासक है। श्री कृष्ण ने इस धरा पर जन्म लेकर राक्षसों से धरती को निजात दिलवाई, पापी कंस को मारा जिन्होंने अपनी मृत्यु के भय से अपनी बहन व बहनोई के साथ-साथ हजारों बेगुनाहों पर अत्याचार किया। कथा का शुभारंभ सरपंच सुमन लता बतान और संत स्वरूप प्रेम पाल सागर की ओर से कथा व्यास साध्वी शशि भारती के ससम्मान व्यास पीठ पर विराज करवाने से प्रारंभ हुआ, कथा यजमान दीपक प्रजापति तथा पिंकी प्रजापति रहे।
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