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ऑनर किलिंग मामले में पिता को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Wed, 02 Mar 2016 12:39 AM IST
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गांव भैणी कलां में प्रेम प्रसंग के चलते युवक-युवती की ऑनर किलिंग के मामले में अदालत ने लड़की के पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है, साथ ही लड़के के भाई और एक अन्य रिश्तेदार को साक्ष्य मिटाने पर सात सजा की सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर जुर्माना भी किया है।
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मामले के अनुसार, गांव भैणी कलां के युवक मनोज और गांव की किरण का प्रेम प्रसंग चल रहा था। एक ही जाति व गांव के होने के कारण परिजनों को यह प्रेम नागवार गुजरा। आखिरकार एक दूसरे को पाने के लिए युवक-युवती घर से भाग गए। परिजनों ने दोनों की आसपास तलाश की पर, वे नहीं मिले।
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आखिरकार वे कुरुक्षेत्र के होटल में मिल गए। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने मान-सम्मान के चलते दोनों को जहर देकर मार डाला। इतना नहीं षड़यंत्र के तहत दोनों के शवों को जला भी दिया गया। पुलिस को मामले की भनक लगी तो पुलिस ने दोनों के जले शवों को बरामद किया और अपनी जांच शुरू की।
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तरावड़ी थाना पुलिस ने इस मामले में लड़की के पिता रणधीर, लड़के भाई संदीप व रिश्तेदार धर्मबीर के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कौर की अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया।
सरकारी वकील कादियान ने बताया कि अदालत ने लड़की के पिता रणधीर को हत्या का दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी किया। इसके बाद मृतक मनोज के भाई संदीप व रिश्तेदार को अदालत ने साक्ष्य मिटाने का दोषी करार देते हुए सात-सात साल कैद की सुनाई, साथ ही दोनों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी ठोका।
फैसला सुनते ही फफक पड़े परिजन
जैसे ही अदालत ने लड़की के पिता व अन्य को सजा सुनाई तो अदालत के बाहर खड़े परिजन फफक पड़े। महिलाओं के रोने की आवाज सुनकर अदालत परिसर में सन्नाटा छा गया। बाद में पुलिस व वकीलों ने महिलाओं को शांत कराया और अदालत परिसर में नीचे ले आए।