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Karnal News: घर से सीखे थे बॉक्सिंग के गुर, फलक पर पहुंचे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2024 05:26 AM IST
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Learned boxing tricks from home, reached the podium
- पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल कर चुके मुक्केबाज निशांत बोले, देश के लिए पदक लाना है लक्ष्य
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संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। कर्णनगरी के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज निशांत देव ने पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल कर लिया है। निशांत ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पिता पवन देव को दिया है। निशांत ने बातचीत के दौरान बताया कि बॉक्सिंग की जिस भी राज्य या राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में वह भाग लेने के लिए गया, पिता ने उन्हें वहां पूरी तैयारी के साथ भेजा।
निशांत ने बताया कि जिस तरह बच्चे की प्रारंभिक पाठशाला उसका परिवार होता है, उसी तरह बॉक्सिंग का पहला पाठ भी उन्होंने घर से ही सीखा। उन्होंने बताया कि उनके मामा कर्मबीर सिंह जर्मनी में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर थे, उन्हें देखकर ही इस खेल में आने के लिए उत्सुकता बढ़ी। वहीं चाचा ऋषि जो कि शौकिया बाॅक्सर थे, उन्होंने बचपन में उन्हें इस खेल की बारीकियां सिखाईं।
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निशांत के पिता ने बताया कि उसकी बचपन से ही मुक्केबाजी में रुचि थी। जब वह स्कूल में था तभी से उसमें खेल के प्रति जुनून दिखने लगा। निशांत ने इसी प्रतिभा को कर्ण स्टेडियम में अभ्यास कर निखारा है। उसके मुख्य कोच सुरेंद्र चौहान ने उन्हें बेहतर प्रशिक्षण दिया। इसकी बदौलत निशांत आज इस मुकाम तक पहुंचा।
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देश के लिए स्वर्ण पदक लाना लक्ष्य
निशांत के पिता पवन देव ने बताया कि निशांत ओलंपिक में दम दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उसका पहला मुकाबला 28 जुलाई को होगा। इस बार निशांत का मुख्य लक्ष्य देश के लिए स्वर्ण पदक लाना है। पिछली बार निशांत दुर्घटना होने के कारण इस उपलब्धि से चूक गया था लेकिन इस बार वह ओलंपिक में अवश्य देश को पदक दिलवाएगा।


ओलंपिक में खेलने वाले बॉक्सरों को धूल चटा चुका निशांत
निशांत ने बताया कि ओलंपिक क्वालीफाई के दौरान दोनों बार जिन खिलाड़ियों से उनके मुकाबले हुए, वह उन्हें धूल चटा चुका है। ओलंपिक में भी वही खिलाड़ी मेरे साथ मुकाबले में रहेंगे। इसका काफी फायदा मिलेगा। साई के कोच सतीश से भी निरंतर संपर्क में हूं, अभी उन्हीं के पास बारीकियां सीखने जा रहा हूं।
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