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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Lata Mangeshkar was rehearsed for a song from the Punjabi film Jugni by playback singer Vinod Sehgal

संस्मरण: पंजाबी बोल थे, लता जी की आवाज और बन गया बेहतरीन गीत.. ‘हाल जेड़ा जग उते किता ही साड्डे प्यार दा...’

Mon, 07 Feb 2022 04:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह मोहित धुपड़, अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
मोहित धुपड़, अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 07 Feb 2022 04:01 AM IST
सार

लता मंगेशकर को पंजाबी फिल्म ‘जुगनी’ के एक गीत की रिहर्सल पार्श्व गायक विनोद सहगल ने करवाई थी। बोल पंजाबी में थे मगर आसानी से लता ने इस गीत की रिकॉर्डिंग को पूरा किया था। लता की यह प्रतिभा देख म्यूजिक डायरेक्टर की पूरी टीम उत्साहित और हैरान थी। 

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Lata Mangeshkar was rehearsed for a song from the Punjabi film Jugni by playback singer Vinod Sehgal
पंजाबी फिल्म जुगनी के एक गीत की रिकॉर्डिंग के बाद पार्श्व गायक एवं मुख्य सहायक संगीत निर्देशक विनोद सहगल स्टूडियो में लता मंगेशकर के साथ। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

‘हाल जेड़ा जग उते किता ही साड्डे प्यार दा, तेनू वी पे जाए रब्बा बिछोडा तेरे यार दा...’ पंजाबी फिल्म ‘जुगनी’ का यह वह गीत था, जिसने 70 के दशक में खूब तारीफें बटोरी। फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर हंसराज बहल थे और इस गीत को लेकर उत्साह इसलिए था क्योंकि इसे भारत कोकिला लता मंगेशकर ने गाना था।

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चूंकि गाने के बोल पंजाबी में थे, इसलिए इसकी रिहर्सल में थोड़ा समय लगा। लता जी को इस गीत की रिहर्सल बतौर मुख्य सहायक संगीत निर्देशक एवं प्रख्यात गजल और पार्श्व गायक विनोद सहगल ने करवाई थी। विनोद सहगल मूल रूप से हरियाणा के अंबाला छावनी के रहने वाले हैं। संगीत और गायकी की दुनिया में उनका लंबा अनुभव रहा है। रविवार को लता मंगेशकर के निधन की खबर सुनने के बाद से ही विनोद बहुत ज्यादा आहत हैं।
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मुंबई में कई साल बिताने के बाद विनोद सहगल को न केवल लता जी से मिलने का कई बार मौका मिला बल्कि लता जी से उन्होंने बहुत कुछ सीखा भी। लेकिन उस लम्हे को विनोद अपने लिए गर्व की बात मानते हैं, जब उन्होंने इस पंजाबी गाने की रिहर्सल लता जी को करवाई थी।
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विनोद कहते हैं कि गीत के बोल पंजाबी में होने के बावजूद लता जी को रिहर्सल में कोई खासी दिक्कत नहीं पेश आई। उनके साथ सहज ही इस पंजाबी गाने की रिकॉर्डिंग हो गई और यह देखकर स्टूडियो में सभी उत्साहित और हैरान थे।

उसके बाद म्यूजिक डायरेक्टर हंसराज बहल साहब की पूरी टीम ने लता जी के साथ एक यादगार फोटो भी खिंचवाया। उनके लिए लता जी को पंजाबी गाने पर रिहर्सल करवाने एक बेहतरीन स्वर्णिम पल था, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं। 

विनोद का मानना है कि लता जी के जाने के बाद एक युग का अंत हो गया है और हमने संगीत जगत की एक धरोहर खो दी है। सदियों तक लता जी को याद किया जाएगा और संगीत जगत में आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगी।


उनके अनुसार जब से उन्होंने होश संभाला है वह खुद भी लता जी से प्रेरित होकर ही गायकी के क्षेत्र में आए और अंबाला से मुंबई का रुख कर गए थे। वह कहते हैं कि मुंबई में लता जी से कई बार मुलाकात के दौरान उन्होंने गायकी के बारे में बहुत कुछ जाना और सीखा और आज उनके दुनिया से चले जाने की खबर सुनकर वह भीतर से टूट चुके हैं। उनके अनुसार ‘फूल गुलाब’ में भी वह साथ रहे और इसके अलावा उन्हें आशा भोसले जी का भी सानिध्य प्राप्त हुआ।

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