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Karnal News: सड़कें नहीं बनाने पर अल्फा सिटी में भूमि की रजिस्ट्री पर रोक
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देव शर्मा
करनाल। अल्फा इंटरनेशनल सिटी की सड़कें पिछले आठ साल से खस्ताहाल हैं। स्थानीय वाशिंदों ने कई बार सड़कों की मरम्मत कराने को लेकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा उपायुक्त से लेकर जिला नगर योजनाकार निदेशालय तक गुहार भी लगाई। अब नगर योजनाकार विभाग ने इस लाइसेंसी कॉलोनी के बिल्डर पर कार्रवाई की है। निदेशक ने तत्काल प्रभाव से कॉलोनी के आठ लाइसेंस नंबरों की करीब 79.35 एकड़ भूमि के प्लाटों आदि रजिस्ट्री करने पर रोक लगा दी गई है। इससे स्थानीय निवासियों में भी खलबली मच गई है।
बता दें कि अल्फा इंटरनेशनल सिटी करनाल की पॉश कॉलोनियों में एक लाइसेंसी कॉलोनी है, जहां अधिकतर अधिकारियों, सेवानिवृत्त अफसरों की कोठियां हैं। यहां पर सड़कों, पार्कों के रखरखाव के अलावा स्ट्रीट लाइट व अन्य मरम्मत संबंधी सेवाओं का है। कॉलोनी की अधिकतर सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं, जिन पर चलना अब दूभर हो गया है। यहां की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन लंबे समय से इसके लिए लड़ाई लड़ रही है। कई बार स्थानीय वाशिंदों ने आंदोलन भी किए हैं।
पिछले लोक सभा चुनाव में स्थानीय वाशिंदों ने धरना देकर रोड नहीं तो वोट नहीं आंदोलन चलाया, तो आनन फानन में बिल्डर की ओर से सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया लेकिन मतदान के अगले दिन से ही कार्य फिर रोक दिया गया। इसके बाद जब विधानसभा का चुनाव आया तो भी यहां के वाशिंदों ने अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया लेकिन इस बार न तो राजनीतिज्ञों, प्रशासन और न ही बिल्डर ने ध्यान दिया, परिणाम ये है कि यहां की हजारों की आबादी हर रोज जर्जर से सड़कों से गुजरने को विवश है। कॉलोनी में कुछ बड़े स्कूल हैं, जिसमें बच्चों के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं को भी वाहनों से आने जाने में काफी दिक्कत होती है।
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रजिस्ट्री बंद होने से हो रही परेशानी
- शहर में कलक्टर रेट बढ़ने वाले हैं, जिसके कारण यहां के लोग भी शीघ्रता से खरीदे गए प्लाटों और भवनों की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं लेकिन तहसील कार्यालय से अभी पूरी कॉलोनी की ही रजिस्ट्री रोक दी गई है, क्योंकि अभी तहसील प्रशासन उन नंबरों को छांट रहा है, जिनकी रजिस्ट्री पर पाबंदी है। कुल मिलाकर इस पाबंदी से स्थानीय लोगों व उन लोगों को परेशानी का का सामना करना पड़ रहा है, जो यहां अपना आशियाना बनाना चाहते हैं या फिर यहां से जाना चाहते हैं।
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फोटो- 1009
एसआईटी गठित कर बिल्डर की हो जांच : प्रो.मदान
- स्थानीय वाशिंदों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार रोष प्रदर्शन किया। स्थानीय प्रशासन व निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग हरियाणा को लिखित में जानकारी दी लेकिन अब निदेशक ने बिल्डर पर कार्रवाई की है।.सड़कें पिछले आठ सालों से टूटी हैं, अब उम्मीद है, सड़कों की दशा सुधरेगी। यहां सामुदायिक भवन को बैंकट हाल बनाकर अनुचित रूप से व्यावसायिक प्रयोग किया जा रहा है। एसआईटी का गठन करके बिल्डर के विरुद्ध जांच की जानी चाहिए।
- प्रो.जोगिंद्र मदान, प्रधान अल्फा आरडब्ल्यूए।
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सड़कें नहीं बनाने पर रोकी गई रजिस्ट्री : डीटीपी
- बिल्डर द्वारा सड़कों की मरम्मत नहीं कराए जाने की आरडब्ल्यूए की शिकायत पर सुनवाई के बाद लाइसेंस संख्या 948 से 955 तक की 79.35 एकड़ भूमि की फिलहाल रजिस्ट्री होने पर रोक लगा दी गई है। बिल्डर से जवाब भी मांगा गया है।
- सतीश कुमार, जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) करनाल।
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बिना प्रतिबंध वाले नंबरों की रजिस्ट्री खोल दी जाएगी
- नगर योजनाकार निदेशक के आदेश के क्रम में अल्फा सिटी की जमीन की रजिस्ट्री बंद रोक दी गई है। जिन लाइसेंस नंबरों पर प्रतिबंध लगाया गया है, इनकी जांच कर चिन्हित करने के बाद, जिन नंबरों पर प्रतिबंध नहीं होगा, उनकी रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी।
- राजेश खुराना, नायब तहसीलदार, करनाल।
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करनाल। अल्फा इंटरनेशनल सिटी की सड़कें पिछले आठ साल से खस्ताहाल हैं। स्थानीय वाशिंदों ने कई बार सड़कों की मरम्मत कराने को लेकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा उपायुक्त से लेकर जिला नगर योजनाकार निदेशालय तक गुहार भी लगाई। अब नगर योजनाकार विभाग ने इस लाइसेंसी कॉलोनी के बिल्डर पर कार्रवाई की है। निदेशक ने तत्काल प्रभाव से कॉलोनी के आठ लाइसेंस नंबरों की करीब 79.35 एकड़ भूमि के प्लाटों आदि रजिस्ट्री करने पर रोक लगा दी गई है। इससे स्थानीय निवासियों में भी खलबली मच गई है।
बता दें कि अल्फा इंटरनेशनल सिटी करनाल की पॉश कॉलोनियों में एक लाइसेंसी कॉलोनी है, जहां अधिकतर अधिकारियों, सेवानिवृत्त अफसरों की कोठियां हैं। यहां पर सड़कों, पार्कों के रखरखाव के अलावा स्ट्रीट लाइट व अन्य मरम्मत संबंधी सेवाओं का है। कॉलोनी की अधिकतर सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं, जिन पर चलना अब दूभर हो गया है। यहां की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन लंबे समय से इसके लिए लड़ाई लड़ रही है। कई बार स्थानीय वाशिंदों ने आंदोलन भी किए हैं।
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पिछले लोक सभा चुनाव में स्थानीय वाशिंदों ने धरना देकर रोड नहीं तो वोट नहीं आंदोलन चलाया, तो आनन फानन में बिल्डर की ओर से सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया लेकिन मतदान के अगले दिन से ही कार्य फिर रोक दिया गया। इसके बाद जब विधानसभा का चुनाव आया तो भी यहां के वाशिंदों ने अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया लेकिन इस बार न तो राजनीतिज्ञों, प्रशासन और न ही बिल्डर ने ध्यान दिया, परिणाम ये है कि यहां की हजारों की आबादी हर रोज जर्जर से सड़कों से गुजरने को विवश है। कॉलोनी में कुछ बड़े स्कूल हैं, जिसमें बच्चों के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं को भी वाहनों से आने जाने में काफी दिक्कत होती है।
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रजिस्ट्री बंद होने से हो रही परेशानी
- शहर में कलक्टर रेट बढ़ने वाले हैं, जिसके कारण यहां के लोग भी शीघ्रता से खरीदे गए प्लाटों और भवनों की रजिस्ट्री कराना चाहते हैं लेकिन तहसील कार्यालय से अभी पूरी कॉलोनी की ही रजिस्ट्री रोक दी गई है, क्योंकि अभी तहसील प्रशासन उन नंबरों को छांट रहा है, जिनकी रजिस्ट्री पर पाबंदी है। कुल मिलाकर इस पाबंदी से स्थानीय लोगों व उन लोगों को परेशानी का का सामना करना पड़ रहा है, जो यहां अपना आशियाना बनाना चाहते हैं या फिर यहां से जाना चाहते हैं।
फोटो- 1009
एसआईटी गठित कर बिल्डर की हो जांच : प्रो.मदान
- स्थानीय वाशिंदों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार रोष प्रदर्शन किया। स्थानीय प्रशासन व निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग हरियाणा को लिखित में जानकारी दी लेकिन अब निदेशक ने बिल्डर पर कार्रवाई की है।.सड़कें पिछले आठ सालों से टूटी हैं, अब उम्मीद है, सड़कों की दशा सुधरेगी। यहां सामुदायिक भवन को बैंकट हाल बनाकर अनुचित रूप से व्यावसायिक प्रयोग किया जा रहा है। एसआईटी का गठन करके बिल्डर के विरुद्ध जांच की जानी चाहिए।
- प्रो.जोगिंद्र मदान, प्रधान अल्फा आरडब्ल्यूए।
सड़कें नहीं बनाने पर रोकी गई रजिस्ट्री : डीटीपी
- बिल्डर द्वारा सड़कों की मरम्मत नहीं कराए जाने की आरडब्ल्यूए की शिकायत पर सुनवाई के बाद लाइसेंस संख्या 948 से 955 तक की 79.35 एकड़ भूमि की फिलहाल रजिस्ट्री होने पर रोक लगा दी गई है। बिल्डर से जवाब भी मांगा गया है।
- सतीश कुमार, जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) करनाल।
बिना प्रतिबंध वाले नंबरों की रजिस्ट्री खोल दी जाएगी
- नगर योजनाकार निदेशक के आदेश के क्रम में अल्फा सिटी की जमीन की रजिस्ट्री बंद रोक दी गई है। जिन लाइसेंस नंबरों पर प्रतिबंध लगाया गया है, इनकी जांच कर चिन्हित करने के बाद, जिन नंबरों पर प्रतिबंध नहीं होगा, उनकी रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएगी।
- राजेश खुराना, नायब तहसीलदार, करनाल।