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Karnal News: गुरुद्वारे में सजा कीर्तन दरबार
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संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। नौवीं पातशाही शीशगंज गुरुद्वारे में पंचमी पर्व के अवसर पर कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। गुरुद्वारे में सुबह दीवान सजा कर गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश कर अरदास की गई। कीर्तन दरबार में रागी जत्थों ने गुरु की महिमा का बखान कर श्रद्धालुओं को गुरुओं के दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में माथा टेका।
हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तरावड़ी प्रधान गुलाब सिंह ने बताया कि तरावड़ी के ऐतिहासिक शीशगंज गुरुद्वारे में हर महीने पंचमी पर्व मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक शीशगंज गुरुद्वारा में पंचमी का पर्व मनाया गया। हरियाणा के अलावा पंजाब के रागी-जत्थों ने शबद कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। तरावड़ी के ऐतिहासिक शीशगंज गुरुद्वारे में पंचमी के पर्व का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि इसी गुरुद्वारे में श्री गुरुतेग बहादुर जी का शीश यहां पर एक रात के लिए रखा गया था।
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तरावड़ी। नौवीं पातशाही शीशगंज गुरुद्वारे में पंचमी पर्व के अवसर पर कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। गुरुद्वारे में सुबह दीवान सजा कर गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश कर अरदास की गई। कीर्तन दरबार में रागी जत्थों ने गुरु की महिमा का बखान कर श्रद्धालुओं को गुरुओं के दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में माथा टेका।
हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तरावड़ी प्रधान गुलाब सिंह ने बताया कि तरावड़ी के ऐतिहासिक शीशगंज गुरुद्वारे में हर महीने पंचमी पर्व मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक शीशगंज गुरुद्वारा में पंचमी का पर्व मनाया गया। हरियाणा के अलावा पंजाब के रागी-जत्थों ने शबद कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया। तरावड़ी के ऐतिहासिक शीशगंज गुरुद्वारे में पंचमी के पर्व का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि इसी गुरुद्वारे में श्री गुरुतेग बहादुर जी का शीश यहां पर एक रात के लिए रखा गया था।
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