{"_id":"7bbb0536fdbd379abf381ef034342afa","slug":"khalsa-college-student-vow-to-save-child-girl","type":"story","status":"publish","title_hn":"खालसा कॉलेज के विद्यार्थियों ने लिया बेटी बचाने का संकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खालसा कॉलेज के विद्यार्थियों ने लिया बेटी बचाने का संकल्प
करनाल
Updated Thu, 06 Feb 2014 04:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल शहर के गुरु नानक खालसा कॉलेज के छात्रों और प्राध्यापकों ने बुधवार को ‘अमर उजाला’ के अभियान ‘बेटी ही बचाएगी’ के तहत बेटी बचाने का संकल्प लिया।
अभियान के तहत छात्र-छात्राओं ने बेटी के हक में हस्ताक्षर करने का फार्म भरे। ‘अमर उजाला’ की ओर से प्रारंभ किए गए सामाजिक सरोकार के इस अभियान को कॉलेज के छात्रों और प्राध्यापकों ने सराहना के साथ कहा कि वास्तव में यह प्रयास समाज में बदलाव लाने की दिशा में कारगर साबित होगा।
ऐसा सकारात्मक प्रयास परिणाम भी बेहतर देगा। निश्चित तौर पर गर्भ में बेटियों की हत्या करने की दिशा में लोगों की मानसिक सोच में परिवर्तन लाने की दिशा में बेहद सराहनीय साबित होगा। कालेज की प्रिंसिपल डा. पुष्पिंद्रकौर, डा. रेणु गोसांई, डा. सीमा शर्मा, डा. देवी भूषण, डा. बीरसिंह, डा. कृष्ण अरोड़ा, डा. दीपक, प्रो. अमरजीत तथा प्रो. सुरेंद्र समेत काफी छात्र-छात्राओं ने बेटी के हक में हस्ताक्षर कर ‘अमर उजाला’ के अभियान को मजबूती देने की दिशा में काम किया है।
उन लोगों ने कहा कि ऐसा अभियान सामाजिक स्तर पर चलना चाहिए। वास्तव में ‘अमर उजाला’ समाज हित में काम कर रहा है। किसी भी समाचार पत्र का दायित्व समाचार छापने तक काम सीमित नहीं हो जाता है, बल्कि उसकी जिम्मेदारी बड़ी होती है। सामाजिक परिवेश में नवीन और विस्तृत सोच के साथ सकारात्मक प्रयास के संदेश देना भी होता है, जोकि ‘अमर उजाला’ कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियान के तहत छात्र-छात्राओं ने बेटी के हक में हस्ताक्षर करने का फार्म भरे। ‘अमर उजाला’ की ओर से प्रारंभ किए गए सामाजिक सरोकार के इस अभियान को कॉलेज के छात्रों और प्राध्यापकों ने सराहना के साथ कहा कि वास्तव में यह प्रयास समाज में बदलाव लाने की दिशा में कारगर साबित होगा।
ऐसा सकारात्मक प्रयास परिणाम भी बेहतर देगा। निश्चित तौर पर गर्भ में बेटियों की हत्या करने की दिशा में लोगों की मानसिक सोच में परिवर्तन लाने की दिशा में बेहद सराहनीय साबित होगा। कालेज की प्रिंसिपल डा. पुष्पिंद्रकौर, डा. रेणु गोसांई, डा. सीमा शर्मा, डा. देवी भूषण, डा. बीरसिंह, डा. कृष्ण अरोड़ा, डा. दीपक, प्रो. अमरजीत तथा प्रो. सुरेंद्र समेत काफी छात्र-छात्राओं ने बेटी के हक में हस्ताक्षर कर ‘अमर उजाला’ के अभियान को मजबूती देने की दिशा में काम किया है।
विज्ञापन
उन लोगों ने कहा कि ऐसा अभियान सामाजिक स्तर पर चलना चाहिए। वास्तव में ‘अमर उजाला’ समाज हित में काम कर रहा है। किसी भी समाचार पत्र का दायित्व समाचार छापने तक काम सीमित नहीं हो जाता है, बल्कि उसकी जिम्मेदारी बड़ी होती है। सामाजिक परिवेश में नवीन और विस्तृत सोच के साथ सकारात्मक प्रयास के संदेश देना भी होता है, जोकि ‘अमर उजाला’ कर रहा है।
विज्ञापन