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शिकायत निवारण में प्रथम से तृतीय स्थान पर लुढ़का करनाल
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नरेंद्र शर्मा
करनाल। सीएम विंडो के माध्यम से जनता की शिकायतों का निवारण करने में सीएम सिटी करनाल गुरुग्राम से पिछड़ कर तीसरे स्थान पर आ गई है। जबकि कोरोना काल से पूर्व करनाल पहले स्थान पर था। वहीं शिकायतों का समाधान करने में यमुनानगर दूसरे स्थान पर काबिज है। हालांकि करनाल में 97.50 प्रतिशत शिकायतों को निपटाया जा चुका है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना काल से पहले करनाल पहले नंबर था जो कि अब तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। शिकायतों के आधार पर नंबर ऊपर-नीचे होता रहता है। 25 दिसंबर 2014 को प्रदेश में सीएम विंडो की शुरूआत की गई। जहां आम आदमी अपनी किसी भी प्रकार की शिकायत कर सकता है। इसके निवारण के लिए 1 माह का समय निर्धारित किया गया है। संवाद
97.50 प्रतिशत समस्याओं का हुआ निवारण
जानकारी के अनुसार अब तक करनाल सीएम विंडो में 11444 शिकायतें आई हैं। जिनमें से 11124 शिकायतों का निपटान करवाया जा चुका है। इस हिसाब से 97.50 प्रतिशत शिकायतों का निवारण समय रहते करवाया जा चुका है। अन्य पर कार्रवाई जारी है।
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पंचायतों से संबंधित हैं अधिकतर शिकायतें
सीएम विंडो में पंचायतों से संबंधित शिकायतें जिनमें अवैध कब्जा, गली में पशु बांधना, गली मेें गोबर डालना अधिक आती हैं। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना, बीपीएल कार्ड की शिकायतें भी आमतौर पर मिलती हैं।
यह है प्रक्रिया
शिकायतकर्ता को ऑनलाइन शिकायत करनी होती है जो सीधे सीएम सेल में जाती हैं। बड़े मुद्दे उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भेजे जाते हैं। वहीं अन्य शिकायतें विभागों को सीधे तौर पर मार्क होती हैं। जिसका करीब एक माह में निवारण करना होता है।
करनाल सीएम विंडो की शिकायतों के समय पर निवारण में अच्छा काम कर रहा है। अब तक आई शिकायतों में 97.50 का निपटान समय पर हो चुका है।
अभय सिंह, सीटीएम करनाल
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करनाल। सीएम विंडो के माध्यम से जनता की शिकायतों का निवारण करने में सीएम सिटी करनाल गुरुग्राम से पिछड़ कर तीसरे स्थान पर आ गई है। जबकि कोरोना काल से पूर्व करनाल पहले स्थान पर था। वहीं शिकायतों का समाधान करने में यमुनानगर दूसरे स्थान पर काबिज है। हालांकि करनाल में 97.50 प्रतिशत शिकायतों को निपटाया जा चुका है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना काल से पहले करनाल पहले नंबर था जो कि अब तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। शिकायतों के आधार पर नंबर ऊपर-नीचे होता रहता है। 25 दिसंबर 2014 को प्रदेश में सीएम विंडो की शुरूआत की गई। जहां आम आदमी अपनी किसी भी प्रकार की शिकायत कर सकता है। इसके निवारण के लिए 1 माह का समय निर्धारित किया गया है। संवाद
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97.50 प्रतिशत समस्याओं का हुआ निवारण
जानकारी के अनुसार अब तक करनाल सीएम विंडो में 11444 शिकायतें आई हैं। जिनमें से 11124 शिकायतों का निपटान करवाया जा चुका है। इस हिसाब से 97.50 प्रतिशत शिकायतों का निवारण समय रहते करवाया जा चुका है। अन्य पर कार्रवाई जारी है।
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पंचायतों से संबंधित हैं अधिकतर शिकायतें
सीएम विंडो में पंचायतों से संबंधित शिकायतें जिनमें अवैध कब्जा, गली में पशु बांधना, गली मेें गोबर डालना अधिक आती हैं। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना, बीपीएल कार्ड की शिकायतें भी आमतौर पर मिलती हैं।
यह है प्रक्रिया
शिकायतकर्ता को ऑनलाइन शिकायत करनी होती है जो सीधे सीएम सेल में जाती हैं। बड़े मुद्दे उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भेजे जाते हैं। वहीं अन्य शिकायतें विभागों को सीधे तौर पर मार्क होती हैं। जिसका करीब एक माह में निवारण करना होता है।
करनाल सीएम विंडो की शिकायतों के समय पर निवारण में अच्छा काम कर रहा है। अब तक आई शिकायतों में 97.50 का निपटान समय पर हो चुका है।
अभय सिंह, सीटीएम करनाल