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स्मार्ट सिटी की परीक्षा में करनाल पास
करनाल/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2015 12:51 AM IST
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कर्ण नगरी को जिस दिन का बेसब्री से इंतजार था, आखिर वह आ ही गया। देश के
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सौ स्मार्ट शहरों में शामिल होने के लिए करनाल ने दमदार दावेदारी ठोकी। जी
हां, सीएम सिटी करनाल ने स्मार्ट सिटी की परीक्षा पास कर ली है। वो भी
अच्छे अंकों के साथ। इस दौड़ में करनाल मेरिट में रहा है और 100 नंबर की
परीक्षा में 95 अंक लिए हैं।
ऐसे में करनाल को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल करने की जद्दोजहद समाप्त हो गई। बस अब औपचारिक घोषणा का इंतजार है। उधर, नगर निगम ने भी घोषणा का इंतजार किए बिना विकास का खाका तैयार कर लिया है।
चंडीगढ़ मंत्रालय से एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की। हरियाणा से दो शहरों को स्मार्ट सिटी बनाया जाना है। इसके लिए 31 जुलाई तक प्रदेशों से केंद्र को दो शहरों के नाम भेजे जाने थे। शुक्रवार को हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने दो शहरों के नाम तय करते हुए फाइल निदेशक स्थानीय निकाय विभाग को भेज दी। इसके बाद निदेशक से फाइल को केंद्र को भेज दिया है।
अधिकारियों का दावा है कि इस फाइल में पहला नाम करनाल का है। नगर निगम की आयुक्त ने स्मार्ट सिटी बनने का दावा भी किया, साथ ही यह भी कहा कि इसकी आधिकारिक घोषणा चंडीगढ़ से ही होगी। दावा किया जा रहा है कि करनाल को 95 अंक मिले हैं। ऐसे में स्मार्ट बनने में भी करनाल का पहला नंबर होगा। गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी के लिए करनाल, फरीदाबाद, गुड़गांव, हिसार, रोहतक, पलवल, पानीपत और यमुनानगर ने दावेदारी जताई थी। दरअसल, पहले राउंड की परीक्षा पास करने के बाद अब शहर को दूसरे राउंड की परीक्षा पास करनी होगी। इसके लिए शहरवासियों सहित नगर निगम करनाल के पास केवल 4 माह का समय बचा है। दिसंबर तक दूसरे चरण की परीक्षा के लिए नगर निगम करनाल को अपनी प्लानिंग बनाकर पेश करनी होगी।
दिनभर घनघनाते रहे फोन, जश्न के लिए तैयार
सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक मेयर रेनू बाला सहित नगर निगम करनाल की आयुक्त सुमेधा कटारिया सहित वरिष्ठ लेखाकार ओमबीर राणा के पास फोन घनघनाते रहे। हर कोई यह जानने को आतुर था कि स्मार्ट सिटी बनने का आधिकारिक लेटर आया या नहीं। कई अधिकारियों ने तो इस बात से तंग आकर अपने फोन ही बंद कर लिए। सुबह से लेकर शाम तक शहर में ढोल बजाने के लिए शहरवासियों ने पूरी तैयारी कर रखी थी। उधर, शहरवासी जश्न के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। बावजूद इसके लोगों ने फोन व सोशल मीडिया पर एक दूसरे को बधाई दी।
22 जुलाई को हुई थी परीक्षा, अब जनवरी में फिर से होगा इम्तिहान
स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल होने के लिए नगर निगम करनाल ने 7 अन्य शहरों के साथ मिलकर 22 जुलाई को चंडीगढ़ में मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दी थी। खास बात यह है कि इस परीक्षा में शामिल सभी शहरों में करनाल ही एकमात्र ऐसा शहर था, जिसकी ओर से 100 अंकों की इस परीक्षा में सभी 100 अंकों की प्रस्तुति की गई थी। शेष कोई भी शहर 100 अंकों की प्रस्तुति पेश नहीं कर पाया था। दूसरे राउंड की परीक्षा में अब करनाल शहर की ओर से नगर निगम जनवरी माह में चंडीगढ़ में ही होने वाली परीक्षा में फिर से पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन पेश करेगा।
100 अंकों की परीक्षा में शहर को मिले 95 अंक
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि 100 अंकों की परीक्षा में करनाल को 95 अंक मिले। 90 अंकों के साथ फरीदाबाद दूसरे स्थान पर रहा। गुड़गांव और हिसार 87.5 अंक लेकर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर काबिज हो सके। पूर्व सीएम सिटी को 80 अंकों के साथ चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा। यानी जिस शहर (रोहतक) में विकास के सबसे अधिक दावे किए गए थे, उसके दावे धरे के धराये रह गए। परीक्षा में सोनीपत को 78, यमुनानगर को 38, पलवल को 20 व पानीपत को 75 अंक ही मिल पाए।
दो सौ करोड़ रुपये मिलेंगे प्लानिंग के लिए
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये मिलने हैं, लेकिन इन 200 करोड़ रुपये के लिए नगर निगम को प्लानिंग देनी होगी। आखिर इन 200 करोड़ रुपयों को कहां खर्च किया जाएगा। इस प्लानिंग के लिए नगर निगम को 2 करोड़ रुपये का बजट भी मिलेगा। यदि करनाल अपनी इस प्लानिंग में खरा उतरा तो उसे अंतिम दौर की परीक्षा पास करने पर 200 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस पैसे से शहर की सड़कें, पानी, परिवहन, दूर संचार समेत कई मुद्दों पर विशेष काम होगा।
अब 15 अगस्त तक यह होगा
स्मार्ट शहर में बनने के बाद करनाल में सौगातों की झड़ी लग जाएगी। इनमें सबसे पहले 15 अगस्त तक कुछ मुख्य कार्य कराए जाएंगे
1. सबसे पहले आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए कैटल यार्ड बनाया जाएगा। इस कैटल यार्ड को गो आरण्य या गऊ विहार नाम दिया जाएगा। इसमें बछड़ों को रखने की अलग से व्यवस्था की जाएगी।
2. इसी कड़ी में नगर निगम में संपत्ति कर नकद लेना बिल्कुल बंद होगा। अब केवल चेक से पैसे दिए जा सकेंगे या ऑनलाइन, नेट बैंकिंग या बैंक में ही पैसे जमा कराए जा सकेंगे। नकद राशि जमा कराने के लिए मेयर या वरिष्ठ डिप्टी मेयर की अनुमति अनिवार्य रहेगी।
3. 5-10 किलोमीटर एरिया में सफाई संबंधी कार्य ठोस व तरल कूड़े को अलग कर उसका संग्रहण करना सब कुछ आउटसोर्सिंग के तहत कराया जाएगा। एक भी कर्मचारी की नगर निगम नियुक्ति नहीं करेगा।
4. नगर निगम में अनाधिकृत कॉलोनियों, मलिन बस्तियों में कॉलोनियों में सौर ऊर्जा संचालित लाइट लगाने के लिए खंभों पर विज्ञापन लगाने की अनुमति दी जाएगी। जो भी विज्ञापनदाता विज्ञापन लगाएगा सौर ऊर्जा लाइटें लगवाने की जिम्मेदारी उसी की होगी।
5. सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रायोगिक तौर पर नगर निगम आयुक्त के कार्यालय से प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी। यह प्रोजेक्ट कई लाख रुपये का होगा। इस प्रोजेक्ट के जरिये नगर निगम करनाल बिजली निगम को बिजली बेच भी सकेगा।
200 करोड़ के लिए दो सिद्धांतों पर तैयारी
दूसरे चरण की परीक्षा में पास होने के लिए करनाल नगर निगम ने पहले चरण की परीक्षा देने के बाद ही योजना बना ली थी। योजना के तहत नगर निगम करनाल दो सिद्धांतों पर चलकर 200 करोड़ रुपये हासिल करने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ेगा। दूसरे चरण के लिए रेट्रोफिटिंग, ग्रीन फिल्डिंग व री डेवलेपमेंट के तीन चरण तय किए गए हैं। इनमें से करनाल नगर निगम रेट्रो फिटिंग व ग्रीन फिल्डिंग पर काम होगा, लेकिन रेट्रोफिटिंग पर ही निगम अपना मुख्य तौर पर ध्यान केंद्रित करेगा। यानि पुरानी परिस्थितियों में नई सुविधाएं शहरवासियों को दी जाएंगी। इन तीनों के मिश्रण से भी शहर में विकास कार्य कराया जा सकता है।
मिल सकती है 20-20 शहरों को राशि
अधिकारियों को पहले साल में इन 100 शहरों में से 20 शहरों को ही 200 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी। इसी तरह यह क्रम 5 साल तक चलेगा। यानी हर साल पंचवर्षीय योजना के तहत 20 नए शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए 100-100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो दूसरे चरण की परीक्षा बहुत ही जटिल होनी तय है। हालांकि, यह प्रक्रिया अभी तक सुनिश्चित नहीं है। इसके अभी कयास ही लगाए जा रहे हैं।
चीफ सेक्रेटरी ने फाइल मंत्रालय के पास भेज दी है। हमारी दावेदारी सबसे मजबूत है। 95 अंक आने तय हैं, लेकिन बस आधिकारिक रूप से घोषणा का इंतजार है। करनाल के बहुत ही अच्छे दिन आने वाले हैं। यह सब कुछ शहरवासियों के सहयोग से संभव हो पाया है। हम रात को 8 बजे तक औपचारिक घोषणा का इंतजार करेंगे।
सुमेधा कटारिया, आयुक्त नगर निगम करनाल।
ऐसे में करनाल को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल करने की जद्दोजहद समाप्त हो गई। बस अब औपचारिक घोषणा का इंतजार है। उधर, नगर निगम ने भी घोषणा का इंतजार किए बिना विकास का खाका तैयार कर लिया है।
चंडीगढ़ मंत्रालय से एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की। हरियाणा से दो शहरों को स्मार्ट सिटी बनाया जाना है। इसके लिए 31 जुलाई तक प्रदेशों से केंद्र को दो शहरों के नाम भेजे जाने थे। शुक्रवार को हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने दो शहरों के नाम तय करते हुए फाइल निदेशक स्थानीय निकाय विभाग को भेज दी। इसके बाद निदेशक से फाइल को केंद्र को भेज दिया है।
अधिकारियों का दावा है कि इस फाइल में पहला नाम करनाल का है। नगर निगम की आयुक्त ने स्मार्ट सिटी बनने का दावा भी किया, साथ ही यह भी कहा कि इसकी आधिकारिक घोषणा चंडीगढ़ से ही होगी। दावा किया जा रहा है कि करनाल को 95 अंक मिले हैं। ऐसे में स्मार्ट बनने में भी करनाल का पहला नंबर होगा। गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी के लिए करनाल, फरीदाबाद, गुड़गांव, हिसार, रोहतक, पलवल, पानीपत और यमुनानगर ने दावेदारी जताई थी। दरअसल, पहले राउंड की परीक्षा पास करने के बाद अब शहर को दूसरे राउंड की परीक्षा पास करनी होगी। इसके लिए शहरवासियों सहित नगर निगम करनाल के पास केवल 4 माह का समय बचा है। दिसंबर तक दूसरे चरण की परीक्षा के लिए नगर निगम करनाल को अपनी प्लानिंग बनाकर पेश करनी होगी।
दिनभर घनघनाते रहे फोन, जश्न के लिए तैयार
सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक मेयर रेनू बाला सहित नगर निगम करनाल की आयुक्त सुमेधा कटारिया सहित वरिष्ठ लेखाकार ओमबीर राणा के पास फोन घनघनाते रहे। हर कोई यह जानने को आतुर था कि स्मार्ट सिटी बनने का आधिकारिक लेटर आया या नहीं। कई अधिकारियों ने तो इस बात से तंग आकर अपने फोन ही बंद कर लिए। सुबह से लेकर शाम तक शहर में ढोल बजाने के लिए शहरवासियों ने पूरी तैयारी कर रखी थी। उधर, शहरवासी जश्न के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। बावजूद इसके लोगों ने फोन व सोशल मीडिया पर एक दूसरे को बधाई दी।
22 जुलाई को हुई थी परीक्षा, अब जनवरी में फिर से होगा इम्तिहान
स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल होने के लिए नगर निगम करनाल ने 7 अन्य शहरों के साथ मिलकर 22 जुलाई को चंडीगढ़ में मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दी थी। खास बात यह है कि इस परीक्षा में शामिल सभी शहरों में करनाल ही एकमात्र ऐसा शहर था, जिसकी ओर से 100 अंकों की इस परीक्षा में सभी 100 अंकों की प्रस्तुति की गई थी। शेष कोई भी शहर 100 अंकों की प्रस्तुति पेश नहीं कर पाया था। दूसरे राउंड की परीक्षा में अब करनाल शहर की ओर से नगर निगम जनवरी माह में चंडीगढ़ में ही होने वाली परीक्षा में फिर से पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन पेश करेगा।
100 अंकों की परीक्षा में शहर को मिले 95 अंक
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि 100 अंकों की परीक्षा में करनाल को 95 अंक मिले। 90 अंकों के साथ फरीदाबाद दूसरे स्थान पर रहा। गुड़गांव और हिसार 87.5 अंक लेकर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर काबिज हो सके। पूर्व सीएम सिटी को 80 अंकों के साथ चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा। यानी जिस शहर (रोहतक) में विकास के सबसे अधिक दावे किए गए थे, उसके दावे धरे के धराये रह गए। परीक्षा में सोनीपत को 78, यमुनानगर को 38, पलवल को 20 व पानीपत को 75 अंक ही मिल पाए।
दो सौ करोड़ रुपये मिलेंगे प्लानिंग के लिए
शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 200 करोड़ रुपये मिलने हैं, लेकिन इन 200 करोड़ रुपये के लिए नगर निगम को प्लानिंग देनी होगी। आखिर इन 200 करोड़ रुपयों को कहां खर्च किया जाएगा। इस प्लानिंग के लिए नगर निगम को 2 करोड़ रुपये का बजट भी मिलेगा। यदि करनाल अपनी इस प्लानिंग में खरा उतरा तो उसे अंतिम दौर की परीक्षा पास करने पर 200 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस पैसे से शहर की सड़कें, पानी, परिवहन, दूर संचार समेत कई मुद्दों पर विशेष काम होगा।
अब 15 अगस्त तक यह होगा
स्मार्ट शहर में बनने के बाद करनाल में सौगातों की झड़ी लग जाएगी। इनमें सबसे पहले 15 अगस्त तक कुछ मुख्य कार्य कराए जाएंगे
1. सबसे पहले आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए कैटल यार्ड बनाया जाएगा। इस कैटल यार्ड को गो आरण्य या गऊ विहार नाम दिया जाएगा। इसमें बछड़ों को रखने की अलग से व्यवस्था की जाएगी।
2. इसी कड़ी में नगर निगम में संपत्ति कर नकद लेना बिल्कुल बंद होगा। अब केवल चेक से पैसे दिए जा सकेंगे या ऑनलाइन, नेट बैंकिंग या बैंक में ही पैसे जमा कराए जा सकेंगे। नकद राशि जमा कराने के लिए मेयर या वरिष्ठ डिप्टी मेयर की अनुमति अनिवार्य रहेगी।
3. 5-10 किलोमीटर एरिया में सफाई संबंधी कार्य ठोस व तरल कूड़े को अलग कर उसका संग्रहण करना सब कुछ आउटसोर्सिंग के तहत कराया जाएगा। एक भी कर्मचारी की नगर निगम नियुक्ति नहीं करेगा।
4. नगर निगम में अनाधिकृत कॉलोनियों, मलिन बस्तियों में कॉलोनियों में सौर ऊर्जा संचालित लाइट लगाने के लिए खंभों पर विज्ञापन लगाने की अनुमति दी जाएगी। जो भी विज्ञापनदाता विज्ञापन लगाएगा सौर ऊर्जा लाइटें लगवाने की जिम्मेदारी उसी की होगी।
5. सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रायोगिक तौर पर नगर निगम आयुक्त के कार्यालय से प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी। यह प्रोजेक्ट कई लाख रुपये का होगा। इस प्रोजेक्ट के जरिये नगर निगम करनाल बिजली निगम को बिजली बेच भी सकेगा।
200 करोड़ के लिए दो सिद्धांतों पर तैयारी
दूसरे चरण की परीक्षा में पास होने के लिए करनाल नगर निगम ने पहले चरण की परीक्षा देने के बाद ही योजना बना ली थी। योजना के तहत नगर निगम करनाल दो सिद्धांतों पर चलकर 200 करोड़ रुपये हासिल करने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ेगा। दूसरे चरण के लिए रेट्रोफिटिंग, ग्रीन फिल्डिंग व री डेवलेपमेंट के तीन चरण तय किए गए हैं। इनमें से करनाल नगर निगम रेट्रो फिटिंग व ग्रीन फिल्डिंग पर काम होगा, लेकिन रेट्रोफिटिंग पर ही निगम अपना मुख्य तौर पर ध्यान केंद्रित करेगा। यानि पुरानी परिस्थितियों में नई सुविधाएं शहरवासियों को दी जाएंगी। इन तीनों के मिश्रण से भी शहर में विकास कार्य कराया जा सकता है।
मिल सकती है 20-20 शहरों को राशि
अधिकारियों को पहले साल में इन 100 शहरों में से 20 शहरों को ही 200 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी। इसी तरह यह क्रम 5 साल तक चलेगा। यानी हर साल पंचवर्षीय योजना के तहत 20 नए शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए 100-100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो दूसरे चरण की परीक्षा बहुत ही जटिल होनी तय है। हालांकि, यह प्रक्रिया अभी तक सुनिश्चित नहीं है। इसके अभी कयास ही लगाए जा रहे हैं।
चीफ सेक्रेटरी ने फाइल मंत्रालय के पास भेज दी है। हमारी दावेदारी सबसे मजबूत है। 95 अंक आने तय हैं, लेकिन बस आधिकारिक रूप से घोषणा का इंतजार है। करनाल के बहुत ही अच्छे दिन आने वाले हैं। यह सब कुछ शहरवासियों के सहयोग से संभव हो पाया है। हम रात को 8 बजे तक औपचारिक घोषणा का इंतजार करेंगे।
सुमेधा कटारिया, आयुक्त नगर निगम करनाल।