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चार जिलों के लिए राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य योजना लांच
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Mon, 17 Feb 2014 11:43 PM IST
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उम्र की नई दहलीज पर कदम रखते किशोर अवस्था में बच्चे कई तरह के भ्रम और समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। इन भ्रमों में फंसकर वे या तो किसी लत का शिकार हो जाते हैं या फिर शारीरिक व मानसिक बदलावों की अनभिज्ञता में अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर बैठते हैं।
इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए प्रदेश के चार जिलों में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम लांच किया गया है। सोमवार को करनाल से इसकी शुरूआत की गई।
करनाल के अलावा यमुनानगर, पंचकूला और अंबाला को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरूआत डीसी बलराज सिंह ने की।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा ऐसा पहला राज्य है जहां भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इस कार्यक्रम को लागू करने की पहल की गई है। इसके लिए फिलहाल प्रदेश के चार जिलों यमुनानगर, अम्बाला, पंचकूला एवं करनाल को चुना गया है।
इस कार्यक्रम के तहत 10 से 14 वर्ष और 15 से 19 वर्ष के किशोरों का शारीरिक व मानसिक विकास करने के लिए उनमें पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना, यौन प्रजनन और मातृ स्वास्थ्य को सक्षम बनाना, मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाना, किशोरों में क्षति और हिंसा की रोकथाम, नशाखोरी की रोकथाम तथा गैर-संचारी रोगों जैसे की घात, हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्त की रोकथाम के लिए व्यवहार परिर्वतन लाना है।
यह है रणनीति
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो रणनीति बनाई गई है, उसमें किशोरों को शिष्टता प्रदान करने वाली शिक्षा दी जाएगी। इस कार्य में शिक्षा विभाग का सहयोग लिया जाएगा।
हर तीन महीने के बाद किशोर स्वास्थ्य दिवस आयोजित किया जाएगा, जिसमें कार्यक्रम की सफलता का मूल्यांकन व समीक्षा की जाएगी।
किशोरों में एनीमिया यानी खून की कमी को दूर करने के लिए पहले से ही लागू कार्यक्रम साप्ताहिक आयरन और फोलिक एसिड पूरक कार्यक्रम को जारी रखा जाएगा।
महिलाओं में होने वाली माहवारी में स्वच्छता अपनाने के लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा। किशोरों को अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक सुविधाएं देने पर जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के अंतर्गत किशोरों को, परिवार नियोजन, मातृत्व स्वास्थ्य, एड्स रोकथाम की जानकारी, तम्बाकू रोकथाम कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और गैर संचारी रोगों की रोकथाम के कार्यक्रमों से जोड़कर जागरूक किया जाएगा।
डीसी बलराज सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग इस कार्यक्रम का नोडल विभाग है। शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग और पंचायती राज विभाग का सहयोग लेकर कार्यक्रम चलाया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी साथ लिया जाएगा।
इस अवसर पर सीएमओ डा. वंदना भाटिया, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, डीडीपीओ दलीप सिंह खत्री, जिला शिक्षा अधिकारी आशा मुंजाल, सीडीपीओ तथा जिला में स्थित पीएचसी व सीएचसी के प्रभारी डाक्टर उपस्थित थे।
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इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए प्रदेश के चार जिलों में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम लांच किया गया है। सोमवार को करनाल से इसकी शुरूआत की गई।
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करनाल के अलावा यमुनानगर, पंचकूला और अंबाला को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरूआत डीसी बलराज सिंह ने की।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा ऐसा पहला राज्य है जहां भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इस कार्यक्रम को लागू करने की पहल की गई है। इसके लिए फिलहाल प्रदेश के चार जिलों यमुनानगर, अम्बाला, पंचकूला एवं करनाल को चुना गया है।
इस कार्यक्रम के तहत 10 से 14 वर्ष और 15 से 19 वर्ष के किशोरों का शारीरिक व मानसिक विकास करने के लिए उनमें पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना, यौन प्रजनन और मातृ स्वास्थ्य को सक्षम बनाना, मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाना, किशोरों में क्षति और हिंसा की रोकथाम, नशाखोरी की रोकथाम तथा गैर-संचारी रोगों जैसे की घात, हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्त की रोकथाम के लिए व्यवहार परिर्वतन लाना है।
यह है रणनीति
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो रणनीति बनाई गई है, उसमें किशोरों को शिष्टता प्रदान करने वाली शिक्षा दी जाएगी। इस कार्य में शिक्षा विभाग का सहयोग लिया जाएगा।
हर तीन महीने के बाद किशोर स्वास्थ्य दिवस आयोजित किया जाएगा, जिसमें कार्यक्रम की सफलता का मूल्यांकन व समीक्षा की जाएगी।
किशोरों में एनीमिया यानी खून की कमी को दूर करने के लिए पहले से ही लागू कार्यक्रम साप्ताहिक आयरन और फोलिक एसिड पूरक कार्यक्रम को जारी रखा जाएगा।
महिलाओं में होने वाली माहवारी में स्वच्छता अपनाने के लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा। किशोरों को अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक सुविधाएं देने पर जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के अंतर्गत किशोरों को, परिवार नियोजन, मातृत्व स्वास्थ्य, एड्स रोकथाम की जानकारी, तम्बाकू रोकथाम कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और गैर संचारी रोगों की रोकथाम के कार्यक्रमों से जोड़कर जागरूक किया जाएगा।
डीसी बलराज सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग इस कार्यक्रम का नोडल विभाग है। शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग और पंचायती राज विभाग का सहयोग लेकर कार्यक्रम चलाया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी साथ लिया जाएगा।
इस अवसर पर सीएमओ डा. वंदना भाटिया, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, डीडीपीओ दलीप सिंह खत्री, जिला शिक्षा अधिकारी आशा मुंजाल, सीडीपीओ तथा जिला में स्थित पीएचसी व सीएचसी के प्रभारी डाक्टर उपस्थित थे।