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करनाल को मिलीं छह मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं, सीएम ने किया उद्घाटन
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करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये करनाल जिले में 82 लाख से तैयार छह प्रयोगशालाओं सहित प्रदेश भर में 5.32 करोड़ रुपये की लागत से बनी 40 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। लघु सचिवालय पर आयोजित कार्यक्रम में इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप व नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में बनी प्रयोगशाला के शिलापट का अनावरण कर जिला स्तर पर उद्घाटन किया। इन प्रयोगशालाओं से विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि सरकार की हर खेत-स्वस्थ खेत योजना के तहत लगभग तीन सालों में 75 लाख मिट्टी के नमूने की जांच कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य जांच कार्ड वितरित किए जाने का लक्ष्य है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले विज्ञान के विद्यार्थियों को मिट्टी के नमूने इकट्ठा करने तथा जांच करने के कार्य से जोड़ेें।
इससे शुरुआत से ही विज्ञान के विद्यार्थियों में जिज्ञासा पैदा होगी और वे अधिक से अधिक खेतों की मिट्टी जांच करने के कार्य में सहयोग दे सकेंगे। बताया कि मुख्यमंत्री ने स्कूल व कॉलेज की लैब में भी मिट्टी जांच आरंभ कराने का आह्वान किया है। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र गौरसी, इंद्री के एसडीएम सुमित सिहाग, नगराधीश अभय सिंह जांगड़ा, डीडीए डा. आदित्य प्रताप डबास, मार्केटिंग बोर्ड के अधीक्षक अभियंता राजेश कक्कड़ व कार्यकारी अभियंता बिजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
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निसिंग में बनी राज्यस्तरीय प्रयोगशाला
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि निसिंग में राज्य स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला बनी है। इस पर 54 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। नीलोखेड़ी की स्थानीय मिनी लैबोरेट्री पर दो लाख रुपये व कुंजपुरा, तरावड़ी, निगदू, जुंडला में प्रत्येक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला पर साढ़े छह लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
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उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि सरकार की हर खेत-स्वस्थ खेत योजना के तहत लगभग तीन सालों में 75 लाख मिट्टी के नमूने की जांच कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य जांच कार्ड वितरित किए जाने का लक्ष्य है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले विज्ञान के विद्यार्थियों को मिट्टी के नमूने इकट्ठा करने तथा जांच करने के कार्य से जोड़ेें।
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इससे शुरुआत से ही विज्ञान के विद्यार्थियों में जिज्ञासा पैदा होगी और वे अधिक से अधिक खेतों की मिट्टी जांच करने के कार्य में सहयोग दे सकेंगे। बताया कि मुख्यमंत्री ने स्कूल व कॉलेज की लैब में भी मिट्टी जांच आरंभ कराने का आह्वान किया है। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र गौरसी, इंद्री के एसडीएम सुमित सिहाग, नगराधीश अभय सिंह जांगड़ा, डीडीए डा. आदित्य प्रताप डबास, मार्केटिंग बोर्ड के अधीक्षक अभियंता राजेश कक्कड़ व कार्यकारी अभियंता बिजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
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निसिंग में बनी राज्यस्तरीय प्रयोगशाला
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि निसिंग में राज्य स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला बनी है। इस पर 54 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। नीलोखेड़ी की स्थानीय मिनी लैबोरेट्री पर दो लाख रुपये व कुंजपुरा, तरावड़ी, निगदू, जुंडला में प्रत्येक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला पर साढ़े छह लाख रुपये खर्च किए गए हैं।