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Karnal News: नौकरी के नाम पर 27.45 लाख की ठगी मामले में करनाल के दंपती गिरफ्तार
Sun, 21 Sep 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 21 Sep 2025 01:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। ग्रुप डी में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में थाना शहर फतेहाबाद पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दंपती की पहचान इंद्रपाल सिंह, सुदेश, निवासी इंद्री, जिला करनाल के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
थाना शहर फतेहाबाद प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्रा ने बताया कि ये मामला रामलाल निवासी राजीव कॉलोनी, फतेहाबाद की शिकायत पर दो अक्तूबर 2024 को दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में आरोपी दंपती ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा बताकर ग्रुप-डी की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इस झांसे में आकर कई लोगों ने मिलकर 27 लाख 45 हजार रुपये आरोपी दंपती को दे दिए। आरोपियों ने नकली रोल नंबर और व्हाट्सएप मैसेज दिखाकर लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी भर्ती पक्की हो गई है। लेकिन समय बीतने पर न तो नौकरी लगी और न ही पैसे वापस मिले।
शिकायत के अनुसार, कई बार पंचायतें भी हुईं, जिनमें सिर्फ 3 लाख रुपये वापस किए गए, बाकी रकम लौटाने से इंकार कर दिया गया। आरोप है कि आरोपियों ने गारंटी के तौर पर चेक तो दिए, लेकिन नगद राशि लौटाने से मना कर दिया। बाद में पीड़ितों को जान से मारने की धमकियां तक दी गईं। पुलिस इस मामले में आर्थिक लेन-देन, डिजिटल सबूत, फर्जी दस्तावेजों और कॉल डिटेल्स की गहन जांच कर रही है।
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फतेहाबाद। ग्रुप डी में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में थाना शहर फतेहाबाद पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दंपती की पहचान इंद्रपाल सिंह, सुदेश, निवासी इंद्री, जिला करनाल के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
थाना शहर फतेहाबाद प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्रा ने बताया कि ये मामला रामलाल निवासी राजीव कॉलोनी, फतेहाबाद की शिकायत पर दो अक्तूबर 2024 को दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में आरोपी दंपती ने खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा बताकर ग्रुप-डी की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इस झांसे में आकर कई लोगों ने मिलकर 27 लाख 45 हजार रुपये आरोपी दंपती को दे दिए। आरोपियों ने नकली रोल नंबर और व्हाट्सएप मैसेज दिखाकर लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी भर्ती पक्की हो गई है। लेकिन समय बीतने पर न तो नौकरी लगी और न ही पैसे वापस मिले।
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शिकायत के अनुसार, कई बार पंचायतें भी हुईं, जिनमें सिर्फ 3 लाख रुपये वापस किए गए, बाकी रकम लौटाने से इंकार कर दिया गया। आरोप है कि आरोपियों ने गारंटी के तौर पर चेक तो दिए, लेकिन नगद राशि लौटाने से मना कर दिया। बाद में पीड़ितों को जान से मारने की धमकियां तक दी गईं। पुलिस इस मामले में आर्थिक लेन-देन, डिजिटल सबूत, फर्जी दस्तावेजों और कॉल डिटेल्स की गहन जांच कर रही है।
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