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Karnal News: प्रदेश में 17वें पायदान पर आया करनाल
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा बोर्ड 10वीं का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में करीब 4.45 प्रतिशत तक गिरा है। इसके अलावा प्रदेश में भी जिले की स्थिति बिगड़ी है। गत वर्ष तक प्रदेश में 10वें स्थान पर जगह बनाने वाला जिला इस बार खिसक कर 17वें पायदान पर आ गया है।
विद्यार्थी इसलिए खुश हैं, क्योंकि कंपार्टमेंट और फेल का आंकड़ा पिछली बार की तुलना में काफी कम है और पास प्रतिशत गत वर्षों की तुलना में बढ़ा है। ज्यादातर विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक हैं। इस बार जिले का परीक्षा परिणाम 92.28 प्रतिशत रहा है, जबकि गत वर्ष 96.73 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे और शिक्षा विभाग ने जिले का परिणाम 98 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा था। आगे बढ़ने के बजाय रिजल्ट चार कदम पीछे आ गया है।
आंकड़ों पर निगाह डालें तो जिले में नियमित विद्यार्थियों में 14007 ने परीक्षा दी थी, इसमें से 12926 पास हुए, 805 की कंपार्टमेंट और 276 फेल हुए हैं। इसके अलावा प्राइवेट परीक्षा देने वाले 93 विद्यार्थियों में 74 पास और 19 फेल हुए। प्राइवेट का पास प्रतिशत 79.57 प्रतिशत रहा। स्थिति यह रही कि बोर्ड की ओर से दोपहर करीब 12 बजे परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया था। लेकिन वेबसाइट पर विद्यार्थी परिणाम नहीं देख पाए। शाम करीब चार बजे तक सर्वर डाउन रहा। इसके बाद कुछ विद्यार्थियों के नतीजे खुलना शुरू हुए। वेबसाइट करीब शाम सात बजे तक डाउन रही। इस कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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गणित की परीक्षा में बाहर से प्रश्न पूछे जाने की शिकायतें आई थीं। इस पर छात्र हित को देखते हुए प्रत्येक विद्यार्थी को 10 अंक ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं। परिणाम में प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूल पिछड़ गए हैं।
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करनाल। हरियाणा बोर्ड 10वीं का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में करीब 4.45 प्रतिशत तक गिरा है। इसके अलावा प्रदेश में भी जिले की स्थिति बिगड़ी है। गत वर्ष तक प्रदेश में 10वें स्थान पर जगह बनाने वाला जिला इस बार खिसक कर 17वें पायदान पर आ गया है।
विद्यार्थी इसलिए खुश हैं, क्योंकि कंपार्टमेंट और फेल का आंकड़ा पिछली बार की तुलना में काफी कम है और पास प्रतिशत गत वर्षों की तुलना में बढ़ा है। ज्यादातर विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक हैं। इस बार जिले का परीक्षा परिणाम 92.28 प्रतिशत रहा है, जबकि गत वर्ष 96.73 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे और शिक्षा विभाग ने जिले का परिणाम 98 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा था। आगे बढ़ने के बजाय रिजल्ट चार कदम पीछे आ गया है।
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आंकड़ों पर निगाह डालें तो जिले में नियमित विद्यार्थियों में 14007 ने परीक्षा दी थी, इसमें से 12926 पास हुए, 805 की कंपार्टमेंट और 276 फेल हुए हैं। इसके अलावा प्राइवेट परीक्षा देने वाले 93 विद्यार्थियों में 74 पास और 19 फेल हुए। प्राइवेट का पास प्रतिशत 79.57 प्रतिशत रहा। स्थिति यह रही कि बोर्ड की ओर से दोपहर करीब 12 बजे परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया था। लेकिन वेबसाइट पर विद्यार्थी परिणाम नहीं देख पाए। शाम करीब चार बजे तक सर्वर डाउन रहा। इसके बाद कुछ विद्यार्थियों के नतीजे खुलना शुरू हुए। वेबसाइट करीब शाम सात बजे तक डाउन रही। इस कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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गणित की परीक्षा में बाहर से प्रश्न पूछे जाने की शिकायतें आई थीं। इस पर छात्र हित को देखते हुए प्रत्येक विद्यार्थी को 10 अंक ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं। परिणाम में प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूल पिछड़ गए हैं।