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Karnal News: भारोत्तोलन में कर्ण स्टेडियम के खिलाड़ी चमका रहे नाम
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- एकमात्र महिला कोच खिलाड़ियों को दे रही प्रशिक्षण
- खिलाड़ियों को सुबह व शाम के सत्र में करवाया जाता है अभ्यास
सुखदेव चौहान
करनाल। कर्ण स्टेडियम के भारोत्तोलन खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। यहां की नर्सरी में 2018 से एकमात्र महिला कोच ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। वर्तमान में भारोत्तोलन की खेल नर्सरी में करीब 40 खिलाड़ी हैं। अकादमी में सुबह व शाम दोनों सत्रों में खिलाड़ियों को अभ्यास करवाया जाता है।
यहां की नर्सरी के बेहतर खिलाड़ियों में युद्धवीर, जयदीप, वंश, परीक्षित तथा तन्नु, हैरिश, समीक्षा, पूजा व राधिका शामिल है। नर्सरी के अधिकतर खिलाड़ी मध्यम परिवार से ही आते हैं। खेल विभाग की ओर से खेल सुविधाओं का अभाव होते हुए भी खिलाड़ी मुफलिसी को मात देते हुए अपनी प्रतिभा के दम पर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। अकादमी के करीब 12 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। वहीं 2018 से अब तक करीब 50 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर व 80 खिलाड़ी जिला स्तर के लिए तैयार हो चुके हैं।
हाल ही में नर्सरी के दो खिलाड़ियों का चयन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में ग्रुप डी के लिए हुआ है। कोच मोनिका ने बताया कि खिलाड़ियों को सुबह के सत्र में छह से आठ बजे तक तथा शाम के सत्र में चार से सात बजे तक अभ्यास करवाया जाता है। इससे पहले खिलाड़ियों को वॉर्म अप करने के लिए कसरत करवाई जाती है।
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खिलाड़ियों से बातचीत
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक लाना अगला प्रयास
मैंने ओपन स्टेट प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता है। मैं भारोत्तोलन की अंडर 17 आयु वर्ग में भाग लेती हूं। अगला प्रयास राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने का है। मेरे जीवन का लक्ष्य है कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन करूं।
- नेहा
स्कूली स्टेट गेम में जीता है स्वर्ण पदक
मैंने स्कूली राज्य स्तरीय खेलों में अंडर 19 आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। इसी प्रदर्शन की बदौलत स्कूली राष्ट्रीय स्तर की खेलों में भाग लेकर करनाल जिले का प्रतिनिधित्व किया है। कोच मोनिका से बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है जिसकी बदौलत निरंतर नए आयामों को छू रही हूं।
- शारदा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने का सपना
स्कूल खेलों में भाग लेकर कांस्य पदक जीता है। अभी कुछ समय पहले ही कर्ण स्टेडियम में अकादमी में शुरुआत की। धीरे-धीरे अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले व अभिभावकों का नाम रोशन करने का सपना है। कोच का कुशल मार्गदर्शन भरपूर मिल रहा है।
- लवन्या
ओलंपिक में पदक लाना लक्ष्य
जिला स्तर व स्कूल राज्य स्तरीय खेल में कांस्य पदक जीता है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पदक लाना चाहता हूं। इस उपलब्धि को पाकर अगला मुख्य लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक लाने का है।
- अक्षत
इंटर कॉलेज प्रतियोगिताओं में तीन बार जीते हैं पदक
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र में आयोजित इंटर कॉलेज में तीन बार पदक जीते हैं। इस प्रदर्शन मेरा चयन ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए भी हुआ। प्रतियोगिताओं के दौरान प्रयास रहता है कि अपना सौ प्रतिशत देकर कोई न कोई पदक जरूर जीता जाए।
- शुभम
खिलाड़ियों को सिखाएं जाते हैं हर बेहतर गुर
कर्ण स्टेडियम करनाल में 2018 में ज्वाइन किया। उसके बाद ऑल इंडिया सिविल सर्विस भारतोलन चैंपियनशिप की पावर लिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। अब तक जिले के 120 से भी ज्यादा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर चुकी हूं। अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों के पदक लाने के लिए हर बेहतर गुर सिखाया जाता है।
- कोच, मोनिका
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- खिलाड़ियों को सुबह व शाम के सत्र में करवाया जाता है अभ्यास
सुखदेव चौहान
करनाल। कर्ण स्टेडियम के भारोत्तोलन खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। यहां की नर्सरी में 2018 से एकमात्र महिला कोच ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। वर्तमान में भारोत्तोलन की खेल नर्सरी में करीब 40 खिलाड़ी हैं। अकादमी में सुबह व शाम दोनों सत्रों में खिलाड़ियों को अभ्यास करवाया जाता है।
यहां की नर्सरी के बेहतर खिलाड़ियों में युद्धवीर, जयदीप, वंश, परीक्षित तथा तन्नु, हैरिश, समीक्षा, पूजा व राधिका शामिल है। नर्सरी के अधिकतर खिलाड़ी मध्यम परिवार से ही आते हैं। खेल विभाग की ओर से खेल सुविधाओं का अभाव होते हुए भी खिलाड़ी मुफलिसी को मात देते हुए अपनी प्रतिभा के दम पर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। अकादमी के करीब 12 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। वहीं 2018 से अब तक करीब 50 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर व 80 खिलाड़ी जिला स्तर के लिए तैयार हो चुके हैं।
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हाल ही में नर्सरी के दो खिलाड़ियों का चयन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में ग्रुप डी के लिए हुआ है। कोच मोनिका ने बताया कि खिलाड़ियों को सुबह के सत्र में छह से आठ बजे तक तथा शाम के सत्र में चार से सात बजे तक अभ्यास करवाया जाता है। इससे पहले खिलाड़ियों को वॉर्म अप करने के लिए कसरत करवाई जाती है।
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खिलाड़ियों से बातचीत
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक लाना अगला प्रयास
मैंने ओपन स्टेट प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता है। मैं भारोत्तोलन की अंडर 17 आयु वर्ग में भाग लेती हूं। अगला प्रयास राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने का है। मेरे जीवन का लक्ष्य है कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन करूं।
- नेहा
स्कूली स्टेट गेम में जीता है स्वर्ण पदक
मैंने स्कूली राज्य स्तरीय खेलों में अंडर 19 आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। इसी प्रदर्शन की बदौलत स्कूली राष्ट्रीय स्तर की खेलों में भाग लेकर करनाल जिले का प्रतिनिधित्व किया है। कोच मोनिका से बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है जिसकी बदौलत निरंतर नए आयामों को छू रही हूं।
- शारदा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने का सपना
स्कूल खेलों में भाग लेकर कांस्य पदक जीता है। अभी कुछ समय पहले ही कर्ण स्टेडियम में अकादमी में शुरुआत की। धीरे-धीरे अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले व अभिभावकों का नाम रोशन करने का सपना है। कोच का कुशल मार्गदर्शन भरपूर मिल रहा है।
- लवन्या
ओलंपिक में पदक लाना लक्ष्य
जिला स्तर व स्कूल राज्य स्तरीय खेल में कांस्य पदक जीता है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पदक लाना चाहता हूं। इस उपलब्धि को पाकर अगला मुख्य लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक लाने का है।
- अक्षत
इंटर कॉलेज प्रतियोगिताओं में तीन बार जीते हैं पदक
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र में आयोजित इंटर कॉलेज में तीन बार पदक जीते हैं। इस प्रदर्शन मेरा चयन ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के लिए भी हुआ। प्रतियोगिताओं के दौरान प्रयास रहता है कि अपना सौ प्रतिशत देकर कोई न कोई पदक जरूर जीता जाए।
- शुभम
खिलाड़ियों को सिखाएं जाते हैं हर बेहतर गुर
कर्ण स्टेडियम करनाल में 2018 में ज्वाइन किया। उसके बाद ऑल इंडिया सिविल सर्विस भारतोलन चैंपियनशिप की पावर लिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। अब तक जिले के 120 से भी ज्यादा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर चुकी हूं। अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों के पदक लाने के लिए हर बेहतर गुर सिखाया जाता है।
- कोच, मोनिका