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Karnal News: कमाल... कॉलोनी बसी ही नहीं, नियमितीकरण के लिए भेज दिया प्रस्ताव
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। घरौंडा क्षेत्र में चार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए आवेदन किए गए। मगर बिना जांच पड़ताल किए नगरपालिका घरौंडा के सचिव ने इन कॉलोनियों की फाइलों को जिला नगर योजनाकार कार्यालय (डीटीपी) करनाल को भेज दिया। जब मौके पर जाकर सत्यापन किया गया तो मौके पर कोई कॉलोनी मिली ही नहीं। इससे अब डीटीपी ने आवेदकों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताते है कि 24 अप्रैल को नगर पालिका घरौंडा के सचिव ने डीटीपी कार्यालय करनाल को चार अवैध कॉलोनियों की फाइलें भेजी। जिसमें कृष्णा काॅलोनी, जो जीटी रोड पर बताई गई, इसका क्षेत्रफल 1.20 एकड बताया गया। दूसरी 3.10 एकड़ क्षेत्रफल वाली सरदार हरबंस सिहं काॅलोनी पानोडी रोड, तीसरी गोकुलधाम काॅलोनी मलिकपुर रोड (0.999 एकड) और चौथी कॉलोनी सांई काॅलोनी जीटी रोड पर बताई गई। जिसका क्षेत्रफल 2.83 एकड बताया गया। नगर पालिका के सचिव ने अनुरोध किया कि इन कॉलोनियां को नियमित किया जाए। इन कॉलोनियों के मानक लगभग पूरे बताए गए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया गया। हालांकि ये फाइल वास्तव में नपा सचिव ने भेजी या फिर कोई खेल किया गया है, ये तो जांच में ही पता चलेगा लेकिन इस फाइल के बाद डीटीपी कार्यालय ने कार्य शुरू कर दिया।
कॉलोनाइजरों पर शक
जिला नगर योजनाकार गुंजन वर्मा ने बताया कि 24 अप्रैल को सचिव, नगर पालिका घरौंडा कार्यालय से मिली चार अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण की फाइल की जांच की गई तो हैरत हुई, क्योंकि मौके पर ऐसी कोई कॉलोनी है ही नहीं। यहां ऐसी कोई कॉलोनी अब तक विकसित ही नही की गई है। ये सभी फाइलें शायद सरकार द्वारा निर्धारित पाॅलिसी का गलत फायदा उठाने के लिए कॉलोनाइजरों द्वारा फर्जी तरीके से फाइल तैयार कर डीटीपी कार्यालय भिजवा दीं। फिलहाल मामला जांच का विषय है। कहीं आवेदक भी फर्जी तो नहीं हैं।
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- जिला नगर योजनाकार गुंजन वर्मा ने उक्त काॅलोनियों के आवेदकों को फर्जी आवेदन वापस लेने के निर्देश दिए हैं। जिसका पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि सरकार द्वारा जारी रेगुलाइजेशन पाॅलिसी का गलत फायदा उठाने वाले फर्जी आवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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करनाल। घरौंडा क्षेत्र में चार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए आवेदन किए गए। मगर बिना जांच पड़ताल किए नगरपालिका घरौंडा के सचिव ने इन कॉलोनियों की फाइलों को जिला नगर योजनाकार कार्यालय (डीटीपी) करनाल को भेज दिया। जब मौके पर जाकर सत्यापन किया गया तो मौके पर कोई कॉलोनी मिली ही नहीं। इससे अब डीटीपी ने आवेदकों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताते है कि 24 अप्रैल को नगर पालिका घरौंडा के सचिव ने डीटीपी कार्यालय करनाल को चार अवैध कॉलोनियों की फाइलें भेजी। जिसमें कृष्णा काॅलोनी, जो जीटी रोड पर बताई गई, इसका क्षेत्रफल 1.20 एकड बताया गया। दूसरी 3.10 एकड़ क्षेत्रफल वाली सरदार हरबंस सिहं काॅलोनी पानोडी रोड, तीसरी गोकुलधाम काॅलोनी मलिकपुर रोड (0.999 एकड) और चौथी कॉलोनी सांई काॅलोनी जीटी रोड पर बताई गई। जिसका क्षेत्रफल 2.83 एकड बताया गया। नगर पालिका के सचिव ने अनुरोध किया कि इन कॉलोनियां को नियमित किया जाए। इन कॉलोनियों के मानक लगभग पूरे बताए गए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया गया। हालांकि ये फाइल वास्तव में नपा सचिव ने भेजी या फिर कोई खेल किया गया है, ये तो जांच में ही पता चलेगा लेकिन इस फाइल के बाद डीटीपी कार्यालय ने कार्य शुरू कर दिया।
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कॉलोनाइजरों पर शक
जिला नगर योजनाकार गुंजन वर्मा ने बताया कि 24 अप्रैल को सचिव, नगर पालिका घरौंडा कार्यालय से मिली चार अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण की फाइल की जांच की गई तो हैरत हुई, क्योंकि मौके पर ऐसी कोई कॉलोनी है ही नहीं। यहां ऐसी कोई कॉलोनी अब तक विकसित ही नही की गई है। ये सभी फाइलें शायद सरकार द्वारा निर्धारित पाॅलिसी का गलत फायदा उठाने के लिए कॉलोनाइजरों द्वारा फर्जी तरीके से फाइल तैयार कर डीटीपी कार्यालय भिजवा दीं। फिलहाल मामला जांच का विषय है। कहीं आवेदक भी फर्जी तो नहीं हैं।
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- जिला नगर योजनाकार गुंजन वर्मा ने उक्त काॅलोनियों के आवेदकों को फर्जी आवेदन वापस लेने के निर्देश दिए हैं। जिसका पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि सरकार द्वारा जारी रेगुलाइजेशन पाॅलिसी का गलत फायदा उठाने वाले फर्जी आवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।