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गरजे जेबीटी तो मिला सीएम का आश्वासन
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Mon, 18 Jul 2016 12:24 AM IST
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जेबीटी का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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चयनित जेबीटी की नियुक्ति को लेकर एक जुलाई को सिरसा से शुरू हुई नियुक्ति रथयात्रा रविवार को सीएम सिटी पहुंची। इसमें चयनित जेबीटी संघर्ष समिति की अध्यक्ष प्रोमिला व राजेंद्र यादव की अगुवाई में करीब चार हजार जेबीटी नई अनाजमंडी में एकत्रित हुए। सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में जेबीटी ने करीब ढाई घंटो तक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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रथ यात्रा का पड़ाव अनाजमंडी में होने की वजह से प्रशासन पहले ही अलर्ट हो गया। जैसे ही रथ यात्रा अनाजमंडी पहुंची तो पुलिस प्रशासन ने मंडी के सभी गेटों पर बेरीकेट लगाकर बाहर जाने के सभी रास्ते बंद कर दिए। करीब ढाई घंटो तक प्रदर्शन करने के बाद जब जेबीटी अपना मांग पत्र लेकर लघु सचिवालय की तरफ आगे बढ़े तो पुलिस ने मंडी के तीसरे गेट पर उन्हें रोक लिया। इस पर गुस्साये जेबीटी अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा मांगे पूरी न होने तक धरने पर डटे रहने की चेतावनी दी। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंचे तहसीलदार व बीडीपीओ से जेबीटी प्रतिनिधियों ने बात करने से इंकार कर दिया। मामला बिगड़ता देख सीएम ने जेबीटी प्रतिनिधिमंडल को लिखित में 19 जुलाई को चंडीगढ़ आवास पर वार्ता के लिए आमंत्रित किया। सीएम की तरफ से तहसीलदार श्यामलाल द्वारा जेबीटी को लिखित में सीएम से मीटिंग का आश्वासन देने पर धरना समाप्त हुआ। दिनभर तनाव का माहौल बना रहा।
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हाईकोर्ट से सिर्फ नियुक्ति पत्र पर रोक लगाई : मुकेश काजल
नियुक्ति रथ यात्रा की अगुवाई करते हुए प्रोमिला, राजेंद्र यादव व मुकेश काजल ने कहा कि केवल नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाई गई है, लेकिन सरकार नियुक्ति की अन्य प्रक्रियाओं को तो पूरा कर सकती है। ताकि हाईकोर्ट से स्टे हटते ही अध्यापकों को तुरंत नियुक्ति मिल सके। उन्होंने कहा कि जब हाई कोर्ट की एकल बैंच से अपील कर्ताओं की सभी याचिकाएं खारिज की थी, तो सरकार द्वारा 42 दिनों के भीतर अध्यापकों को नियुक्ति देने की बात कही थी, लेकिन सरकार द्वारा आश्वासन देने के बाद इस दिशा में कोई भी कदम आगे नहीं बढ़ाया। इससे जेबीटी में रोष है।
सरकार की उपेक्षाओं का शिकार 12731 जेबीटी
पिछले दो सालों से प्रदेश भर में 12731 जेबीटी नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। प्रोमिला ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षक चयन बोर्ड द्वारा 8 नवंबर 2012 को 9870 जेबीटी पदों पर रेगुलर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। सरकार द्वारा हरियाणा कैडर का रिजल्ट 14 अगस्त 2014 को घोषित किया तथा तीन दिन बाद मेवात कैडर का रिजल्ट घोषित कर दिया। विधान सभा चुनाव के चलते चुनाव नियुक्ति प्रक्रिया लटक गई थी। चुनाव के बाद सत्ता में आई भाजपा सरकार द्वारा 72 दिनों के भीतर जेबीटी को नियुक्ति दिलवाने का आश्वासन दिया था। 29 मार्च 2015 को करनाल में चयनित शिक्षकों की महान्याय पंचायत रैली का आयोजन हुआ था। इसमें सीएम ने अध्यापकों की सभी मांगो को पूरा करने की बात कहकर जल्द से जल्द नियुक्ति देने का आश्वासन दिया था। लेकिन सरकार द्वारा अभी तक इस दिशा में कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया है ।
सरकार से कोर्ट में मामले की पैरवी करने की मांग
चयनित जेबीटी संघर्ष समिति सदस्यों ने सरकार से कोर्ट में उनकी मामले की मजबूत पैरवी करने की मांग की है। समिति सदस्य राजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार यदि जेबीटी के पक्ष में हो तो कोर्ट में मामले की मजबूती से पैरवी करे तथा स्टे ऑर्डर हटने तक नियुक्ति की अन्य प्रक्रिया पूरी कर ले, ताकि अध्यापकों को नियुक्ति के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यदि उनकी मांगो को पूरा नहीं किया गया, तो उनकी यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।