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Karnal News: उठान धीमा होने से स्टेट हाईवे तक जाम, इंद्री-बियाना में दो आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Oct 2024 06:12 AM IST
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Jam on state highway due to slow lifting, licenses of two commission agents suspended in Indri-Biana
- इंद्री में गेटपास जारी करने में भी मिली संदिग्धता, मंडियों के अंदर भी जाम से आवागमन प्रभावित
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राइस मिलरों के मंडियों में आने के बाद भी किसानों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। अपेक्षित उठान नहीं होने के कारण मंडियां जाम हैं। इंद्री में स्टेट हाईवे तक धान से भरी ट्रैक्टर ट्रालियों की कतारें पहुंच गई हैं। वहीं, अधिकारियों के निरीक्षण में गेटपास काटने के मामले में संदिग्धता मिली है। 23 सेकेंड में दो गेटपास जारी करने के मामले की जांच की जा रही है, वहीं किसानों की शिकायतों पर दो आढ़तियों की फर्मों के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है। खरीद एजेंसियों को उठान तेज करने के लिए भी नोटिस जारी किए गए हैं। जगह नहीं होने पर घरौंडा मंडी में वीरवार को खरीद बंद रखी जाएगी।
करनाल अनाज मंडी में सुबह तो लंबी कतारें दिखीं लेकिन दोपहर बाद कतारें तो कम हो गईं लेकिन मंडी के अंदर आवागमन नहीं हो पा रहा है, क्योंकि पूरी मंडी में जाम की स्थिति बनी है। यहां उठान की स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। हालांकि प्रशासन ने उठान के लिए भी जीपीएफ लगाकर ट्रकों के स्थान पर ट्रालियों को भी लगाया है। उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि जिले की मंडियों में 4 लाख 26 हजार 8 मीट्रिक टन धान की खरीद सरकारी एजेंसी द्वारा की गई। एजेंसियों को खरीदी गई धान का उठान में तुरंत करवाने के आदेश खरीद एजेंसी को दिए गए हैं। अब तक खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 2 लाख 82 हजार 911 मीट्रिक टन धान, हैफेड द्वारा 87 हजार 89 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाऊस कार्पोरेशन द्वारा 56 हजार 8 मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
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मंडी में नहीं बची धान उतारने की जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। धान की कम उठान के कारण किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडी में फसल गिराने के लिए जगह नहीं है। इंद्री की अनाज मंडी के साथ लगते स्टेट हाईवे तक धान की ढेरियां पहुंच गई हैं। धान की ढेरियों से स्टेट हाईवे की एक लाइन बंद हो चुकी है। जिससे मंडी के बाहर जाम है। शाम के समय राहगीरों को लंबे जाम से जूझना पड़ता है। एक दिन पहले ही यहां एडीसी यस जुलका ने निरीक्षण किया था, इसमें गेटपास को लेकर भी कुछ संदिग्ध मामले पाए गए थे, इसमें 23 सेकेंड में दो गेटपास जारी, पांच गेटपास का भी समय कम था, जिसकी जांच की जा रही है, वहीं किसानों की शिकायत पर इंद्री व बयाना के दो आढ़तियों के फर्म लाइसेंस निलंबित किए गए।
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एडीसी यश जालुका के निर्देश पर दो आढ़त फर्माें पर कार्रवाई की गई है। अरोड़ा ब्रदर्स इंद्री का लाइसेंस सात दिन के लिए और बयाना मंडी की नीलकंठ ट्रेडिंग कंपनी का तीन दिन के लिए निलंबित किया गया है। इंद्री मार्केट कमेटी के सचिव जसबीर ने बताया कि बयाना मंडी में फसल लेकर आए किसान का आरोप था कि आढ़ती उसकी फसल की नीलानी नहीं करवा रहा है। जबकि इंद्री मंडी मे आए किसानों ने हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर धान के एमएसपी से कम दाम मिलने के आरोप लगाए थे। वहीं सचिव ने बताया कि इस बार सरकार ने एप के जरिये किसानों को घर से ही ऑनलाइन गेटपास बनाने की सुविधा दी है, यदि पहले से ही गेटपास तैयार है तो बेहद कम समय में गेटपास जारी हो जाता है।
इधर, इंद्री व बयाना की मंडी से बुधवार तक करीब 32 प्रतिशत धान की ही लिफ्टिंग हुई है। 68 प्रतिशत धान अभी तक मंडियों में पड़ा है। किसानों का कहना है कि समय पर लिफ्टिंग की गई होती तो आज मंडियों में जाम के हालात नहीं बनते। मार्केट कमेटी के आंकड़ों के अनुसार इंद्री व बयाना की अनाज मंडी में 16 अक्तूबर तक 5 लाख 85 हजार 679 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई है। जिसमें से केवल एक लाख 89 हजार 632 क्विंटल धान का ही उठान हुआ है। बुधवार तक इन दोनों मंडियों में 3 लाख 96 हजार 47 क्विंटल पीआर धान उठान की बाट जोह रहा है। मार्केट कमेटी इंद्री के अधिकारियों की मानें तो खरीद एजेंसियों को 4 बार नोटिस भेजे गए हैं। इसके बाद भी उठान की रफ्तार नहीं बढ़ने से किसानों को परेशानी आ रही है।


एमएसपी से कम दाम मिले तो यहां करें शिकायत

अतिरिक्त उपायुक्त यश जालुका ने बताया कि किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न आए इसलिए हेल्प लाइन नंबर 0184-2233134 जारी किया है। इस हेल्प लाइन नंबर पर सप्ताह के सातों दिन सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक किसान फोन कर सकते हैं। यदि किसान की फसल खरीद में कोई देरी हो तो उससे जुड़ी शिकायत इस नंबर पर कर सकता है। मंडी से जुड़ी अन्य कोई शिकायत भी इस नंबर पर की जा सकती है। यदि किसान की फसल एमएसपी से कम दाम पर खरीदी जा रही है तो किसान इस नंबर पर संपर्क करें। ऐसी शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।


किसानों को नहीं आएगी परेशानी

- इस मामले में मार्केट कमेटी के सचिव जसबीर सिंह ने बताया कि उठान नहीं करने की एवज में खरीद एजेंसियों को 4 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि मंडी में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आए।




आज घरौंडा मंडी में नहीं होगी खरीद, सिर्फ उठान होगी
संवाद न्यूज एजेंसी

घरौंडा। नई अनाज मंडी में ट्रैक्टर ट्रालियों व ट्रकों से धान की उठान करने के बावजूद भी उठान कार्य पटरी पर नहीं आ रहा है। जिसके चलते मार्केट कमेटी ने 17 अक्तूबर को धान की उठान कराने के लिए एक बार फिर धान की आवक पर रोक लगा दी है। वीरवार को धान की आवक पर रोक लगने की सूचना मिलते ही किसान धान से भरी ट्रालियां लेकर मंडी में पहुंच गए। जिससे सर्विस लेन व रेलवे रोड पर लंबी कतारें लग गई।

मंडी में धान की आवक बढ़ने के साथ एजेंसी धान की उठान करने में नाकाम हो रही है। अधिकारियों के अनुसार किसानों की ट्रैक्टर ट्रालियां ज्यादा आने के कारण धान से भरे वाहन मंडी से निकल नहीं पा रहे हैं। जिससे उठान का कार्य धीमी गति से चल रहा है। जिसके कारण 17 अक्तूबर को धान की आवक पर रोक लगा दी गई। किसानों का कहना है कि मंडी से उठान न होने के कारण उनको भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी सही समय पर खरीद भी नहीं हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि मंडी में उठान व्यवस्था ठीक करानी चाहिए। अधिकारियों के अनुसार मंडी में पड़ी धान का केवल अभी तक पचास प्रतिशत उठान हो पाई है।
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