फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Jagadhari Civil Hospital leads in delivery

Karnal News: जगाधरी नागरिक अस्पताल प्रसव कराने में आगे

Sun, 03 Aug 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 03 Aug 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
Jagadhari Civil Hospital leads in delivery
जगाधरी सिविल अस्पताल का मुख्य द्वार। संवाद - फोटो : वीडियो ग्रैब
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


जगाधरी। शहर का उपजिला नागरिक अस्पताल प्रसव के लिए गर्भवतियों की पहली पसंद है। चूंकि यहां पर महिलाओं को बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं। यही कारण है कि जगाधरी अस्पताल में जिला नागरिक अस्पताल से भी ज्यादा प्रसव होते हैं। उपजिला नागरिक अस्पताल जगाधरी में प्रतिदिन 15 से 20 प्रसव होते हैं। यहां पर हर महीने 500 से ज्यादा प्रसव होते हैं। इससे जगाधरी अस्पताल में प्रदेश के अन्य बड़े अस्पतालों को भी टक्कर दे रहा है।
उपजिला नागरिक अस्पताल जगाधरी अस्पताल में हर महीने 500 से ज्यादा प्रसव होते हैं। पिछले महीने इस अस्पताल में कुल 496 प्रसव हुए हैं। जिसमें से 251 गर्भवतियों की नॉर्मल डिलिवरी की गई है। वहीं, 245 गर्भवतियों की सिजेरियन डिलिवरी हुई है। इसके विपरीत 105 करोड़ रुपये से बने जिला नागरिक अस्पताल में प्रसव दर जगाधरी से आधी है।
विज्ञापन

जुलाई में सिविल अस्पताल यमुनानगर में कुल 222 प्रसव किए हैं। जिसमें से 161 महिलाओं की नॉर्मल डिलिवरी हुई है। वहीं, यहां पर सिजेरियन केसों की संख्या 61 है। वहीं, जून में करीब 550 प्रसव किए गए हैं। यह हालात तब हैं, जब जगाधरी अस्पताल में जगह व स्टाफ की भारी कमी है। वहीं, सिविल अस्पताल में प्राप्त स्टाफ है और बिस्तर भी ज्यादा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बावजूद इसके गर्भवतियां प्रसव के लिए जगाधरी सिविल अस्पताल ही जाना पसंद करती हैं। इस अस्पताल में प्रसव मामलों का इतना दबाव है कि यहां पर बिस्तर की कमी हो जाती है और अतिरिक्त बिस्तर लगाने पड़ते हैं। अपनी सेवाओं के लिए पांच साल पहले जगाधरी अस्पताल को सरकार की योजना के तहत श्रेष्ठ पाया था। जिसमें 15 लाख रुपये पुरस्कार जीता था। उस दौरान डॉ. पूनम चौधरी जगाधरी अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक थीं।

स्टाफ की भारी कमी
जगाधरी अस्पताल में प्रसव का सबसे ज्यादा दबाव है। यदि हाल फिलहाल की बात करें तो जगाधरी अस्पताल के पास मात्र 10 नर्स हैं। यहां पर नर्स के कुल 46 पद स्वीकृत हैं। जिसमें से मौजूद समय में 18 ही कार्यरत हैं। जिसमें से तीन मातृत्व अवकाश पर चल रही हैं। वहीं, पांच नर्स विभिन्न विभागों की प्रभारी हैं। जिसके बाद मात्र दस नर्स से ही अस्पताल में काम चल रहा है। जगाधरी अस्पताल में मात्र एक ही गायनी है। एक ही स्त्री रोग विशेषज्ञ के बल पर प्रतिदिन 15 से 20 प्रसव किए जा रहे हैं। जो तुलनात्मक तरीके से प्रदेश में सबसे ज्यादा है।

वर्जन
जगाधरी अस्पताल में प्रसव दर काफी है। यहां पर प्रतिदिन 15 से 20 प्रसव किए जाते हैं। स्टाफ की कमी के बावजूद अस्पताल में महिलाओं सहित सभी लोगों को बेहतरीन सुविधाएं मिल रही हैं। यही कारण है कि यमुनानगर के विभिन्न क्षेत्रों से भी महिलाएं जगाधरी अस्पताल में प्रसव के लिए आती हैं। डॉ. अनुज मंगला, चिकित्सा अधीक्षक, जगाधरी अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed