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युवा पीढ़ी का संस्कृति से दूर होना दुर्भाग्य : सांगी मीर मोहम्मद
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रामलीला भवन में श्री सनातन धर्म मंदिर सभा की ओर से आयोजित सांग में चूहड़ माजरा गांव (कैथल) के सांगी मोहम्मद मीर ने बातचीत में बताया कि आज दुर्भाग्य है कि युवा पीढ़ी सांग देखने और सुनने नहीं आ रही, ये हमारी संस्कृति के लिए खतरा है। आज के समय में सभी पर मोबाइल हावी होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले कहीं भी मंदिर, स्कूल और गोशाला का निर्माण होता था तो इसके लिए धन की जरूरत होती थी और ये धन सांग के माध्यम से ही पूरा किया जाता था। आज केवल कुछ बुजुर्ग ही सांग देखने आते हैं। सांगी मोहम्मद मीर राम लीला भवन में श्री सनातन धर्म मंदिर सभा की ओर से आयोजित सांग में सांग का मंचन कर रहे हैं।
मीर ने बताया कि वह 15 सालों से सांग करते आ रहे हैं, लेकिन जो प्यार कर्ण की नगरी के लोग देते हैं ऐसा कहीं नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि सांग हमारी धरोहर है। पहले सांग से बड़ा कोई मनोरंजन का साधन ही नहीं था, दूर-दूर से लोग कई किलोमीटर पैदल चलकर इसे देखने और सुनने आते थे।
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करनाल। रामलीला भवन में श्री सनातन धर्म मंदिर सभा की ओर से आयोजित सांग में चूहड़ माजरा गांव (कैथल) के सांगी मोहम्मद मीर ने बातचीत में बताया कि आज दुर्भाग्य है कि युवा पीढ़ी सांग देखने और सुनने नहीं आ रही, ये हमारी संस्कृति के लिए खतरा है। आज के समय में सभी पर मोबाइल हावी होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले कहीं भी मंदिर, स्कूल और गोशाला का निर्माण होता था तो इसके लिए धन की जरूरत होती थी और ये धन सांग के माध्यम से ही पूरा किया जाता था। आज केवल कुछ बुजुर्ग ही सांग देखने आते हैं। सांगी मोहम्मद मीर राम लीला भवन में श्री सनातन धर्म मंदिर सभा की ओर से आयोजित सांग में सांग का मंचन कर रहे हैं।
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मीर ने बताया कि वह 15 सालों से सांग करते आ रहे हैं, लेकिन जो प्यार कर्ण की नगरी के लोग देते हैं ऐसा कहीं नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि सांग हमारी धरोहर है। पहले सांग से बड़ा कोई मनोरंजन का साधन ही नहीं था, दूर-दूर से लोग कई किलोमीटर पैदल चलकर इसे देखने और सुनने आते थे।
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