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बच्चों को सशक्त बनाना हमारी जिम्मेदारी : जोशी
Sat, 30 Nov 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 30 Nov 2024 02:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पॉक्सो एक्ट 2012 और बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत शुक्रवार को पंचायत भवन में बैठक की गई। जिसकी अध्यक्षता करते हुए हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन प्रवीण जोशी ने पीपीटी के माध्यम से पॉक्सो एक्ट व बाल विवाह अधिनियम को लागू करने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और सशक्त वातावरण प्रदान करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बाल सुरक्षा सलाहकार दिनेश शर्मा व प्रशासनिक सलाहकार निर्मल चहल की मौजूदगी में चार जिलों से आए विभागों के अधिकारियों के साथ अधिनियम पर चर्चा की गई। प्रवीण जोशी ने कहा कि पॉक्सो एक्ट कानून 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को संरक्षण प्रदान करता है। यह अधिनियम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पॉक्सो एक्ट का निर्माण महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा साल 2012 में किया गया था। इसमें 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार से शोषण करने वाले व्यक्ति पर इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। इस कानून का निर्माण नाबालिग बच्ची के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और छेड़छाड़ के मामलों को रोकने के लिए किया गया था।
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इस कानून के द्वारा अलग-अलग अपराधों के लिए अलग सजा का प्रावधान है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स से आग्रह किया कि वे बच्चों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और स्कूल में जाकर बच्चों को इसके प्रति जागरूक करें। इस मौके पर सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उमेश चानना, डीएसपी मीना, डीईओ सुदेश ठुकराल, एडीए संदीप चौहान, जिला बाल संरक्षण अधिकारी करनाल रीना रानी के साथ करनाल, कैथल, सोनीपत व पानीपत के जिले विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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करनाल। पॉक्सो एक्ट 2012 और बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत शुक्रवार को पंचायत भवन में बैठक की गई। जिसकी अध्यक्षता करते हुए हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन प्रवीण जोशी ने पीपीटी के माध्यम से पॉक्सो एक्ट व बाल विवाह अधिनियम को लागू करने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और सशक्त वातावरण प्रदान करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बाल सुरक्षा सलाहकार दिनेश शर्मा व प्रशासनिक सलाहकार निर्मल चहल की मौजूदगी में चार जिलों से आए विभागों के अधिकारियों के साथ अधिनियम पर चर्चा की गई। प्रवीण जोशी ने कहा कि पॉक्सो एक्ट कानून 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को संरक्षण प्रदान करता है। यह अधिनियम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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पॉक्सो एक्ट का निर्माण महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा साल 2012 में किया गया था। इसमें 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार से शोषण करने वाले व्यक्ति पर इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। इस कानून का निर्माण नाबालिग बच्ची के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और छेड़छाड़ के मामलों को रोकने के लिए किया गया था।
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इस कानून के द्वारा अलग-अलग अपराधों के लिए अलग सजा का प्रावधान है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स से आग्रह किया कि वे बच्चों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और स्कूल में जाकर बच्चों को इसके प्रति जागरूक करें। इस मौके पर सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन उमेश चानना, डीएसपी मीना, डीईओ सुदेश ठुकराल, एडीए संदीप चौहान, जिला बाल संरक्षण अधिकारी करनाल रीना रानी के साथ करनाल, कैथल, सोनीपत व पानीपत के जिले विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।