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सूचना आयोग ने ईओ को ठोका जुर्माना
करनाल
Updated Wed, 25 Sep 2013 10:57 PM IST
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तय समय अवधि में सूचना नहीं देना नगर निगम के कार्यकारी अभियंता (ईओ) को भारी पड़ गया है। राज्य सूचना आयुक्त ने ईओ पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। खास बात यह है कि रकम उन्हें अपनी जेब से देनी पड़ेगी।
सूचना देने के बजाय मनमानी करने आयुक्त ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्हें सूचना के साथ जुर्माना अदा करना होगा। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकार संगठन के अध्यक्ष एवं आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट नरेंद्र सुखन ने नौ जुलाई 2012 को नगर निगम क्षेत्र में अवैध रूप से लगे टावरों के बार में सूचना मांगी थी।
अधिकारियों ने तय समय पर सूचना नहीं दी और उन्हें टरकाते रहे। इसके खिलाफ सुखन ने राज्य सूचना अयोग के समक्ष अपील दायर की दी। आयोग ने निगम अधिकारियों को जवाब के लिए बुलाया तो वे हाजिर नहीं हुए। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पुन: हाजिर होने के आदेश दिए गए तो नगर निगम के ईओ सतबीर सिंह अहलावत पेश हुए और सूचना देने की बात कही।
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आयोग ने नगर निगम के अधिकारियों को सूचना उपलब्ध कराने के आदेश दिए तो सूचना दी गई। इस पर सुखन ने देरी के संबंध में कार्रवाई की मांग की। आयोग ने ईओ सतबीर सिंह अहलावत को दो हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए।
आयोग के सख्त रुख अपनाने पर निगम के ईओ सतबीर सिंह अहलावत ने बीमारी और छुट्टियों का हवाला दिया लेकिन वे अपने तर्क को सत्य साबित नहीं कर सके। आयोग ने आदेश में कहा है कि सतबीर सिंह अहलावत इस अवधि के दौरान बीमारी का प्रमाण पत्र और छुट्टियों के संबंध में पुख्ता सुबूत नहीं दे सके, इसलिए उन्हें दोषी करार दिया जाता है।
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सूचना देने के बजाय मनमानी करने आयुक्त ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्हें सूचना के साथ जुर्माना अदा करना होगा। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकार संगठन के अध्यक्ष एवं आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट नरेंद्र सुखन ने नौ जुलाई 2012 को नगर निगम क्षेत्र में अवैध रूप से लगे टावरों के बार में सूचना मांगी थी।
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अधिकारियों ने तय समय पर सूचना नहीं दी और उन्हें टरकाते रहे। इसके खिलाफ सुखन ने राज्य सूचना अयोग के समक्ष अपील दायर की दी। आयोग ने निगम अधिकारियों को जवाब के लिए बुलाया तो वे हाजिर नहीं हुए। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पुन: हाजिर होने के आदेश दिए गए तो नगर निगम के ईओ सतबीर सिंह अहलावत पेश हुए और सूचना देने की बात कही।
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आयोग ने नगर निगम के अधिकारियों को सूचना उपलब्ध कराने के आदेश दिए तो सूचना दी गई। इस पर सुखन ने देरी के संबंध में कार्रवाई की मांग की। आयोग ने ईओ सतबीर सिंह अहलावत को दो हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए।
आयोग के सख्त रुख अपनाने पर निगम के ईओ सतबीर सिंह अहलावत ने बीमारी और छुट्टियों का हवाला दिया लेकिन वे अपने तर्क को सत्य साबित नहीं कर सके। आयोग ने आदेश में कहा है कि सतबीर सिंह अहलावत इस अवधि के दौरान बीमारी का प्रमाण पत्र और छुट्टियों के संबंध में पुख्ता सुबूत नहीं दे सके, इसलिए उन्हें दोषी करार दिया जाता है।