फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Indefinite siege of small secretariat of farmers tomorrow, Section 144 implemented

किसानों का लघु सचिवालय का बेमियादी घेराव कल, लागू की धारा 144

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:26 AM IST
विज्ञापन
Indefinite siege of small secretariat of farmers tomorrow, Section 144 implemented
28 अगस्त को हुए किसानों पर लाठीचार्ज के आरोपियों पर कार्रवाई आदि की मांगों को लेकर घरौंडा किसान पंचायत में भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के सात सितंबर से लघु सचिवालय के अनिश्चितकालीन घेराव के एलान के बाद पुलिस प्रशासन में खलबली है। एक तरफ किसान घेराव को सफल बनाने की तैयारी में जुटे हैं तो वहीं पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारिया कर रहा है। इसी क्रम में जिलाधीश निशांत कुमार यादव ने करनाल में धारा 144 लागू कर दी है। इसमें कहा गया है कि इसका उलंघन करने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

घरौंडा में 30 अगस्त को नई अनाज मंडी में लाठीचार्ज के विरोध में किसान महापंचायत में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा था कि यदि छह सितंबर तक लाठीचार्ज के आरोपी एसडीएम आदि अफसरों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई नहीं की और मृतक किसान सुशील काजल के परिजनों को 25 लाख रुपये व घायलों को दो दो लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया तो सात सितंबर को करनाल के लघु सचिवालय का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे। इसमें हरियाणा सरकार ने एसडीएम आयुष सिन्हा का तबादला तो कर दिया है, लेकिन अन्य कोई कार्रवाई या मांग पर सरकार का रुख अभी सामने नहीं आया है। हालांकि एसडीएम के तबादले को किसान नेताओं ने नाकाफी बताया था। भाकियू जिलाध्यक्ष अजय राणा ने बताया कि किसानों ने लाठीचार्ज के विरोध में सात सितंबर को जिला सचिवालय के अनिश्चितकालीन घेराव की तैयारी कर ली है। मंगलवार सुबह सात बजे करनाल की नई अनाज मंडी में किसान एकत्रित होंगे। उसके बाद पैदल प्रदर्शन करते हुए सेक्टर 12 जिला सचिवालय पहुंचेंगे। सचिवालय गेट को ताला लगाकर कामकाज बंद करवाएंगे।
विज्ञापन

जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती सचिवालय पर यह महापड़ाव जारी रहेगा। हरियाणा के अलावा पंजाब व उत्तरप्रदेश से भी किसान करनाल पहुंचेंगे। साथ ही कृषि कानूनों के खिलाफ उनका आंदोलन बरकरार रहेगा। भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र आर्य ने कहा कि सरकार किसानों की बात सुननी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

घेराव के एलान से पुलिस प्रशासन ने भी बेचैनी है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि प्रदेश के डीजीपी स्वयं भी करनाल आकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले चुके हैं। जिलाधीष निशांत कुमार यादव ने करनाल में निशेधाज्ञा भी इसी घेराव को देखते हुए लागू की है। इसके तहत पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर इकट्ठा होने पर प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार के हथियार लाठी, गंडासी, कुल्हाड़ी, कस्सी, फाला आदि को लेकर चलने पर पाबंदी रहेगी। आदेशों की अवहेलना करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश रविवार से ही लागू हो गए हैं। जोकि सात सितंबर तक लागू रहेंगे। आदेशों का पालन कराने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। पुलिस ने भी भारी पुलिस बल तैनात करने की रणनीति तैयार कर ली है।

मुजफ्फरनगर से लौटे किसान
-रविवार को मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत में भाग लेेने के लिए जिले से हजारों किसान पहुंचे थे। शाम तक उनका वापस लौटना जारी रहा। किसानों ने कहा कि महापंचायत में भी संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने लाठीचार्ज की निंदा की। भाकियू प्रदेश संगठन मंत्री शाम सिंह मान ने कहा कि बड़ी संख्या में किसान मुजफ्फरनगर गए थे। अब सचिवालय घेराव की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed