{"_id":"617db19e6bfb9622f165b653","slug":"increasing-dengue-outbreak-no-stopping-eight-patients-found-karnal-news-knl882400134","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप, नहीं लग रही रोक, आठ मरीज मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप, नहीं लग रही रोक, आठ मरीज मिले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में डेंगू का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में शनिवार को डेंगू के आठ नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 106 पहुंच गई है।
सिविल सर्जन डॉ योगेश शर्मा ने कहा कि मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां होती हैं, इसलिए हमें अपने घर और आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है।
लोगों से अपील की है कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए पानी के बर्तन, टंकी, घड़ों आदि को ढककर रखें और सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, फ्रिज की ट्रे, पशु व पक्षियों के बर्तन व ड्रमों को खाली करके सुखाएं और फिर उनमें पानी डालें। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें। ठहरे पानी में लारवा नाशक दवा डालें। उन्होंने बताया कि जहां पानी ठहरेगा। वहीं मच्छर पनपेगा और यदि हम पानी ठहरने नहीं देंगे तो मच्छर भी पैदा नहीं होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल सर्जन डॉ योगेश शर्मा ने कहा कि मच्छर के काटने से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां होती हैं, इसलिए हमें अपने घर और आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है।
विज्ञापन
लोगों से अपील की है कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए पानी के बर्तन, टंकी, घड़ों आदि को ढककर रखें और सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, फ्रिज की ट्रे, पशु व पक्षियों के बर्तन व ड्रमों को खाली करके सुखाएं और फिर उनमें पानी डालें। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनें। ठहरे पानी में लारवा नाशक दवा डालें। उन्होंने बताया कि जहां पानी ठहरेगा। वहीं मच्छर पनपेगा और यदि हम पानी ठहरने नहीं देंगे तो मच्छर भी पैदा नहीं होंगे।
विज्ञापन