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करनाल: पश्चिमी यमुना नहर में किया अस्थि विसर्जन, लखीमपुर खीरी से लाई गई थी मृतक किसानों की अस्थियां

Thu, 21 Oct 2021 03:59 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल(हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल(हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 21 Oct 2021 03:59 AM IST
सार

लखीमपुर खीरी में मंत्री के बेटे की गाड़ी के नीचे आने से चार किसानों की मौत हो गई थी। संयुक्त किसान मोर्चा ने निर्णय लिया था कि प्रत्येक जिले में मारे गए किसानों की अस्थियां भेजी जाएंगी। पूरे देश में अलग-अलग स्थानों पर अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम रखा गया।

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Immersion of bones done in Western Yamuna Canal in Karnal
कलश में लखीमपुर खीरी से करनाल पहुंची मृतक किसानों की अस्थियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

किसानों ने लखीमपुर खीरी हिंसा में जान गंवाने वाले किसानों की अस्थियां बुधवार को पश्चिमी यमुना नहर में विसर्जित करते हुए श्रद्धांजलि दी। प्रदेश भर में निकाली जा रही अस्थि कलश यात्रा के तहत सोमवार को करनाल में अस्थियां पहुंची थीं। जिन्हें कैथल रोड पर नहर किनारे स्थित गुरुद्वारा भाई लालो जी में रखा गया था।

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गुरुद्वारा भाई लालो जी में सुबह से दोपहर तक कीर्तन व गुरबाणी का पाठ और दिवंगत किसानों की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की गई। गुरबाणी पाठ संपन्न होने के उपरांत दोपहर को भाकियू के बसताड़ा टोल प्लाजा धरना कमेटी अध्यक्ष रामपाल चहल, किसान नेता हैप्पी औलख, बहादुर सिंह मेहला, सुरेंद्र पाल सिंह रामगढ़िया व गुरताज वड़ैच सहित अन्य किसान अस्थि कलश लेकर साथ लगती नहर के घट पर पहुंचे और अस्थियां विसर्जित कर पुष्पांजलि दी।
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गुरताज वड़ैच ने कहा कि देश में यह बड़ी घटना हुई जिसमें किसान शहीद हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई।  
भाकियू आईटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह मेहला ने कहा कि किसानों की मौत के बाद जब किसान लखीमपुरी खीरी जा रहे थे तो उन्हें रोक दिया गया था।

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तब संयुक्त किसान मोर्चा ने निर्णय लिया था कि प्रत्येक जिले में शहीद किसानों की अस्थियां भेजी जाएंगी और श्रद्धांजलि दी जाएगी। पूरे देश में अलग-अलग स्थानों पर अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम रखा गया। खंड अनुसार अस्थि कलश यात्राएं भी निकाली जा रही हैं। 26 अक्टूबर को लखनऊ में किसान महापंचायत होगी।

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