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Karnal News: सरकारी भवन के पास भी लगे अवैध होर्डिंग्स
Tue, 23 Dec 2025 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 23 Dec 2025 02:31 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में अवैध होर्डिंग्स की तो भरमार है ही। विज्ञापन लगाने के लिए कुछ लोग सरकारी और गैर सरकारी इमारतों को भी नहीं बख्श रहे। इमारतों पर अपने उत्पाद की जानकारी पेंट कर दी है। विज्ञापनों का ये तरीका शहर की सुंदरता पर तो धब्बा है ही साथ में वाहनों चालकों के लिए भी खतरे से खाली नहीं हैं। इनको देखकर ध्यान भटकने से हादसे की आशंका है। निगम ने पिछले एक साल में अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई नही की है।
अवैध होर्डिंग बढ़ रहे हैं लेकिन नगर निगम की यूनिपोल साइट खाली पड़ी हैं। हर साल निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शहर में लगे अवैध विज्ञापन साइटों, यूनिपोल और दीवरों पर पेंट के मुद्दे पर अमर उजाला की टीम ने शहर का दौरा किया। सामने आया कि लोगों ने घरों की दीवारों को भी कई प्रकार के विज्ञापनों से पुतवा दिया है। शहर के बीचोंबीच गुजरने वाली फ्लाईओवर के दोनों ओर विज्ञापन पुतवा दिए हैं।
मेरठ रोड पर सबसे ज्यादा पेंटिंग वाले विज्ञापन मिले। इस रोड पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय तक करीब 200 जगहों पर पेंटिंग कर विज्ञापन पुतवाए गए हैं। जीटी रोड की तरह मेरठ रोड पर भी वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है। जीटी रोड के साथ फ्लाईओवर के नीचे तकरीबन सभी अंडरपास और फ्लाईओवर के दोनों ओर की दीवारों पर पेटिंग, पोस्टर और होर्डिंग्स चस्पा किए गए हैं। दिल्ली से अंबाला की ओर जीटी रोड के साथ लगती सरकारी कॉलेज की दीवार से लेकर अन्य संस्थानों पर भी पुताई कराई गई है। फ्लाईओवर के साथ लगने वाले हर चौक चौराहों पर बैनर, पोस्टर और मोबाइल नंबर तक लिखे हैं। निर्मल कुटिया चौक पर भी ऐसे पोस्टर-बैनर लटकाए गए हैं, जिनके साथ सड़क सुरक्षा के नियमों का हवाला तक दिया गया है।
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चलते वाहन पर विज्ञापन देखना जानलेवा
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल ने बताया कि सड़कों पर लगने वाले इन अवैध विज्ञापनों को हटाने के लिए निगम को शिकायत दी जाएगी। ये सड़क पर आवागमन करने वालों के ध्यान को भटकाने का काम करते हैं साथ ही इनके गिरने से दुर्घटना होने का अंदेशा भी बना रहता है। वहीं नगर निगम के जेई दीपक कुमार का कहना है कि निगम की ओर से शहर में अवैध विज्ञापन हटाने की कार्रवाई हमेशा जारी रहती है। कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। जहां भी अवैध होर्डिंग्स, यूनिपोल या विज्ञापन मिलते हैं उनको भी हटाने का काम किया जाता है।
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करनाल। शहर में अवैध होर्डिंग्स की तो भरमार है ही। विज्ञापन लगाने के लिए कुछ लोग सरकारी और गैर सरकारी इमारतों को भी नहीं बख्श रहे। इमारतों पर अपने उत्पाद की जानकारी पेंट कर दी है। विज्ञापनों का ये तरीका शहर की सुंदरता पर तो धब्बा है ही साथ में वाहनों चालकों के लिए भी खतरे से खाली नहीं हैं। इनको देखकर ध्यान भटकने से हादसे की आशंका है। निगम ने पिछले एक साल में अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई नही की है।
अवैध होर्डिंग बढ़ रहे हैं लेकिन नगर निगम की यूनिपोल साइट खाली पड़ी हैं। हर साल निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शहर में लगे अवैध विज्ञापन साइटों, यूनिपोल और दीवरों पर पेंट के मुद्दे पर अमर उजाला की टीम ने शहर का दौरा किया। सामने आया कि लोगों ने घरों की दीवारों को भी कई प्रकार के विज्ञापनों से पुतवा दिया है। शहर के बीचोंबीच गुजरने वाली फ्लाईओवर के दोनों ओर विज्ञापन पुतवा दिए हैं।
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मेरठ रोड पर सबसे ज्यादा पेंटिंग वाले विज्ञापन मिले। इस रोड पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय तक करीब 200 जगहों पर पेंटिंग कर विज्ञापन पुतवाए गए हैं। जीटी रोड की तरह मेरठ रोड पर भी वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है। जीटी रोड के साथ फ्लाईओवर के नीचे तकरीबन सभी अंडरपास और फ्लाईओवर के दोनों ओर की दीवारों पर पेटिंग, पोस्टर और होर्डिंग्स चस्पा किए गए हैं। दिल्ली से अंबाला की ओर जीटी रोड के साथ लगती सरकारी कॉलेज की दीवार से लेकर अन्य संस्थानों पर भी पुताई कराई गई है। फ्लाईओवर के साथ लगने वाले हर चौक चौराहों पर बैनर, पोस्टर और मोबाइल नंबर तक लिखे हैं। निर्मल कुटिया चौक पर भी ऐसे पोस्टर-बैनर लटकाए गए हैं, जिनके साथ सड़क सुरक्षा के नियमों का हवाला तक दिया गया है।
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चलते वाहन पर विज्ञापन देखना जानलेवा
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल ने बताया कि सड़कों पर लगने वाले इन अवैध विज्ञापनों को हटाने के लिए निगम को शिकायत दी जाएगी। ये सड़क पर आवागमन करने वालों के ध्यान को भटकाने का काम करते हैं साथ ही इनके गिरने से दुर्घटना होने का अंदेशा भी बना रहता है। वहीं नगर निगम के जेई दीपक कुमार का कहना है कि निगम की ओर से शहर में अवैध विज्ञापन हटाने की कार्रवाई हमेशा जारी रहती है। कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। जहां भी अवैध होर्डिंग्स, यूनिपोल या विज्ञापन मिलते हैं उनको भी हटाने का काम किया जाता है।