फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   IFFCO's indigenous Nano DAP will now reach the farmers

Karnal News: अब किसानों तक पहुंचेगी इफको की स्वदेशी नैनो डीएपी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Apr 2023 02:31 AM IST
विज्ञापन
IFFCO's indigenous Nano DAP will now reach the farmers
देव शर्मा
विज्ञापन

करनाल। नैनो यूरिया के बाद अब देश में बुधवार को इफको की नैनो डीएपी लॉन्च होने जा रही है। जिसे इफको के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह लॉन्च करेंगे। इसके बाद डीएपी करीब एक सप्ताह के दौरान हरियाणा सहित पूरे देशभर में किसानों के लिए इफको किसान सेवा केंद्रों और सहकारी समितियों पर उपलब्ध हो जाएगी। नैनो डीएपी का ट्रायल रबी और खरीफ की फसलों में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनुसंधान संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ साथ बड़ी संख्या में किसानों के खेतों में भी किया गया है।
इफको के हरियाणा राज्य विपणन प्रबंधक शमशेर सिंह ने बताया कि इफको ने नैनो यूरिया की तरह ही इफको नैनो डीएपी तैयार की है। इसके ट्रायल की बात करें तो आईसीएआर के संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, केवीके में खरीफ की फसलों में 2021 में 15 स्थानों पर धान, मक्का, बाजरा, रागी आदि कई फसलों पर ट्रायल किया गया तो इसी साल रबी की फसलों में 19 स्थानों पर गेहूं, सरसों, आलू, भिंडी, मक्का, चना आदि कई फसलों पर ट्रायल किया है। इसके अलावा किसानों के खेतों में 2021 में खरीफ फसलों में 44 फसलों के 1976 प्रदर्शन किए तो रबी फसलों में 2021-22 के दौरान 38 फसलों पर 1889 प्रदर्शन किए गए हैं। जिनमें नैनो डीएपी ने जबरदस्त सफलता प्राप्त की है।
विज्ञापन

पाया गया है कि यदि खरीफ की फसलों में 50 परंपरागत डीएपी को कम करके उसके स्थान पर नैनो डीएपी का प्रयोग किया जाता है तो 6.64 प्रतिशत उत्पादन बढ़ेगा, रबी की फसल में ये बढ़ोरी 4.58 प्रतिशत रही है। इससे बीज को उपचारित भी किया जाएगा और स्प्रे भी किया जाएगा। अब इफको की नैनो डीएपी तैयार है। ये पूर्णरूप से स्वदेशी है। इसे अब न तो विदेश से आयात करने की जरूरत पड़ेगी और न ही सरकार काे सब्सिडी देने की जरूरत पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

परंपरागत डीएपी से आधे रेट पर मिलेगी
क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. निरंजन सिंह ने बताया कि स्वदेशी नैनो डीएपी देश में पहली बार 26 अप्रैल को इफको मुख्यालय नई दिल्ली से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च किया जाएगा। इसके एक सप्ताह या 10 दिनों के अंदर हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों में इफको सेवा केंद्रों व सहकारिता समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध हो जाएगा। अभी परंपरागत डीएपी (50 किग्रा) की कीमत 1350 रुपये है, जबकि नैनो डीएपी (500 मिली) की कीमत सिर्फ 600 रुपये रखी गई। जितना कार्य परंपरागत डीएपी करेगी, उतना ही कार्य नैनो डीएपी करेगी।

विदेशी आयात पर घटेगी निर्भरता
इफको के हरियाणा राज्य विपणन प्रबंधक शमशेर सिंह ने बताया कि डीएपी ऐसी खाद है, जिसका भारत में कुछ भी उपलब्ध नहीं है। देश के किसानों के लिए सरकार को तैयार डीएपी विदेशों से आयात करनी पड़ती है या फिर इसका कच्चा माल आयात करके देश में उसे तैयार करना पड़ता है। यही कारण है कि ये काफी महंगी पड़ती है, इसमें सरकार को सब्सिडी भी अत्यधिक देनी होती है। नैनो डीएपी पूर्णत: स्वदेशी तकनीक से निर्मित है। इससे विदेशी आयात पर निर्भरता तो घटेगी ही, साथ ही सब्सिडी पर अरबों रुपये सरकार के बचेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed