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बहाली नहीं हुई तो निदेशक कार्यालय का करेंगी घेराव
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। यदि महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग बर्खास्त आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों की बहाली, बकाया मानदेय जारी करवाने और अन्य मांगें तीन जुलाई तक पूरी नहीं करता है तो निदेशक पंचकूला के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
मंगलवार को सीटू कार्यालय में यूनियन की जिला कार्यकारिणी की बैठक जिला प्रधान रूपा राणा की अध्यक्षता में हुई। संचालन सचिव बिजनेश राणा ने किया। उनका आरोप है कि निदेशक और सरकार चार अप्रैल को आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन के साथ किए समझौते से मुकर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान के मानदेय में 75 प्रतिशत की कटौती धोखाधड़ी है, क्योंकि विभाग ने एक पत्र में जारी किया कि 25 प्रतिशत मानदेय काटकर दिया जाए। दोबारा विभाग ने पत्र जारी किया है कि 75 प्रतिशत कटौती करके मानदेय जारी किया जाए। विभाग की वादाखिलाफी की यूनियन निदा करती है।
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जिला प्रधान रूपा राणा, जिला सचिव बिजनेश राणा, सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी व उपप्रधान ओपी माटा ने कहा कि सरकार और विभाग जानबूझकर महिलाओं का मानसिक व आर्थिक शोषण कर रहा है। बिना वजह के प्रदेश की 975 वर्कर्स और हेल्पर्स को नौकरी से बाहर किया हुआ है। बैठक में उपप्रधान उमा शर्मा, सर्वेश राणा, अमरजीत कौर, राकेश राणा, सरोज, रीना, संतोष, पुष्पा राणा, उर्मिला, रेखा, शालिनी, संगीता, नीलम, मंजू और ममता मौजूद रहे।
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करनाल। यदि महिला एवं बाल विकास परियोजना विभाग बर्खास्त आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों की बहाली, बकाया मानदेय जारी करवाने और अन्य मांगें तीन जुलाई तक पूरी नहीं करता है तो निदेशक पंचकूला के कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
मंगलवार को सीटू कार्यालय में यूनियन की जिला कार्यकारिणी की बैठक जिला प्रधान रूपा राणा की अध्यक्षता में हुई। संचालन सचिव बिजनेश राणा ने किया। उनका आरोप है कि निदेशक और सरकार चार अप्रैल को आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन के साथ किए समझौते से मुकर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान के मानदेय में 75 प्रतिशत की कटौती धोखाधड़ी है, क्योंकि विभाग ने एक पत्र में जारी किया कि 25 प्रतिशत मानदेय काटकर दिया जाए। दोबारा विभाग ने पत्र जारी किया है कि 75 प्रतिशत कटौती करके मानदेय जारी किया जाए। विभाग की वादाखिलाफी की यूनियन निदा करती है।
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जिला प्रधान रूपा राणा, जिला सचिव बिजनेश राणा, सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी व उपप्रधान ओपी माटा ने कहा कि सरकार और विभाग जानबूझकर महिलाओं का मानसिक व आर्थिक शोषण कर रहा है। बिना वजह के प्रदेश की 975 वर्कर्स और हेल्पर्स को नौकरी से बाहर किया हुआ है। बैठक में उपप्रधान उमा शर्मा, सर्वेश राणा, अमरजीत कौर, राकेश राणा, सरोज, रीना, संतोष, पुष्पा राणा, उर्मिला, रेखा, शालिनी, संगीता, नीलम, मंजू और ममता मौजूद रहे।