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Karnal News: अधिकतम तापमान बढ़े तो हल्की सिंचाई से नियंत्रित करें किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Mar 2024 03:40 AM IST
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If the maximum temperature increases, farmers should control it with light irrigation.
- भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गेहूं की फसल खेतों में तैयार हो रही है, अब गेहूं में पकाव की अवस्था शुरू हो चुकी है। ऐसे में किसानों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया कि 31 मार्च तक हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान तो सामान्य से थोड़ा कम रह सकती है लेकिन कहीं-कहीं अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है, जिसे हल्की सिंचाई से नियंत्रित किया जा सकता है।
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र को छोड़कर देश के अन्य हिस्सों में 31 मार्च तक न्यूनतम तापमान तो सामान्य से कम रहने की संभावना है लेकिन अधिकतम तापमान थोड़ा बढ़ सकता है। जिसे हल्की सिंचाई से नियंत्रित करें। गेहूं की आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। तेज हवा के मौसम में गिराव (लोजिंग) से बचने के लिए सिंचाई न करें। मार्च मध्य से अंत तक तापमान बढ़ने पर फसल को सूखे से बचाने के लिए और तनाव को कम करने के लिए 0.2 प्रतिशत म्यूरेट ऑफ पोटाश (प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में 400 ग्रामएमओपी घोले) या फिर दो प्रतिशत केएमओ 3 (प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में 4.0 किलोग्राम) दो बार बूटलीफ पर और एंथेसिस चरण के बाद स्प्रे कर सकते हैं।
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कीटों से बचाव के लिए उपाय बताते हुए कहा कि गेहूं में माहूं (चेपा) की निगरानी रखे। पत्ती पर कीट का प्रकोप (ईटीएल 10-15 एफिड/टिलर) होने पर किसान क्विनालफास 25 प्रतिशत ईसी का उपयोग कर सकते हैं। 400 मिली लीटर क्विनालफास को 200-250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
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निदेशक ने बताया कि यदि धारीदार रतुआ (पीला रतुआ) या भूरा रतुआ दिखे तो पुष्टि करने के बाद प्रोपीकोनाजोल 25ईसी के एक स्प्रे को किया जा सकता है। एक लीटर पानी में एक मिली रसायन मिलाना चाहिए। एक एकड़ गेहूं की फसल में 200 मिली कवकनाशी को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है।
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