फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   If school buses run without fitness, action will be taken

Karnal News: बिना फिटनेस के स्कूलों की बसें दौड़ी तो होगी कार्रवाई

Sun, 31 Aug 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 31 Aug 2025 12:51 AM IST
विज्ञापन
If school buses run without fitness, action will be taken
निजी स्कूल की बस। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। अभी तक स्कूलों की बसें बिना फिटनेस व पुलिस वेरिफिकेशन के सड़कों पर दौड़ रही थी। भविष्य में बिना मापदंडों के दौड़ती नजर आई तो कड़ी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में अब स्कूल बसों और वैन में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
दरअसल हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्कूलों को कड़े निर्देश दिए हैं कि बिना फिटनेस, कैमरे और पुलिस वेरिफिकेशन के कोई भी वाहन बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। वहीं निर्देशों में बसों की नियमित जांच, स्टाफ को ट्रेनिंग और बच्चों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने का भी आदेश दिया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापन

निर्देशों के बाद से आरटीए विभाग भी एक्शन मोड में आया गया। विभाग ने 10 से 12 स्कूलों की बसों की जांच की, तो काफी खामियां मिली। जिसमें कई बसों का रोड टैक्स या फिर अन्य दस्तावेज पूरे नहीं थे। ऐसे विभाग ने उनसे 40 से 50 हजार रुपये का जुर्माना कर लाखों रुपये रिकवर किए हैं। इसी तरह अगस्त माह में विभाग ने सवा 100 ओवरलोड वाहनों की जांच की जिनसे 85 लाख रुपये जुर्माने के तौर पर वसूल किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये मापदंड पूरे होना जरूरी
स्कूल बसों के लिए मापदंड में बस का पीला रंग, जीपीएस ट्रैकिंग, 50 किमी प्रतिघंटा की गति सीमा, खिड़कियों पर सुरक्षा ग्रिल, पर्याप्त आपातकालीन निकास द्वार, फायर एक्सटिंगुइशर, फर्स्ट-एड किट, और एक महिला अटेंडेंट की उपस्थिति शामिल है। इसके अलावा चालकों के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम पांच साल का अनुभव और वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए, साथ ही बस का फिटनेस प्रमाणपत्र और बीमा भी अनिवार्य है। इसके अलावा हर वाहन की फिटनेस और नियमित सर्विसिंग, बस में सीसीटीवी कैमरा, फायर सेफ्टी उपकरण तथा बस स्टाफ को आपातकालीन हालात से निपटने का प्रशिक्षण होना अनिवार्य है।

हमने पिछले तीन माह से अभियान चलाकर स्कूलों की बसों पर शिकंजा कसा है। करीब 10 से 12 बसों पर कार्रवाई की है उनके रोड टैक्स, चालकों के लाइसेंस तक नहीं थे। इसके अलावा अन्य दस्तावेज पूरे न होने पर जुर्माना भी लगाया गया है। इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। -एस रेहडू, एटीओ, आरटीए यमुनानगर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed