{"_id":"63126c05e72cce73cc1a3cc0","slug":"hurt-by-classmates-assault-student-swallowed-poisonous-substance-lost-her-life-karnal-news-knl119881040","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहपाठियों की मारपीट से आहत छात्रा ने निगला जहरीला पदार्थ, गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहपाठियों की मारपीट से आहत छात्रा ने निगला जहरीला पदार्थ, गई जान
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर स्थित एक गांव के स्कूल में पढ़ने वाली मेडिकल की छात्रा ने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अपने सहपाठी छात्र और छात्राओं की मारपीट से आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ निगला है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शव गृह में रखवा दिया है।
सिकंदरपुर निवासी मृतक छात्रा की मां ने आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ दिन पहले कक्षा में उसकी बेटी को किताब की जरूरत पड़ी तो उसने अपनी सहेली से एक-दो किताबें ले लीं। जिसका विरोध उसी की कक्षा में पढ़ने वाली अन्य छात्रा ने किया। उसने कहा कि उसके बिना क्लास में पत्ता तक नहीं हिलता तो उसने किताब कैसे ले ली। आरोप है कि यह विवाद इतना बढ़ गया कि विरोध जताने वाली छात्रा ने एक अन्य छात्र की मदद लेकर उसकी बेटी के साथ मारपीट और स्कूल से आते-जाते हुए भी मारपीट की थी। जिसका उसकी बेटी ने घर में जिक्र किया था। इस बात पर मां ने उससे अगले दिन स्कूल में जाने की बात कही थी, लेकिन बेटी ने स्कूल जाने से मना कर दिया। मां ने आरोप लगाया कि एक छात्र ने उसकी बेटी का कही से मोबाइल नंबर भी ले लिया था और उसे परेशान करने लगा था। जिससे उसकी बेटी काफी आहत थी। उसकी बेटी ने मारपीट और उस छात्र से तंग हो के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
अधूरा रह गया डॉक्टर बनने सपना
मां ने बताया कि उसकी बेटी पढ़ाई में काफी होनहार थी और डॉक्टर बनना चाहती थी। गांव घीड़ के स्कूल में मेडिकल की सीट पूरी होने के बाद उसने अपने पापा को मेडिकल की ही पढ़ाई करने पर जोर दिया था तो पिता ने उसका दाखिला वर्तमान स्कूल में करवाया था। आत्महत्या करने के बाद उसका डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया। इस घटना के बाद मां का रो-रोकर बुराहाल है। मां बार-बार आरोपियों को सजा दिलवाकर बेटी को इंसाफ दिलाने की मांग कर रही है।
विज्ञापन
अभी तक परिजनों ने बयान दर्ज नहीं कराएं हैं। जैसे ही परिजनों के बयान दर्ज होेंगे, उसके आधार पर मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शव का पोस्टमार्टम शनिवार को करवाया जाएगा।
सतपाल सिंह, चौकी प्रभारी, ब्याना
विज्ञापन
करनाल। शहर स्थित एक गांव के स्कूल में पढ़ने वाली मेडिकल की छात्रा ने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अपने सहपाठी छात्र और छात्राओं की मारपीट से आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ निगला है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शव गृह में रखवा दिया है।
सिकंदरपुर निवासी मृतक छात्रा की मां ने आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ दिन पहले कक्षा में उसकी बेटी को किताब की जरूरत पड़ी तो उसने अपनी सहेली से एक-दो किताबें ले लीं। जिसका विरोध उसी की कक्षा में पढ़ने वाली अन्य छात्रा ने किया। उसने कहा कि उसके बिना क्लास में पत्ता तक नहीं हिलता तो उसने किताब कैसे ले ली। आरोप है कि यह विवाद इतना बढ़ गया कि विरोध जताने वाली छात्रा ने एक अन्य छात्र की मदद लेकर उसकी बेटी के साथ मारपीट और स्कूल से आते-जाते हुए भी मारपीट की थी। जिसका उसकी बेटी ने घर में जिक्र किया था। इस बात पर मां ने उससे अगले दिन स्कूल में जाने की बात कही थी, लेकिन बेटी ने स्कूल जाने से मना कर दिया। मां ने आरोप लगाया कि एक छात्र ने उसकी बेटी का कही से मोबाइल नंबर भी ले लिया था और उसे परेशान करने लगा था। जिससे उसकी बेटी काफी आहत थी। उसकी बेटी ने मारपीट और उस छात्र से तंग हो के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
विज्ञापन
अधूरा रह गया डॉक्टर बनने सपना
मां ने बताया कि उसकी बेटी पढ़ाई में काफी होनहार थी और डॉक्टर बनना चाहती थी। गांव घीड़ के स्कूल में मेडिकल की सीट पूरी होने के बाद उसने अपने पापा को मेडिकल की ही पढ़ाई करने पर जोर दिया था तो पिता ने उसका दाखिला वर्तमान स्कूल में करवाया था। आत्महत्या करने के बाद उसका डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया। इस घटना के बाद मां का रो-रोकर बुराहाल है। मां बार-बार आरोपियों को सजा दिलवाकर बेटी को इंसाफ दिलाने की मांग कर रही है।
विज्ञापन
अभी तक परिजनों ने बयान दर्ज नहीं कराएं हैं। जैसे ही परिजनों के बयान दर्ज होेंगे, उसके आधार पर मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शव का पोस्टमार्टम शनिवार को करवाया जाएगा।
सतपाल सिंह, चौकी प्रभारी, ब्याना