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वाल्मीकि बस्ती पर चला एचएसवीपी का बुल्डोजर, 25 मकान ध्वस्त
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सेक्टर 12 में करोड़ों की भूमि पर अनाधिकृत रूप से काबिज वाल्मीकि बस्ती के लोगों को हटाने करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की टीम बुधवार को भारी पुलिस फोर्स और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ पहुंची।
सबसे पहले जेसीबी ने ऐसे भवनों को तोड़ना शुरू किया जो भूमि खाली करने के बदले दिए गए प्लॉट में भवन बना चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां की भूमि खाली नहीं कर रहे हैं। दोपहर बाद दो बजे छोटे-बड़े करीब 25 भवनों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान भवन मालिकाें से नोकझोंक भी हुई। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस आदि कई दलों के नेता भी मौके पर पहुंच गए और एचएसवीपी अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जाहिर की। किसी ने बारिश में भवन न तोड़ने की बात कही तो किसी ने समय देने की मांग की। आखिरकार बस्ती वालों को स्वेच्छा से भूमि खाली करने के लिए 15 दिन का समय देकर कार्रवाई को रोक दिया गया।
एचएसवीपी के संपदा अधिकारी दीपक घनघस ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती के लोग अनाधिकृत रूप से बसे हैं। मामला न्यायालय में था, न्यायालय ने भूमि खाली कराने के आदेश दिए हैं। यहां के लोगों को पहले सेक्टर 14 पार्ट-2 में 264 फ्लैट बना कर दिए थे, लेकिन उन्हें छोटा बताकर वहां नहीं गए तो सेक्टर 16 में दो-दो मरले से प्लॉट 259 लोगों को आवंटित किए। इसमें 68 लोगों ने वहां भवन भी बना लिए। 28 रह भी रहे थे, शेष ने ताला डाल रखा है, इसके बावजूद वाल्मीकि बस्ती की जमीन नहीं छोड़ी है। कई बार नोटिस देने के बावजूद जब जगह खाली नहीं की तो बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वाल्मीकि बस्ती में कार्रवाई शुरू की गई।
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सैकड़ों की जुटी भीड़
जैसे ही भारी पुलिस बल के साथ जेसीबी ने भवन तोड़ना शुरू किया मौके पर सैकड़ों की भीड़ एकत्र हो गई। स्थानीय लोग व महिलाएं विरोध करने लगीं, लेकिन अधिक संख्या में पुलिस फोर्स, महिला पुलिस को देख विरोध उग्र नहीं हो सका, हालांकि नोकझोंक जरूर हुई। आप के कार्यकारी जिलाध्यक्ष एवं पार्षद बलविंद्र सिंह, एडवोकेट सोनिया तंवर, कांग्रेस जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह आदि कई नेता भी पहुंच गए। इन नेताओं ने भी एचएसवीपी के ईओ से बहस की, लेकिन बाद में बस्ती वालों को 15 दिन का समय स्वेच्छा से भूमि खाली करने, आवंटित प्लॉटों में शिफ्ट करने पर सहमति होने पर कार्रवाई को रोक दिया गया। एचएसवीपी की ओर से मौके पर संपदा अधिकारी के अलावा कार्यकारी अभिंयता धर्मबीर सिंह मैहला, एसडीओ केशव कृष्ण, जेई राहुल, प्रदुम्न, विशाल और भीम सिंह आदि मौजूद रहे।
सामान समेटना किया शुरू
जैसे ही जेसीबी ने भवनों को तोड़ना शुरू किया तो पूरी बस्ती में खलबली मच गई। कई लोग अपने घरों का सामान निकालने लगे। कुछ लोगों ने तत्काल दूसरे वाहनों की व्यवस्था करके अपना सामान नए भवनों में ले जाना शुरू कर दिया।
बच्चों को कहां ले जाएं
मेरा एक कमरा तोड़ दिया है, मुझे प्लॉट आवंटित किया गया था, लेकिन डीपीसी तैयार करनी थी, जिसकी अनुमति मांगी तो एचएसवीपी ने उसे निरस्त कर दिया। अब वहां भी भवन बनाने नहीं दे रहे, यहां भी तोड़ रहे हैं, अपने बच्चों को आखिर कहां ले जाएं।
- रानी, वाल्मीकि बस्ती
कैसे चलेगा गुजारा
मेरे बच्चे यहां नहीं रहते हैं, मैं बुढ़ापे में अपने पति के साथ यहां रहती हूं। छोटी सी दुकान से गुजारा करती हूं, आज मेरी दुकान वाला भवन भी तोड़ दिया गया है। सामान को बाहर फेंक दिया गया। अब मेरा गुजारा कैसे चलेगा।
- कस्तूरी देवी, वाल्मीकि बस्ती
---
वर्जन
पहले फ्लैट दिए, उसके बाद प्लॉट आवंटित किए। वहां जिन्होंने बना लिया है, वो भी वाल्मीकि बस्ती की जगह नहीं छोड़ रहे हैं। इसके बावजूद किसी ऐसे घर को नहीं तोड़ा गया, जिसमें लोग रह रहे हैं, उन्हीं घरों व दुकानों को तोड़ा है जो खाली थे। जिन लोगों ने आवंटित प्लॉट वाले स्थल पर शिफ्ट कर लिया है। स्वेच्छा से भूमि खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, यदि समयावधि में भूमि खाली नहीं की गई तो फिर कार्रवाई की जाएगी।
- दीपक घनगस, संपदा अधिकारी एचएसवीपी करनाल
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करनाल। सेक्टर 12 में करोड़ों की भूमि पर अनाधिकृत रूप से काबिज वाल्मीकि बस्ती के लोगों को हटाने करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की टीम बुधवार को भारी पुलिस फोर्स और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ पहुंची।
सबसे पहले जेसीबी ने ऐसे भवनों को तोड़ना शुरू किया जो भूमि खाली करने के बदले दिए गए प्लॉट में भवन बना चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां की भूमि खाली नहीं कर रहे हैं। दोपहर बाद दो बजे छोटे-बड़े करीब 25 भवनों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान भवन मालिकाें से नोकझोंक भी हुई। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस आदि कई दलों के नेता भी मौके पर पहुंच गए और एचएसवीपी अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जाहिर की। किसी ने बारिश में भवन न तोड़ने की बात कही तो किसी ने समय देने की मांग की। आखिरकार बस्ती वालों को स्वेच्छा से भूमि खाली करने के लिए 15 दिन का समय देकर कार्रवाई को रोक दिया गया।
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एचएसवीपी के संपदा अधिकारी दीपक घनघस ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती के लोग अनाधिकृत रूप से बसे हैं। मामला न्यायालय में था, न्यायालय ने भूमि खाली कराने के आदेश दिए हैं। यहां के लोगों को पहले सेक्टर 14 पार्ट-2 में 264 फ्लैट बना कर दिए थे, लेकिन उन्हें छोटा बताकर वहां नहीं गए तो सेक्टर 16 में दो-दो मरले से प्लॉट 259 लोगों को आवंटित किए। इसमें 68 लोगों ने वहां भवन भी बना लिए। 28 रह भी रहे थे, शेष ने ताला डाल रखा है, इसके बावजूद वाल्मीकि बस्ती की जमीन नहीं छोड़ी है। कई बार नोटिस देने के बावजूद जब जगह खाली नहीं की तो बुधवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वाल्मीकि बस्ती में कार्रवाई शुरू की गई।
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सैकड़ों की जुटी भीड़
जैसे ही भारी पुलिस बल के साथ जेसीबी ने भवन तोड़ना शुरू किया मौके पर सैकड़ों की भीड़ एकत्र हो गई। स्थानीय लोग व महिलाएं विरोध करने लगीं, लेकिन अधिक संख्या में पुलिस फोर्स, महिला पुलिस को देख विरोध उग्र नहीं हो सका, हालांकि नोकझोंक जरूर हुई। आप के कार्यकारी जिलाध्यक्ष एवं पार्षद बलविंद्र सिंह, एडवोकेट सोनिया तंवर, कांग्रेस जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह आदि कई नेता भी पहुंच गए। इन नेताओं ने भी एचएसवीपी के ईओ से बहस की, लेकिन बाद में बस्ती वालों को 15 दिन का समय स्वेच्छा से भूमि खाली करने, आवंटित प्लॉटों में शिफ्ट करने पर सहमति होने पर कार्रवाई को रोक दिया गया। एचएसवीपी की ओर से मौके पर संपदा अधिकारी के अलावा कार्यकारी अभिंयता धर्मबीर सिंह मैहला, एसडीओ केशव कृष्ण, जेई राहुल, प्रदुम्न, विशाल और भीम सिंह आदि मौजूद रहे।
सामान समेटना किया शुरू
जैसे ही जेसीबी ने भवनों को तोड़ना शुरू किया तो पूरी बस्ती में खलबली मच गई। कई लोग अपने घरों का सामान निकालने लगे। कुछ लोगों ने तत्काल दूसरे वाहनों की व्यवस्था करके अपना सामान नए भवनों में ले जाना शुरू कर दिया।
बच्चों को कहां ले जाएं
मेरा एक कमरा तोड़ दिया है, मुझे प्लॉट आवंटित किया गया था, लेकिन डीपीसी तैयार करनी थी, जिसकी अनुमति मांगी तो एचएसवीपी ने उसे निरस्त कर दिया। अब वहां भी भवन बनाने नहीं दे रहे, यहां भी तोड़ रहे हैं, अपने बच्चों को आखिर कहां ले जाएं।
- रानी, वाल्मीकि बस्ती
कैसे चलेगा गुजारा
मेरे बच्चे यहां नहीं रहते हैं, मैं बुढ़ापे में अपने पति के साथ यहां रहती हूं। छोटी सी दुकान से गुजारा करती हूं, आज मेरी दुकान वाला भवन भी तोड़ दिया गया है। सामान को बाहर फेंक दिया गया। अब मेरा गुजारा कैसे चलेगा।
- कस्तूरी देवी, वाल्मीकि बस्ती
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वर्जन
पहले फ्लैट दिए, उसके बाद प्लॉट आवंटित किए। वहां जिन्होंने बना लिया है, वो भी वाल्मीकि बस्ती की जगह नहीं छोड़ रहे हैं। इसके बावजूद किसी ऐसे घर को नहीं तोड़ा गया, जिसमें लोग रह रहे हैं, उन्हीं घरों व दुकानों को तोड़ा है जो खाली थे। जिन लोगों ने आवंटित प्लॉट वाले स्थल पर शिफ्ट कर लिया है। स्वेच्छा से भूमि खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, यदि समयावधि में भूमि खाली नहीं की गई तो फिर कार्रवाई की जाएगी।
- दीपक घनगस, संपदा अधिकारी एचएसवीपी करनाल

52: मॉडल टाउन स्थित वाल्मिकी बस्ती में एचएसवीपी द्वारा की गई अबैध निर्माण हटाने की कार्यवाही के दौ