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Karnal News: आईटीआई से जमीन खरीद भाजपा कार्यालय जाने का रास्ता बना रहा एचएसवीपी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Mar 2026 12:29 AM IST
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HSVP is building a path to the BJP office by purchasing land from ITI.
जीटी रोड से भाजपा कार्यालय तग आने वाले नए रास्ता का हो रहा है निर्माण। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सेक्टर-9 स्थित भाजपा कार्यालय की कॉलोनी को नेशनल हाईवे-44 से जोड़ने के लिए नया रास्ता बनाया जा रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने इसके लिए करनाल आईटीआई से जमीन खरीदी है। इसके बाद करीब 1100 वर्ग मीटर लंबे रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए मुख्यालय स्तर पर ही कलेक्टर रेट पर एचएसवीपी की ओर से आईटीआई को जमीन की राशि का भुगतान किया गया है। दोनों विभागों की सहमति के बाद ही रास्ता निकाला जा रहा है।
हाईवे से भाजपा कार्यालय की ओर जाने वाले मौजूद रास्ते को हटाकर दोबारा हरियाली करने का सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है। ऐसे में इस रास्ते को तोड़कर यहां दोबारा पौधे लगाए जाएंगे। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एसई धर्मबीर का कहना है कि 120 मीटर लंबी सड़क निकाली जा रही है। आईटीआई से जगह लेने के बाद एनओसी भी ली गई है, इसके बाद ही काम शुरू किया है। नया रास्ता जहां से निकाला जा रहा है, यहां कोई हरियाली नहीं है। इधर, आईटीआई के प्रिंसिपल राकेश भाटिया का कहना है कि नौ मीटर चौड़े और 120 मीटर लंबे रास्ते के लिए करीब 1100 वर्ग मीटर जगह एचएसवीपी ने ली है। मुख्यालय के आदेश के बाद ही स्थानीय अधिकारियों को रास्ता निकालने की अनुमति दी गई। इस जगह के लिए कलेक्टर रेट के हिसाब से एचएसवीपी ने विभाग को भुगतान किया है।
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पुराना रास्ता पहले की तरह ग्रीन बेल्ट में होगा शामिल
दिसंबर माह में सेक्टर-9 में स्थित भाजपा कार्यालय को नेशनल हाईवे-44 से जोड़ने वाले रास्ते को तोड़ने का सुप्रीम कोर्ट से निर्णय आया था। करीब 40 पेड़ काटकर बनाए गए, इस रास्ते पर दोबारा हरियाली करके ग्रीन बेल्ट की तरह विकसित करने का आदेश दिया गया है। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तीन माह में ग्रीन बेल्ट विकसित होने के बाद फोटो सहित रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। मार्च माह के अंत तक अधिकारियों को यहां पर पौधे लगाने हैं। अभी तक रास्ता ज्यों का त्यों है। यह आदेश सेक्टरवासी कर्नल (सेवानिवृत्त) दविंदर सिंह राजपूत की याचिका पर अदालत ने दिया था।
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