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Karnal News: छह माह में कैसे टीबी मुक्त होगा प्रदेश, 5374 रोगियों को नहीं मिले निक्षय मित्र
Sat, 24 May 2025 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 24 May 2025 02:10 AM IST
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गगन तलवार
करनाल। केंद्र सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के दिसंबर माह तक प्रदेश को टीबी मुक्त करना है। लेकिन यह कैसे हो पाएगा, अभी तक प्रदेश में 5374 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र ही नहीं मिले हैं, जो उनकी देखभाल व जरूरी मदद उन्हें प्रदान कर सकें। ऐसे में निदेशालय ने अब इसे लेकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ मरीजों की सहायता के लिए निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो टीबी मरीजों की मदद के लिए निक्षय मित्र बनाने में 979 निक्षय मित्र के साथ भिवानी प्रदेश में पहले पायदान पर है। रेवाड़ी दूसरे, गुरुग्राम तीसरे और कर्ण नगरी करनाल 589 निक्षय मित्रों के साथ प्रदेश में चौथे पायदान पर है। जबकि सोनीपत, मेवात, पानीपत के बाद पलवल सबसे फिसड्डी है।
प्रदेश में निक्षय मित्र बनने के लिए अब तक 8437 लोग एवं संस्थाएं आगे आई हैं, जिन्होंने 48370 टीबी मरीजों में से 42996 को गोद लिया है। ये निक्षय मित्र न केवल मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं, बल्कि उनके इलाज में भी सहायक भूमिका निभाते हैं। 5374 मरीजों को देखरेख और इलाज में मदद का इंतजार है।
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वर्तमान में प्रदेश के नागरिक अस्पतालों में 48370 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। मरीजों को नि:शुल्क जांच, इलाज और सहायता राशि जैसी सुविधाएं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। 2025 में टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती देने के लिए सभी जिलों में निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं।
ये है निक्षय मित्र योजना
भारत सरकार की ओर से शुरू की गई निक्षय मित्र योजना का उद्देश्य वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। इसके तहत सामान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और समाजसेवियों को टीबी मरीजां की देखभाल में भागीदार बनाया जा रहा है। निक्षय मित्र बनने के लिए इच्छुक व्यक्ति या संस्था को पोर्टल पर जाकर लॉगइन करना होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान पर क्लिक करके निक्षय मित्र पंजीकरण फॉर्म भरकर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। पंजीकरण के बाद अपनी सुविधा के अनुसार, किसी टीबी मरीज को सहायता के लिए चुना जा सकता है।
टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें हाई प्रोटीन डाइट देना, दवा, उपचार आदि में मदद देने के लिए निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि इस वर्ष के अंत तक प्रदेश टीबी मुक्त हो सके। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. सिम्मी कपूर, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी टीबी।
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करनाल। केंद्र सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के दिसंबर माह तक प्रदेश को टीबी मुक्त करना है। लेकिन यह कैसे हो पाएगा, अभी तक प्रदेश में 5374 टीबी मरीजों को निक्षय मित्र ही नहीं मिले हैं, जो उनकी देखभाल व जरूरी मदद उन्हें प्रदान कर सकें। ऐसे में निदेशालय ने अब इसे लेकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ मरीजों की सहायता के लिए निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो टीबी मरीजों की मदद के लिए निक्षय मित्र बनाने में 979 निक्षय मित्र के साथ भिवानी प्रदेश में पहले पायदान पर है। रेवाड़ी दूसरे, गुरुग्राम तीसरे और कर्ण नगरी करनाल 589 निक्षय मित्रों के साथ प्रदेश में चौथे पायदान पर है। जबकि सोनीपत, मेवात, पानीपत के बाद पलवल सबसे फिसड्डी है।
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प्रदेश में निक्षय मित्र बनने के लिए अब तक 8437 लोग एवं संस्थाएं आगे आई हैं, जिन्होंने 48370 टीबी मरीजों में से 42996 को गोद लिया है। ये निक्षय मित्र न केवल मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं, बल्कि उनके इलाज में भी सहायक भूमिका निभाते हैं। 5374 मरीजों को देखरेख और इलाज में मदद का इंतजार है।
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वर्तमान में प्रदेश के नागरिक अस्पतालों में 48370 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। मरीजों को नि:शुल्क जांच, इलाज और सहायता राशि जैसी सुविधाएं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। 2025 में टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूती देने के लिए सभी जिलों में निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं।
ये है निक्षय मित्र योजना
भारत सरकार की ओर से शुरू की गई निक्षय मित्र योजना का उद्देश्य वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। इसके तहत सामान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों, कॉर्पोरेट संस्थाओं और समाजसेवियों को टीबी मरीजां की देखभाल में भागीदार बनाया जा रहा है। निक्षय मित्र बनने के लिए इच्छुक व्यक्ति या संस्था को पोर्टल पर जाकर लॉगइन करना होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान पर क्लिक करके निक्षय मित्र पंजीकरण फॉर्म भरकर इस अभियान से जुड़ सकते हैं। पंजीकरण के बाद अपनी सुविधा के अनुसार, किसी टीबी मरीज को सहायता के लिए चुना जा सकता है।
टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें हाई प्रोटीन डाइट देना, दवा, उपचार आदि में मदद देने के लिए निक्षय मित्र बनाए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि इस वर्ष के अंत तक प्रदेश टीबी मुक्त हो सके। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. सिम्मी कपूर, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी टीबी।