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रेड पड़ते ही दे दिया होम गार्डों को मानदेय
कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 21 Dec 2013 12:01 AM IST
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गृहरक्षक विभाग के कुरुक्षेत्र स्थित सेंटर कमांडर के कार्यालय में जिला परिषद के चेयरमैन प्रवीण चौधरी की रेड के दौरान काफी अनियमितताएं सामने आईं। चेयरमैन ने इन नियमितताओं को लेकर सोमवार को मधुबन पहुंच एडीजीपी से शिकायत करने की बात कही है।
चौधरी ने यह कार्रवाई जिले के होमगार्डों की शिकायत पर की। होमगार्डों ने आरोप लगाया है कि विभाग के स्थानीय अफसर उन्हें गुमराह कर छह माह से मानदेय नहीं दे रहे हैं। उधर रेड के तुरंत बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आननफानन में होम गार्डों को दो से चार माह का मानदेय जारी कर दिया गया।
आरोप है कि जिला के 300 से अधिक होम गार्डों को पिछले छह महीने से मानदेय नहीं मिला। मानदेय की मांग को लेकर वे जिला के उच्चाधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं।
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शुक्रवार को जिले के होम गार्ड जिला परिषद चेयरमैन के कार्यालय पहुंचे और लिखित में एक शिकायत चेयरमैन प्रवीण चौधरी को दी। इसके बाद प्रवीण चौधरी ने तुरंत एक टीम गठित की और कुरुक्षेत्र स्थित सेंटर कमांडर के कार्यालय पर रेड की। रेड के दौरान जिला लेखाधिकारी ओमबीर भी प्रवीण चौधरी के साथ मौजूद रहे।
जब वे कार्यालय पहुंचे तो सेंटर कमांडर कार्यालय में कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद नहीं था। फोन करने के बाद अधिकारियों को कार्यालय में बुलाया गया और लेखाधिकारी ओमबीर ने सेंटर कमांडर कार्यालय के खातों तथा अन्य कागजातों को जांचा।
सेंटर कमांडर नहीं दे पाए सवालों का जवाब
प्रवीण चौधरी ने बताया कि रेड के दौरान सेंटर कमांडर अधिकारी राजीव तथा अन्य कर्मचारियों में कोई तालमेल नहीं था। इतना ही नहीं राजीव पूछे गए सवालों के उत्तर भी ठीक प्रकार से नहीं दे रहे थे। इसके अलावा सेंटर कमांडर अधिकारी के पास होम गार्ड्स का मानदेय रोकने का कोई भी कारण नहीं मिला।
प्रवीण चौधरी ने बताया कि उन्होंने रेड के दौरान विभाग के एडीजीपी लायक राम डबाज से फोन पर बात की और इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे सोमवार को इस मामले को लेकर मधुबन एडीजीपी लायक राम डबाज से मिलेंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे।
रिश्वत लेकर ड्यूटी लगाने के आरोप
होम गार्ड जगदीश ने बताया कि पिछले छह माह से जिला की सुरक्षा में तैनात 300 से अधिक होम गार्ड को मानदेय नहीं मिल रहा। इतना ही नहीं उन्हें दिए जाने वाले 7500 मानदेय में से हर महीने छुट्टी के नाम पर एक हजार रुपये काट लिए जाते हैं। एक दिन की छुट्टी के 250 रुपये काटे जाते हैं जो सरासर अन्याय है।
जगदीश सिंह के साथ सुभाष, रामपाल, बलकार, संजय, जोनी, सुमित, विक्रम, विशाल, बलविंद्र, शीशपाल, रोशन लाल, बलदेव आदि ने आरोप लगाया कि सेंटर कमांडर कार्यालय में उनसे काम दिए जाने के नाम पर 2500 से 3000 रुपये रिश्वत के नाम पर लिए जाते हैं। गौरतलब है कि जिला के एफसीआई, तारामंडल, बिजली बोर्ड तथा सड़क सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने होम गार्डों को तैनात किया हुआ है।
एक ही बैंक में खाता खोलने का दे रहे हैं झांसा
प्रवीण चौधरी ने बताया कि होम गार्ड विभाग के अधिकारी गार्डों को परेशान करने के लिए स्टेट बैंक में खाता खोलने का दबाव बना रहे थे, जबकि जांच के दौरान पाया गया कि बैंक अधिकारियों ने केवल खाता नंबर मांगें थे। किसी एक बैंक में खाता खोलने का निर्देश नहीं दिए गए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी मिलीभगत कर संबंधित विभागों से होम गार्डों का मानदेय ले लेते हैं परंतु होम गार्डों को यह दिया नहीं जाता।
पहले भी लगते रहे हैं रिश्वत लेने के आरोप
सेंटर कमांडर अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि किसी भी होम गार्ड का मानदेय नहीं रोका गया है। सरकार के आदेशानुसार सभी होम गार्डों को खाता खुलवाने के बाद एकाउंट्स में ही पैसे देने की हिदायत ऊपर से आई है। होम गार्डों से रिश्वत लेने संबंधी उनके पास कोई शिकायत नहीं आई। उन्होंने बताया कि रिश्वत के आरोप पहले भी विभाग पर लग चुके हैं परंतु जांच में कभी साबित नहीं होता। आज कुछ होम गार्डों को दो से तीन महीनों का मानदेय जारी कर दिया गया है, जल्द ही बाकी को भी जारी कर दिया जाएगा।
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चौधरी ने यह कार्रवाई जिले के होमगार्डों की शिकायत पर की। होमगार्डों ने आरोप लगाया है कि विभाग के स्थानीय अफसर उन्हें गुमराह कर छह माह से मानदेय नहीं दे रहे हैं। उधर रेड के तुरंत बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आननफानन में होम गार्डों को दो से चार माह का मानदेय जारी कर दिया गया।
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आरोप है कि जिला के 300 से अधिक होम गार्डों को पिछले छह महीने से मानदेय नहीं मिला। मानदेय की मांग को लेकर वे जिला के उच्चाधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं।
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शुक्रवार को जिले के होम गार्ड जिला परिषद चेयरमैन के कार्यालय पहुंचे और लिखित में एक शिकायत चेयरमैन प्रवीण चौधरी को दी। इसके बाद प्रवीण चौधरी ने तुरंत एक टीम गठित की और कुरुक्षेत्र स्थित सेंटर कमांडर के कार्यालय पर रेड की। रेड के दौरान जिला लेखाधिकारी ओमबीर भी प्रवीण चौधरी के साथ मौजूद रहे।
जब वे कार्यालय पहुंचे तो सेंटर कमांडर कार्यालय में कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद नहीं था। फोन करने के बाद अधिकारियों को कार्यालय में बुलाया गया और लेखाधिकारी ओमबीर ने सेंटर कमांडर कार्यालय के खातों तथा अन्य कागजातों को जांचा।
सेंटर कमांडर नहीं दे पाए सवालों का जवाब
प्रवीण चौधरी ने बताया कि रेड के दौरान सेंटर कमांडर अधिकारी राजीव तथा अन्य कर्मचारियों में कोई तालमेल नहीं था। इतना ही नहीं राजीव पूछे गए सवालों के उत्तर भी ठीक प्रकार से नहीं दे रहे थे। इसके अलावा सेंटर कमांडर अधिकारी के पास होम गार्ड्स का मानदेय रोकने का कोई भी कारण नहीं मिला।
प्रवीण चौधरी ने बताया कि उन्होंने रेड के दौरान विभाग के एडीजीपी लायक राम डबाज से फोन पर बात की और इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे सोमवार को इस मामले को लेकर मधुबन एडीजीपी लायक राम डबाज से मिलेंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे।
रिश्वत लेकर ड्यूटी लगाने के आरोप
होम गार्ड जगदीश ने बताया कि पिछले छह माह से जिला की सुरक्षा में तैनात 300 से अधिक होम गार्ड को मानदेय नहीं मिल रहा। इतना ही नहीं उन्हें दिए जाने वाले 7500 मानदेय में से हर महीने छुट्टी के नाम पर एक हजार रुपये काट लिए जाते हैं। एक दिन की छुट्टी के 250 रुपये काटे जाते हैं जो सरासर अन्याय है।
जगदीश सिंह के साथ सुभाष, रामपाल, बलकार, संजय, जोनी, सुमित, विक्रम, विशाल, बलविंद्र, शीशपाल, रोशन लाल, बलदेव आदि ने आरोप लगाया कि सेंटर कमांडर कार्यालय में उनसे काम दिए जाने के नाम पर 2500 से 3000 रुपये रिश्वत के नाम पर लिए जाते हैं। गौरतलब है कि जिला के एफसीआई, तारामंडल, बिजली बोर्ड तथा सड़क सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने होम गार्डों को तैनात किया हुआ है।
एक ही बैंक में खाता खोलने का दे रहे हैं झांसा
प्रवीण चौधरी ने बताया कि होम गार्ड विभाग के अधिकारी गार्डों को परेशान करने के लिए स्टेट बैंक में खाता खोलने का दबाव बना रहे थे, जबकि जांच के दौरान पाया गया कि बैंक अधिकारियों ने केवल खाता नंबर मांगें थे। किसी एक बैंक में खाता खोलने का निर्देश नहीं दिए गए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी मिलीभगत कर संबंधित विभागों से होम गार्डों का मानदेय ले लेते हैं परंतु होम गार्डों को यह दिया नहीं जाता।
पहले भी लगते रहे हैं रिश्वत लेने के आरोप
सेंटर कमांडर अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि किसी भी होम गार्ड का मानदेय नहीं रोका गया है। सरकार के आदेशानुसार सभी होम गार्डों को खाता खुलवाने के बाद एकाउंट्स में ही पैसे देने की हिदायत ऊपर से आई है। होम गार्डों से रिश्वत लेने संबंधी उनके पास कोई शिकायत नहीं आई। उन्होंने बताया कि रिश्वत के आरोप पहले भी विभाग पर लग चुके हैं परंतु जांच में कभी साबित नहीं होता। आज कुछ होम गार्डों को दो से तीन महीनों का मानदेय जारी कर दिया गया है, जल्द ही बाकी को भी जारी कर दिया जाएगा।