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Karnal News: महिलाओं को भा रही हिमाचली कुल्लू कांगड़ा शाॅल
Fri, 12 Dec 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 12 Dec 2025 01:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सर्दी बढ़ने के साथ ही बाजार गर्म कपड़ों से सज चुका है। ऐसे में महिलाओं के लिए शाॅल, स्वेटर, जैकेट और अन्य प्रकार के परिधान अलग-अलग तरह के डिजाइन में आ रहे हैं। इनमें से एक है कुल्लू कांगड़ा शाॅल, यह हिमाचल की शाॅल है जो पहाड़ी क्षेत्र में काफी पहनी जाती है। बाजार में शाॅल की दुकानों पर पश्मीना से लेकर कुल्लू कांगड़ा शाॅल महिलाएं काफी पसंद कर रही हैं।
इस बार युवाओं व महिलाओं में जम्मू-कश्मीर के परिधान फैशन के ताैर पर काफी चलन में हैं, जिसमें हर सप्ताह अलग-अलग परिधानों के नए स्टॉक लाए जा रहे हैं। नए रंगों के मिश्रण, पारंपरिक बॉर्डर और हल्के व गर्म फैब्रिक होने के कारण कुल्लू कांगडा शॉल की मांग बढ़ रही है। बाजार में इनकी कीमत 400 से छह हजार रुपये तक उपलब्ध हैं, जिसमें रेडीमेड शाॅल 400 रुपये से शुरू है तो हिमाचली हैंडमेड शाॅल 1800 रुपये से शुरू है।
- हिमाचल और कश्मीर से मंगा रहे स्टॉक
दुकानदार सुमेश रंगा ने बताया कि यह शाॅल अपने पारंपरिक कुल्लवी बॉर्डर के लिए काफी पसंद की जाती है। यह फैशन के ताैर पर काफी खरीदी जाती है जो युवतियां जींस और सूट दोनों पर ओढ़ने के लिए और महिलाएं समारोह व रोजाना पहनने के लिए खरीद रही हैं। उन्होंने बताया कि इस बार विशेष हिमाचल व कश्मीर से स्टाॅक लाए जा रहे हैं। शाॅल खरीदने आई सविता ने बताया कि वह मूल रूप से पहाड़ी हैं। वह पहाड़ी क्षेत्र को महसूस करने के लिए कुल्लू कांगड़ा शॉल खरीद रही है।
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-युवाओं को भा रही पारंपरिक शाॅल
दुकानदार संदीप वर्मा ने बताया कि युवतियां हल्के वजन में पेस्टल शेड और माॅर्डन बॉर्डर वाली शाॅल सबसे अधिक पसंद कर रही हैं। वहीं महिलाएं पारंपरिक हैंडलूम पैटर्न और भारी पारंपरिक बॉर्डर वाले शॉल खरीद रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले युवा लोग पारंपरिक पहनावे को कम पसंद किया करते थे लेकिन वर्तमान में वह अलग-अलग पारंपरिक परिधान जो किसी राज्य की परंपरा व फैशन को परिभाषित करता है, उन्हें पहनना पसंद कर रहे हैं। यह शॉल स्टाइलिश लुक भी दे रहा है।
-- शाॅल के प्रकार और मूल्य
-हल्के वजन व हल्के बाॅर्डर 400-1200
-लाॅन्ल वूलन कांगड़ा शाॅल 700-2500
-प्योर कुल्लू कांगड़ा 2000-6000
-हैंडमेड शाॅल 3000-5000
-कुल्लू पैटर्न शाॅल 3500-5500
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करनाल। सर्दी बढ़ने के साथ ही बाजार गर्म कपड़ों से सज चुका है। ऐसे में महिलाओं के लिए शाॅल, स्वेटर, जैकेट और अन्य प्रकार के परिधान अलग-अलग तरह के डिजाइन में आ रहे हैं। इनमें से एक है कुल्लू कांगड़ा शाॅल, यह हिमाचल की शाॅल है जो पहाड़ी क्षेत्र में काफी पहनी जाती है। बाजार में शाॅल की दुकानों पर पश्मीना से लेकर कुल्लू कांगड़ा शाॅल महिलाएं काफी पसंद कर रही हैं।
इस बार युवाओं व महिलाओं में जम्मू-कश्मीर के परिधान फैशन के ताैर पर काफी चलन में हैं, जिसमें हर सप्ताह अलग-अलग परिधानों के नए स्टॉक लाए जा रहे हैं। नए रंगों के मिश्रण, पारंपरिक बॉर्डर और हल्के व गर्म फैब्रिक होने के कारण कुल्लू कांगडा शॉल की मांग बढ़ रही है। बाजार में इनकी कीमत 400 से छह हजार रुपये तक उपलब्ध हैं, जिसमें रेडीमेड शाॅल 400 रुपये से शुरू है तो हिमाचली हैंडमेड शाॅल 1800 रुपये से शुरू है।
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- हिमाचल और कश्मीर से मंगा रहे स्टॉक
दुकानदार सुमेश रंगा ने बताया कि यह शाॅल अपने पारंपरिक कुल्लवी बॉर्डर के लिए काफी पसंद की जाती है। यह फैशन के ताैर पर काफी खरीदी जाती है जो युवतियां जींस और सूट दोनों पर ओढ़ने के लिए और महिलाएं समारोह व रोजाना पहनने के लिए खरीद रही हैं। उन्होंने बताया कि इस बार विशेष हिमाचल व कश्मीर से स्टाॅक लाए जा रहे हैं। शाॅल खरीदने आई सविता ने बताया कि वह मूल रूप से पहाड़ी हैं। वह पहाड़ी क्षेत्र को महसूस करने के लिए कुल्लू कांगड़ा शॉल खरीद रही है।
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-युवाओं को भा रही पारंपरिक शाॅल
दुकानदार संदीप वर्मा ने बताया कि युवतियां हल्के वजन में पेस्टल शेड और माॅर्डन बॉर्डर वाली शाॅल सबसे अधिक पसंद कर रही हैं। वहीं महिलाएं पारंपरिक हैंडलूम पैटर्न और भारी पारंपरिक बॉर्डर वाले शॉल खरीद रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले युवा लोग पारंपरिक पहनावे को कम पसंद किया करते थे लेकिन वर्तमान में वह अलग-अलग पारंपरिक परिधान जो किसी राज्य की परंपरा व फैशन को परिभाषित करता है, उन्हें पहनना पसंद कर रहे हैं। यह शॉल स्टाइलिश लुक भी दे रहा है।
-हल्के वजन व हल्के बाॅर्डर 400-1200
-लाॅन्ल वूलन कांगड़ा शाॅल 700-2500
-प्योर कुल्लू कांगड़ा 2000-6000
-हैंडमेड शाॅल 3000-5000
-कुल्लू पैटर्न शाॅल 3500-5500