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Karnal News: छह लाख आयुष्मान कार्ड धारकों की सेहत पर संकट

Sat, 16 Mar 2024 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 16 Mar 2024 02:32 AM IST
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Health crisis of six lakh Ayushman card holders
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिले के छह लाख आयुष्मान कार्ड धारकों को पैनल वाले निजी अस्पतालों में शनिवार से कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी। इससे सीधे तौर पर कार्डधारकों की सेहत प्रभावित होगी। अब अपना इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ेगा या फिर गैर पैनल वाले निजी अस्पतालों में जाएंगे तो उनकी जेब पर भरी पड़ेगी।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की जिला कार्यकारिणी ने शुक्रवार को जिला उपायुक्त उत्तम सिंह व जिला सिविल सर्जन करनाल डॉ. कृष्ण कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बकाया भुगतान नहीं होने की दशा में 16 मार्च से कार्डधारकों का उपचार नहीं करने की बात कही गई है। आयुष्मान भारत योजना के पैनल से जुड़े जिले में 34 अस्पताल हैं।
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योजना के तहत कैंसर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों के साथ 1500 के करीब दूसरी बीमारियों का सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। सरकार के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में मरीज इलाज तो ले रहे थे लेकिन इसके बदले लंबे समय से सरकार की तरफ से निजी अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जा रहा था।
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इससे निजी अस्पताल संचालकों की मुश्किलें बढ़ने लगी थीं। भुगतान रुकने के अलावा निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नए मूल्य लागू नहीं होने से भी नाराजगी थी। सरकार की ओर से इलाज के खर्च का भुगतान न किए जाने से निजी अस्पताल संचालकों में रोष है। ऐसे में अब पात्र मरीजों को पैनल वाले निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराने में परेशानी होगी।
जिले के पैनल वाले निजी अस्पतालों में लगभग चार करोड़ सरकार की ओर बकाया है। करीब छह माह से भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा जो भी बिल दिए जाते हैं, उसमें भारी कटौती कर दी जाती है। उनका कहना है कि अब निजी स्तर आयुष्मान योजना के तहत 16 मार्च से कोई भी इलाज नहीं करेंगे।
आईएमए के जिला प्रधान डॉ. नवीन गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार ने योजना के तहत नए मूल्य लागू कर दिए हैं लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक नए मूल्य लागू नहीं किए हैं। इससे निजी अस्पतालों को नुकसान हो रहा है। निजी अस्पताल इलाज के बाद मरीज के बिलों को सरकार के पास भेजते हैं।
सरकार इनका भुगतान करती है । काफी समय से भुगतान न होने पर अस्पतालों को भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे में आईएमए हरियाणा ने 15 तक अल्टीमेटम दिया था लेकिन अभी तक कोई संदेश नहीं आया है। जिस कारण 16 मार्च से उन्होंने इलाज बंद करने का निर्णय लिया है।

आईएमए करनाल की ओर से 16 मार्च से आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों का मुफ्त उपचार देने से मना कर दिया है। उन्होंने एक पत्र उन्हें व उपायुक्त काे सौंपा है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यालय को अवगत करा दिया है। - डॉ. कृष्ण कुमार, जिला सिविल सर्जन, करनाल।
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