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22. बड़ा गांव के जंगल में बिना परमिशन के काट दिए सैकड़ों पेड़, जांच शुरू
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कुंजपुरा/करनाल। बड़ागांव के पास जंगल से बिना अनुमति के करीब 200 पेड़ काटकर खुर्द-बुर्द कर दिए गए हैं। जिसकी शिकायत वन विभाग के आला अधिकारियों से करने के बाद डीएफओ पानीपत मोहन वर्मा के नेतृत्व में टीम जांच के लिए पहुंची और कार्य को रुकवा दिया गया। टीम को मौके पर कटे हुए पेड़ भी मिले हैं। बड़ागांव के निकट वन विभाग का 209 एकड़ भूमि में जंगल है। जिस क्षेत्र में पेड़ काटे गए हैं वहां दो तालाब बनाए जाने हैं। इस घटना के बाद जंगल के गार्ड को निलंबित कर दिया है और ब्लॉक अफसर के निलंबन के लिए विभाग को लिखा गया है।
शिकायतकर्ता करनाल निवासी बलबीर सिंह का आरोप है कि बड़ागांव के जंगल में डीएफओ करनाल व रेंज अफसर ने मिलीभगत कर सैकड़ों पेड़ कटवा दिए। जिसकी सूचना उन्होंने रोहतक आईएफएस राजवंशी को फोन पर दी। यह वन केंद्र सरकार के अधीन है, लेकिन बिना अनुमति के इस प्रकरण को अंजाम दिया गया। जंगल से लगभग 200 पहाड़ी कीकर के पेड़ काटे गए हैं। जिनमें से एक ट्रॉली पेड़ों की भरकर वहां से ले जाई जा चुकी है, जबकि कई कटे पेड़ मौके पर पड़े हैं। रोहतक के आईएफएस राजवंशी का कहना है कि उन्होंने प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
ग्रामीणों ने की थी तालाब बनाने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में जानवरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने जंगल में तालाब बनाने की मांग की थी। जिसको लेकर डेढ़-डेढ़ एकड़ में दो तालाब बनाए जाने थे। लेकिन जंगल के गार्ड की मौजूदगी में बिना अनुमति के पेड़ कटाई का कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गार्ड मुकेश और ग्रामीणों से इस मामले में जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने मौके पर पड़े कटे हुए सैकड़ों पेड़ भी देखे। बताया जा रहा है कि अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले कुछ पेड़ खुर्द बुर्द भी कर दिए गए।
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वर्जन
तालाब बनाने का प्रपोजल विभाग को भेजा गया है। इससे पहले जंगल में सफाई करवाई जा रही थी। झाड़ियां हटाई गई हैं, पेड़ नहीं काटे गए हैं।
-सुभाष, रेंज अफसर करनाल
वर्जन-
गार्ड को किया निलंबित
जंगल से पेड़ काटने की जानकरी मिली थी जिस पर कार्रवाई करते हुए जंगल के गार्ड को निलंबित कर ब्लॉक अफसर के निलंबन के लिए विभाग को लिख दिया गया है। अगर रेंज ऑफिसर की संलिप्ता पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- नरेश रंगा, डीएफओ करनाल
वर्जन
मामला संज्ञान में आते ही टीम का गठन कर दिया है। जो भी दोषी होंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- वीरभान तंवर, चीफ फोरेस्ट अफसर, पंचकूला
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शिकायतकर्ता करनाल निवासी बलबीर सिंह का आरोप है कि बड़ागांव के जंगल में डीएफओ करनाल व रेंज अफसर ने मिलीभगत कर सैकड़ों पेड़ कटवा दिए। जिसकी सूचना उन्होंने रोहतक आईएफएस राजवंशी को फोन पर दी। यह वन केंद्र सरकार के अधीन है, लेकिन बिना अनुमति के इस प्रकरण को अंजाम दिया गया। जंगल से लगभग 200 पहाड़ी कीकर के पेड़ काटे गए हैं। जिनमें से एक ट्रॉली पेड़ों की भरकर वहां से ले जाई जा चुकी है, जबकि कई कटे पेड़ मौके पर पड़े हैं। रोहतक के आईएफएस राजवंशी का कहना है कि उन्होंने प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
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ग्रामीणों ने की थी तालाब बनाने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में जानवरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने जंगल में तालाब बनाने की मांग की थी। जिसको लेकर डेढ़-डेढ़ एकड़ में दो तालाब बनाए जाने थे। लेकिन जंगल के गार्ड की मौजूदगी में बिना अनुमति के पेड़ कटाई का कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने गार्ड मुकेश और ग्रामीणों से इस मामले में जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने मौके पर पड़े कटे हुए सैकड़ों पेड़ भी देखे। बताया जा रहा है कि अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले कुछ पेड़ खुर्द बुर्द भी कर दिए गए।
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तालाब बनाने का प्रपोजल विभाग को भेजा गया है। इससे पहले जंगल में सफाई करवाई जा रही थी। झाड़ियां हटाई गई हैं, पेड़ नहीं काटे गए हैं।
-सुभाष, रेंज अफसर करनाल
वर्जन-
गार्ड को किया निलंबित
जंगल से पेड़ काटने की जानकरी मिली थी जिस पर कार्रवाई करते हुए जंगल के गार्ड को निलंबित कर ब्लॉक अफसर के निलंबन के लिए विभाग को लिख दिया गया है। अगर रेंज ऑफिसर की संलिप्ता पाई गई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- नरेश रंगा, डीएफओ करनाल
वर्जन
मामला संज्ञान में आते ही टीम का गठन कर दिया है। जो भी दोषी होंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- वीरभान तंवर, चीफ फोरेस्ट अफसर, पंचकूला