{"_id":"607214f18ebc3e59047622aa","slug":"haryana-state-mandi-association-pradhan-resigned-karnal-news-knl66852991","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान का इस्तीफा, कार्यकारिणी भंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान का इस्तीफा, कार्यकारिणी भंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने शुक्रवार की देर रात हरियाणा सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ गेहूं खरीद शुरू करने को लेकर हुई बैठक के तत्काल बाद प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करते हुए पद से त्याग पत्र दे दिया है। साथ ही रजनीश चौधरी को कार्यवाहक प्रधान बनाया गया है।
पांच अप्रैल को करनाल के हैरिटेज लॉन में गेहूं खरीद बहिष्कार के लिए प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की गई थी। इसमें आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने एलान किया था कि यदि पिछले साल की तरह इस बार भी हड़ताल टूटती है तो वह अपने पद से त्याग पत्र दे देंगे। इसके बाद आठ अप्रैल को आढ़तियों ने प्रदेश स्तर पर गेहूं खरीद का बहिष्कार शुरू किया लेकिन शाम होते-होते एसोसिएशन में दरार आ गई और कई आढ़तियों ने खरीद शुरू कर दी। दिनभर आढ़तियों को एक करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर रात सरकार के बड़े अफसरों के साथ बैठक में गेहूं खरीद शुरू करने का फैसला हो गया। माना जा रहा है कि गेहूं बहिष्कार सफल नहीं हो पाने से आहत होकर प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग करते हुए स्वयं भी अपने पद से त्याग पत्र दे दिया, हालांकि अशोक गुप्ता ने कार्यकारिणी को भंग करने या त्याग पत्र सौंपने का र्कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। उनका कहना है कि काफी समय से वह एसोसिएशन का कार्यभार संभाल रहे थे। अब नई कार्यकारिणी का चुनाव होना ही चाहिए। कार्यवाहक प्रदेश प्रधान की जिम्मेदारी एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी को सौंपी गई है। अशोक गुप्ता के त्याग पत्र से प्रदेशभर के आढ़तियों में यह चर्चा आम है कि अपनी घोषणा के मुताबिक ही उन्होंने त्याग पत्र दिया है। कार्यवाहक प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि प्रदेश प्रधान अशोक गुप्ता ने त्याग पत्र दे दिया है। अभी गेहूं का सीजन चल रहा है, चुनाव के बारे में सीजन के बाद ही विचार विमर्श किया जाएगा।
--------------
विज्ञापन
पांच अप्रैल को करनाल के हैरिटेज लॉन में गेहूं खरीद बहिष्कार के लिए प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की गई थी। इसमें आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने एलान किया था कि यदि पिछले साल की तरह इस बार भी हड़ताल टूटती है तो वह अपने पद से त्याग पत्र दे देंगे। इसके बाद आठ अप्रैल को आढ़तियों ने प्रदेश स्तर पर गेहूं खरीद का बहिष्कार शुरू किया लेकिन शाम होते-होते एसोसिएशन में दरार आ गई और कई आढ़तियों ने खरीद शुरू कर दी। दिनभर आढ़तियों को एक करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर रात सरकार के बड़े अफसरों के साथ बैठक में गेहूं खरीद शुरू करने का फैसला हो गया। माना जा रहा है कि गेहूं बहिष्कार सफल नहीं हो पाने से आहत होकर प्रदेशाध्यक्ष अशोक गुप्ता ने एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग करते हुए स्वयं भी अपने पद से त्याग पत्र दे दिया, हालांकि अशोक गुप्ता ने कार्यकारिणी को भंग करने या त्याग पत्र सौंपने का र्कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। उनका कहना है कि काफी समय से वह एसोसिएशन का कार्यभार संभाल रहे थे। अब नई कार्यकारिणी का चुनाव होना ही चाहिए। कार्यवाहक प्रदेश प्रधान की जिम्मेदारी एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी को सौंपी गई है। अशोक गुप्ता के त्याग पत्र से प्रदेशभर के आढ़तियों में यह चर्चा आम है कि अपनी घोषणा के मुताबिक ही उन्होंने त्याग पत्र दिया है। कार्यवाहक प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि प्रदेश प्रधान अशोक गुप्ता ने त्याग पत्र दे दिया है। अभी गेहूं का सीजन चल रहा है, चुनाव के बारे में सीजन के बाद ही विचार विमर्श किया जाएगा।
विज्ञापन
--------------