{"_id":"19475e49b1d8cbb0af56a53f8723e7ab","slug":"happy-to-see-the-culture-and-foreign-tourists","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्म संस्कृति को देखकर गदगद हुए विदेशी पर्यटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्म संस्कृति को देखकर गदगद हुए विदेशी पर्यटक
कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 28 Jan 2014 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंटरनेशनल रोटरी क्लब के सौजन्य से इस्राइल डेलिगेशन ने देश की प्राचीन सभ्यता व संस्कृति को जानने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र स्थित श्रीकृष्ण संग्रहालय, पैनोरमा और ब्रह्मसरोवर का दौरा किया।
इस डेलिगेशन में 10 पर्यटक शामिल रहे, जिनमें मार्क, मारलियान, सोल, बेला, जीपोरा, सैशन मेयर, रोनिट, तोवा, हबीब व लैमिस शामिल थे। रोटरी क्लब डिस्ट्रिक्ट 3080 इंडिया के पूर्व गवर्नर देवेंद्र कालड़ा, हरियाणा के पूर्व चीफ इंजीनियर एचसी सेठी, कमलजीत सिंह पंचकूला तथा स्थानीय क्लब के सदस्यों ने इन पर्यटकों की अगुवाई की।
इन अतिथियों ने सबसे पहले श्रीकृष्ण संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की पूर्ण जानकारी ली। कृष्ण संग्रहालय में भारत की प्राचीन विधियों के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने कई सवाल पूछे। जिंक के शुद्धीकरण, रसशाला, जस्तागलाना, लोहा निर्माण, मोम की ढलाई, कपास चरखा, चरखे से कताई, शल्य प्रक्रिया के यंत्र, आयुर्वेदिक औषधि, बिद्रीकला, संगमरमर कला, प्राचीनकाल की तकनीकी, वृदेश्वर मंदिर, सूर्यग्रहण, गुरुत्व सयानता, गुरुत्व प्रत्यास्था सयानता, दशमलव घाट की पद्धति के बारे में जानकारी जुटाई।
विज्ञापन
पर्यटकों में से मार्क ने श्रीकृष्ण संग्रहालय में रखी प्राचीन चीजों और चित्रकारी जानने के बारे में काफी रुचि दिखाई। मार्क ने बताया कि वह जयपुर के भरतपुर में कई वर्ष तक रहा। कुरुक्षेत्र के लोगों की तरह वहां के लोग भी मुझे बहुत प्यार करते थे।
भरतपुर के लोग मुझे प्यार से मधुकर के नाम से बुलाते थे। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति जानने की जिज्ञासा काफी दिनों से जहन में थी, जिसे देखकर और जानकर हमें बहुत खुशी हुई।
इस टीम में रोटरी क्लब 3080 के पूर्व गवर्नर देवेंद्र कालड़ा ने बताया कि इंटरनेशनल रोटरी क्लब के विश्व के 210 देशों में कार्यालय है, जिसका मुख्यालय यूएसए के शिकागो में स्थापित है। रोटरी क्लब के माध्यम से विभिन्न देशों के पर्यटक एक-दूसरे की सभ्यता और संस्कृति, वहां के रहन-सहन और रीति-रिवाज जानने के लिए दूसरे देशों का दौरा करते रहते हैं।
इसी के तहत इस्राइली टीम का भारत में आगमन हुआ है। हरियाणा के पूर्व चीफ इंजीनियर एचसी सेठी ने बताया कि 1991-92 में जब पैनोरमा का निर्माण कार्य जारी था, तब भारतीय संस्कृति को सहेजने के लिए एक रूपरेखा तैयार की गई थी, ताकि कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाए और आज यह दिखने लगा है कि यह स्थान सही मायनों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।
विदेशी पर्यटकों को खूब भाए महाभारत युद्ध के दृश्य
हबीब और लेमिस यहां की संस्कृति और प्राचीन सभ्यता में समाहित अतीत के संसाधनों को देखकर काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति के कुछ पहलु भारतीय संस्कृति से मेल खाते हैं। यहां के क्यूरेटर राणा तथा मल्होत्रा द्वारा बताए जाने पर रोनित ने कहा कि श्रीकृष्ण संग्रहालय में अतीत के दर्शन करके बहुत मजा आया और वे फिर से कुरुक्षेत्र में जल्द ही आना पसंद करेंगे।
विज्ञापन
इस डेलिगेशन में 10 पर्यटक शामिल रहे, जिनमें मार्क, मारलियान, सोल, बेला, जीपोरा, सैशन मेयर, रोनिट, तोवा, हबीब व लैमिस शामिल थे। रोटरी क्लब डिस्ट्रिक्ट 3080 इंडिया के पूर्व गवर्नर देवेंद्र कालड़ा, हरियाणा के पूर्व चीफ इंजीनियर एचसी सेठी, कमलजीत सिंह पंचकूला तथा स्थानीय क्लब के सदस्यों ने इन पर्यटकों की अगुवाई की।
विज्ञापन
इन अतिथियों ने सबसे पहले श्रीकृष्ण संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की पूर्ण जानकारी ली। कृष्ण संग्रहालय में भारत की प्राचीन विधियों के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने कई सवाल पूछे। जिंक के शुद्धीकरण, रसशाला, जस्तागलाना, लोहा निर्माण, मोम की ढलाई, कपास चरखा, चरखे से कताई, शल्य प्रक्रिया के यंत्र, आयुर्वेदिक औषधि, बिद्रीकला, संगमरमर कला, प्राचीनकाल की तकनीकी, वृदेश्वर मंदिर, सूर्यग्रहण, गुरुत्व सयानता, गुरुत्व प्रत्यास्था सयानता, दशमलव घाट की पद्धति के बारे में जानकारी जुटाई।
विज्ञापन
पर्यटकों में से मार्क ने श्रीकृष्ण संग्रहालय में रखी प्राचीन चीजों और चित्रकारी जानने के बारे में काफी रुचि दिखाई। मार्क ने बताया कि वह जयपुर के भरतपुर में कई वर्ष तक रहा। कुरुक्षेत्र के लोगों की तरह वहां के लोग भी मुझे बहुत प्यार करते थे।
भरतपुर के लोग मुझे प्यार से मधुकर के नाम से बुलाते थे। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति जानने की जिज्ञासा काफी दिनों से जहन में थी, जिसे देखकर और जानकर हमें बहुत खुशी हुई।
इस टीम में रोटरी क्लब 3080 के पूर्व गवर्नर देवेंद्र कालड़ा ने बताया कि इंटरनेशनल रोटरी क्लब के विश्व के 210 देशों में कार्यालय है, जिसका मुख्यालय यूएसए के शिकागो में स्थापित है। रोटरी क्लब के माध्यम से विभिन्न देशों के पर्यटक एक-दूसरे की सभ्यता और संस्कृति, वहां के रहन-सहन और रीति-रिवाज जानने के लिए दूसरे देशों का दौरा करते रहते हैं।
इसी के तहत इस्राइली टीम का भारत में आगमन हुआ है। हरियाणा के पूर्व चीफ इंजीनियर एचसी सेठी ने बताया कि 1991-92 में जब पैनोरमा का निर्माण कार्य जारी था, तब भारतीय संस्कृति को सहेजने के लिए एक रूपरेखा तैयार की गई थी, ताकि कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाए और आज यह दिखने लगा है कि यह स्थान सही मायनों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।
विदेशी पर्यटकों को खूब भाए महाभारत युद्ध के दृश्य
हबीब और लेमिस यहां की संस्कृति और प्राचीन सभ्यता में समाहित अतीत के संसाधनों को देखकर काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति के कुछ पहलु भारतीय संस्कृति से मेल खाते हैं। यहां के क्यूरेटर राणा तथा मल्होत्रा द्वारा बताए जाने पर रोनित ने कहा कि श्रीकृष्ण संग्रहालय में अतीत के दर्शन करके बहुत मजा आया और वे फिर से कुरुक्षेत्र में जल्द ही आना पसंद करेंगे।