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Karnal News: लोकेशन मिलने पर सौंपना था हैंड ग्रेनेड
Sat, 21 Jun 2025 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 21 Jun 2025 02:39 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एसटीएफ की ओर से बलड़ी बाईपास से पकड़े गए बदमाश दीपेंद्र प्रताप उर्फ दीपन और अदम्य के पास तीन माह पहले हैंड ग्रेनेड आया था। जिसे गैंगस्टर भानू राणा से लोकेशन मिलने के बाद आगे पहुंचाना था। पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों ने यह खुलासा किया है। दोनों आरोपी इससे पहले एक ग्रेनेड जालंधर में पहुंचा चुके हैं।
दोनों आरोपी भानू राणा के सप्लायर हैं। रिमांड के दौरान आरोपियों ने दो पिस्टल, दो अतिरिक्त मैग्जीन और दो कारतूस बरामद कराए हैं। सात दिन का रिमांड पूरा होने के बाद पुलिस इन्हें कोर्ट में पेश करेगी।
तब तक और भी खुलासे हो सकते हैं। तीन माह पहले इन दोनों तक हैंड ग्रेनेड पहुंचाने वाले दो आरोपियों तक भी पुलिस की ओर से पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश जारी है। साथ ही मुखबिरों सक्रिय कर दिया गया है।
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स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के सब इंस्पेक्टर पवन ने बताया कि दीपेंद्र प्रताप उर्फ दीपन और अदम्य ने बताया कि उन्हें यह हैंड ग्रेनेड दो लोगों ने तीन माह पहले निर्मल कुटिया के पास दिया था, तभी से यह उनके पास था। वह भानू राणा से टेलीग्राम के माध्यम से जुड़े हैं। टेलीग्राम पर उन्हें यह रखने की लोकेशन दी जानी थी। लोकेशन मिलने से पहले ही एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 13 जून की शाम करीब चार बजे बलड़ी बाईपास के नजदीक से सेक्टर-13 निवासी दीपेंद्र और अदम्य को हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद शाम को ही करीब छह बजे हैंड ग्रेनेड को करनाल-इंद्री रोड स्थित खेत में ले जाकर डिफ्यूज कर दिया गया। इस दौरान तेज धमाका हुआ, जिसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनी गई। इस कार्रवाई के दौरान एसटीएफ, सीआईए स्टाफ, थाना शहर और थाना सदर की टीमें मौके पर पहुंचीं थी। ग्रेनेड के विस्फोट के बाद उसके टुकड़े बरामद कर जब्त किए गए।
पहले ये बदमाश हो चुके गिरफ्तार
12 जून को एसटीएफ ने दौलत राणा उपनाम सागर वासी कमालपुर यमुनानगर को काछवा नहर पुल से पकड़ा था। आरोपी के कब्जे से दो पिस्तौल बरामद हुई थी। इनमें चार कारतूस भी लोड पाई गई। यह भी भानू राणा गैंग से जुड़ा था
इससे पहले भी मोबाइल शोरूम संचालक से फायरिंग करके एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपी आर्यन और राहुल को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। ये दोनों आरोपी भी भानू राणा और भाऊ गैंग से जुड़े थे।
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करनाल। एसटीएफ की ओर से बलड़ी बाईपास से पकड़े गए बदमाश दीपेंद्र प्रताप उर्फ दीपन और अदम्य के पास तीन माह पहले हैंड ग्रेनेड आया था। जिसे गैंगस्टर भानू राणा से लोकेशन मिलने के बाद आगे पहुंचाना था। पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों ने यह खुलासा किया है। दोनों आरोपी इससे पहले एक ग्रेनेड जालंधर में पहुंचा चुके हैं।
दोनों आरोपी भानू राणा के सप्लायर हैं। रिमांड के दौरान आरोपियों ने दो पिस्टल, दो अतिरिक्त मैग्जीन और दो कारतूस बरामद कराए हैं। सात दिन का रिमांड पूरा होने के बाद पुलिस इन्हें कोर्ट में पेश करेगी।
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तब तक और भी खुलासे हो सकते हैं। तीन माह पहले इन दोनों तक हैंड ग्रेनेड पहुंचाने वाले दो आरोपियों तक भी पुलिस की ओर से पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश जारी है। साथ ही मुखबिरों सक्रिय कर दिया गया है।
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स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के सब इंस्पेक्टर पवन ने बताया कि दीपेंद्र प्रताप उर्फ दीपन और अदम्य ने बताया कि उन्हें यह हैंड ग्रेनेड दो लोगों ने तीन माह पहले निर्मल कुटिया के पास दिया था, तभी से यह उनके पास था। वह भानू राणा से टेलीग्राम के माध्यम से जुड़े हैं। टेलीग्राम पर उन्हें यह रखने की लोकेशन दी जानी थी। लोकेशन मिलने से पहले ही एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 13 जून की शाम करीब चार बजे बलड़ी बाईपास के नजदीक से सेक्टर-13 निवासी दीपेंद्र और अदम्य को हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद शाम को ही करीब छह बजे हैंड ग्रेनेड को करनाल-इंद्री रोड स्थित खेत में ले जाकर डिफ्यूज कर दिया गया। इस दौरान तेज धमाका हुआ, जिसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनी गई। इस कार्रवाई के दौरान एसटीएफ, सीआईए स्टाफ, थाना शहर और थाना सदर की टीमें मौके पर पहुंचीं थी। ग्रेनेड के विस्फोट के बाद उसके टुकड़े बरामद कर जब्त किए गए।
पहले ये बदमाश हो चुके गिरफ्तार
12 जून को एसटीएफ ने दौलत राणा उपनाम सागर वासी कमालपुर यमुनानगर को काछवा नहर पुल से पकड़ा था। आरोपी के कब्जे से दो पिस्तौल बरामद हुई थी। इनमें चार कारतूस भी लोड पाई गई। यह भी भानू राणा गैंग से जुड़ा था
इससे पहले भी मोबाइल शोरूम संचालक से फायरिंग करके एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपी आर्यन और राहुल को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। ये दोनों आरोपी भी भानू राणा और भाऊ गैंग से जुड़े थे।