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Karnal News: नहर में पानी आधा और सूखे पड़े घाट, अर्घ्य देने बीच में गए तो रहेगा खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Oct 2025 02:10 AM IST
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Half the water in the canal and the ghats are dry, if you go in the middle to offer prayers then there will be danger
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। छठ पर्व शुरू हो चुका है और पश्चिमी यमुना नहर में आधे से भी कम पानी है। घाट सूखे पड़े हैं और बाउंड्री ग्रिल से भी चार फुट आगे जाकर पानी है। ऐसे में अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं को नहर के बीच में उतना पड़ेगा। इससे हादसे का खतरा बना रहेगा। यदि जलस्तर नहीं बढ़ा तो छठ पूजा के स्नान और अर्घ्य की प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है।
पश्चिमी यमुना नहर में यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज से पानी आता है। इस बार यमुनानगर की ओर से दिल्ली में पानी भेजा जा रहा है। दिल्ली में बड़े स्तर पर छठ पर्व मनाया जा रहा है और यमुना की सफाई भी की जा रही है। इधर, सिंचाई विभाग के एक्सईएन रणबीर त्यागी का दावा है कि रविवार को नहर में पानी आ सकता है। दावा है कि नहर में अभी भी दो हजार क्यूसिक पानी चल रहा है। जबकि सामान्य दिनों में 4500 क्यूसिक पानी चलता है।
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वहीं नगर निगम और सिंचाई विभाग की ओर से सफाई कार्य पूरा होने का भी दावा किया जा रहा है। जबकि केवल घाट पर झाडू लगा है, इससे आगे ग्रिल तक गंदगी पसरी है। जोकि अधिकारियों के दावे की पोल खोल रही है। पश्चिमी यमुना नहर पर काछवा पुल से लेकर कैथल पुल तक दोनों तरफ डेढ़ किलोमीटर एरिया में मेला लगता है। हर साल यहां 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु सूर्यदेव को अर्घ्य देने के अलावा पर्व की अन्य रस्में अदा करने के लिए पहुंचते हैं।
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यह हैं अव्यवस्थाएं
- सुरक्षा के लिए नहीं लगी रेलिंग : नहर कई जगह काफी गहरी है। स्नान के दौरान भीड़ ज्यादा रहती है। श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकें, इसके लिए रेलिंग लगानी होती है। शनिवार की शाम तक इस दिशा में कुछ नहीं हुआ।

- अस्थायी घाट नहीं बनाया : भीड़ यदि ज्यादा हो जाए तो स्नान के लिए दूसरी जगह मिल जाए। इसके लिए अस्थायी घाट बनाए जाने चाहिए थे। शाम तक इस दिशा में कुछ नहीं हुआ। यह तैयारी एक-दो दिन पहले पूरी हो जानी चाहिए थी।


पत्र लिखने के बाद भी नहीं बना शौचालय : प्रशासन जिले भर में साफ सफाई का राग अलाप रहा है। इधर छठ पर्व सेवा समिति मंडल की ओर से आठ मार्च को पत्र लिखकर यहां अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की करने गुजारिश की थी। समिति प्रधान सुरेश कुमार यादव ने बताया कि 20 शौचालयों की जरूरत है लेकिन यह अभी नहीं बने। पवन कुमार, विजय मेहतो और लक्ष्मण दास का कहना है कि प्रशासन उनकी ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
घाट पर सफाई करवा दी है। नहर का पानी पीछे से कम आ रहा है। उच्चाधिकारियों से बात की है, उम्मीद है रविवार को पानी आ जाएगा।
- रणबीर त्यागी, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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