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Karnal News: गेहूं खरीद में हैफेड ने खाद्य आपूर्ति को पछाड़ा
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- इस बार छह लाख क्विंटल अधिक खरीदा गेहूं, खाद्य आपूर्ति विभाग के पास भंडारण की आई समस्या
- एफसीआई ने इस बार नहीं की खरीद, मंडियों लिफ्टिंग हो चुकी पूरी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गेहूं खरीद समाप्त हो गई है। इस बार हैफेड ने खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को खरीद में पीछे छोड़ दिया है। खास बात ये है कि इस बार पिछले साल की तुलना में जिले में भी 18 लाख क्विंटल से अधिक खरीद हुई है। जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग की कुल खरीद 32 लाख क्विंटल की अपेक्षा हैफेड ने 38 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा है, जो खाद्य विभाग से छह लाख क्विंटल अधिक है।
हमेशा से ही एमएसपी पर खरीद के मामले में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ही सबसे बड़ी खरीद एजेंसी के रूप में काम करता रहा है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि खाद्य आपूर्ति विभाग के पास गेहूं के भंडारण की समस्या देखी गई है। गेहूं की आवक अधिक रही है, लेकिन भंडारण के लिए पर्याप्त गोदाम खाद्य आपूर्ति विभाग के पास उपलब्ध नहीं होने के कारण विभाग ने गेहूं खरीद में हाथ तंग रखा। दूसरी बड़ी बजह ये भी रही कि गेहूं खरीद शुरू होते ही जिले के डीएफएससी अवकाश पर चले गए। वीरेंद्र सिंह को डीएफएससी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा तो गया, लेकिन दो स्थानों की जिम्मेदारी होने के कारण वह पर्याप्त समय नहीं दे सके।
ऐसी स्थिति में खरीद में लगे कर्मचारियों की सही मानीटरिंग नहीं हो सकी। परिणाम ये रहा कि खाद्य आपूर्ति महकमे की गेहूं खरीद पिछड़ गई। एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद 15 मई को समाप्त हो गई। लिफ्टिंग में कुछ दिक्कत हुई। मौसम खराबी के कारण कुछ गेहूं भीगा लेकिन इसके बाद लिफ्टिंग में तेजी लाई गई। अब तक कुल खरीद की 7493840 क्विंटल की लिफ्टिंग कर ली गई। मंडियों में सिर्फ 28910 क्विंटल गेहूं शेष है, जिसकी लिफ्टिंग की जा रही है।
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अंतिम दिन मंडियों में आया 23 हजार क्विंटल गेहूं
डीएफएससी अनिल कालरा ने बताया कि यूं तो कई दिनों से मंडियों में आवक शून्य थी, लेकिन अंतिम दिन 15 मई को 23070 क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंचा, जिसे खरीद लिया गया है। इसके बाद ही गेहूं खरीद समाप्त कर दी गई है।
हैफेड ने शुरू से ही गेहूं खरीद का बड़ा लक्ष्य लेकर खरीद शुरू की थी। इस बार हैफेड ने 3825500 क्विंटल की खरीद की है, जबकि खाद्य आपूर्ति ने 3205550 क्विंटल गेहूं खरीदा है। हैफेड की खरीद खाद्य आपूर्ति से 619950 क्विंटल अधिक रही है। सबसे खास बात ये रही कि कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई। किसानों की सहूलियतों का भी पूरा ख्याल रखा गया। कहीं भी किसानों की कोई शिकायत नहीं आई।
- ऊधम सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड, करनाल
गेहूं खरीद के आंकड़ों पर एक नजर
खाद्य आपूर्ति हैफेड एफसीआई एचडब्ल्यूसी कुल
319647
381151
0
48870
749668
लिफ्टिंग
खाद्य आपूर्ति हैफेड एफसीआई एचडब्ल्यूसी कुल
318978
380576
0
48829
748383
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- एफसीआई ने इस बार नहीं की खरीद, मंडियों लिफ्टिंग हो चुकी पूरी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गेहूं खरीद समाप्त हो गई है। इस बार हैफेड ने खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को खरीद में पीछे छोड़ दिया है। खास बात ये है कि इस बार पिछले साल की तुलना में जिले में भी 18 लाख क्विंटल से अधिक खरीद हुई है। जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग की कुल खरीद 32 लाख क्विंटल की अपेक्षा हैफेड ने 38 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा है, जो खाद्य विभाग से छह लाख क्विंटल अधिक है।
हमेशा से ही एमएसपी पर खरीद के मामले में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ही सबसे बड़ी खरीद एजेंसी के रूप में काम करता रहा है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि खाद्य आपूर्ति विभाग के पास गेहूं के भंडारण की समस्या देखी गई है। गेहूं की आवक अधिक रही है, लेकिन भंडारण के लिए पर्याप्त गोदाम खाद्य आपूर्ति विभाग के पास उपलब्ध नहीं होने के कारण विभाग ने गेहूं खरीद में हाथ तंग रखा। दूसरी बड़ी बजह ये भी रही कि गेहूं खरीद शुरू होते ही जिले के डीएफएससी अवकाश पर चले गए। वीरेंद्र सिंह को डीएफएससी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा तो गया, लेकिन दो स्थानों की जिम्मेदारी होने के कारण वह पर्याप्त समय नहीं दे सके।
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ऐसी स्थिति में खरीद में लगे कर्मचारियों की सही मानीटरिंग नहीं हो सकी। परिणाम ये रहा कि खाद्य आपूर्ति महकमे की गेहूं खरीद पिछड़ गई। एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद 15 मई को समाप्त हो गई। लिफ्टिंग में कुछ दिक्कत हुई। मौसम खराबी के कारण कुछ गेहूं भीगा लेकिन इसके बाद लिफ्टिंग में तेजी लाई गई। अब तक कुल खरीद की 7493840 क्विंटल की लिफ्टिंग कर ली गई। मंडियों में सिर्फ 28910 क्विंटल गेहूं शेष है, जिसकी लिफ्टिंग की जा रही है।
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अंतिम दिन मंडियों में आया 23 हजार क्विंटल गेहूं
डीएफएससी अनिल कालरा ने बताया कि यूं तो कई दिनों से मंडियों में आवक शून्य थी, लेकिन अंतिम दिन 15 मई को 23070 क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंचा, जिसे खरीद लिया गया है। इसके बाद ही गेहूं खरीद समाप्त कर दी गई है।
हैफेड ने शुरू से ही गेहूं खरीद का बड़ा लक्ष्य लेकर खरीद शुरू की थी। इस बार हैफेड ने 3825500 क्विंटल की खरीद की है, जबकि खाद्य आपूर्ति ने 3205550 क्विंटल गेहूं खरीदा है। हैफेड की खरीद खाद्य आपूर्ति से 619950 क्विंटल अधिक रही है। सबसे खास बात ये रही कि कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई। किसानों की सहूलियतों का भी पूरा ख्याल रखा गया। कहीं भी किसानों की कोई शिकायत नहीं आई।
- ऊधम सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड, करनाल
गेहूं खरीद के आंकड़ों पर एक नजर
खाद्य आपूर्ति हैफेड एफसीआई एचडब्ल्यूसी कुल
319647
381151
0
48870
749668
लिफ्टिंग
खाद्य आपूर्ति हैफेड एफसीआई एचडब्ल्यूसी कुल
318978
380576
0
48829
748383