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वाहे गुरु के जयकारों से गूंज उठी धर्मनगरी
कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 17 Nov 2013 10:50 AM IST
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सतगुरु नानक प्रगट्या मिट धुंध जग चानन होया... इस शब्द धर्मनगरी में शनिवार को गुंजायमान हो उठी। सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाने के लिए संगत की भीड़ उमड़ पड़ी और संगत ने सेवा करके स्वयं को पुण्य का भागी बनाया।
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मौका था श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर निकाले गए भव्य नगर-कीर्तन का। किरमिच रोड स्थित पहली पातशाही गुरुद्वारा साहिब से बोले सो-निहाल सतश्री अकाल के उद्घोष के साथ यह भव्य नगर कीर्तन शुरू होकर नई अनाज मंडी, सलारपुर रोड, रेलवे रोड, थानेसर बस स्टैंड, छोटा बाजार से होते हुए धर्मनगरी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही साहिब में संपन्न हुआ।
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नगर-कीर्तन में फूलों से सुसज्जित श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी में अरदास और शबद कीर्तन का दौर हर समय चलता रहा, वहीं पारंपरिक वेशभूषा में श्री निशान साहिब और तलवार हाथ में लिए नगर-कीर्तन की अगुवाई करने वाले पंज प्यारे सभी के आकर्षण का केंद्र रहे।
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पंज प्यारों के आगे-आगे जल एवं झाडू से मार्ग साफ करने की सेवा अनेक महिलाओं व युवकों ने निभाई। दूसरी ओर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के थानेसर से मेंबर जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना और गुरुद्वारा साहिब पातशाही 6वीं के मैनेजर सुखदेव सिंह ने नगर-कीर्तन में सम्मिलित होने के लिए पहुंची संगत का आभार जताते हुए उन्हें गुरुपर्व की बधाई दी।
इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तजिंद्रपाल सिंह ढिल्लो, जिला प्रधान जरनैल सिंह बोढ़ी, कर्मबीर सिंह कंग, रजिंद्र सोढ़ी, अमरजीत नंबरदार, सुखपाल सिंह भुट्टर, गुरुद्वारा छठी पातशाही के हैड ग्रंथी मंगप्रीत सिंह, ग्रंथी अमरीक सिंह, जोगा सिंह रोहटी आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
जगह-जगह की संगत ने प्रसाद सेवा
नगर-कीर्तन के स्वागत में संगत को प्रसाद वितरण की सेवा विभिन्न स्थानों पर हुई। लोगों ने श्रद्धाभाव से जलपान एवं फलों की सेवा करते हुए संगत में प्रसाद बांटा। इसके अतिरिक्त ब्रेड पकौड़ों की सेवा करने वालों की भी कोई कमी नहीं रही।