फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Guruji's census training class is being held, students are passing their time

Karnal News: गुरुजी की लगी जनगणना प्रशिक्षण की क्लास, छात्र कर रहे टाइमपास

Fri, 10 Apr 2026 02:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 10 Apr 2026 02:28 AM IST
विज्ञापन
Guruji's census training class is being held, students are passing their time
घरोंडा के देवी अहिल्या बाई होलकर राजकीय वरिष्ठ माध्मिक कक्षा में बिना ​शिक्षक के बैठे विद्यार्थ
काजल पांचाल
विज्ञापन


करनाल। शिक्षक जहां जनगणना प्रशिक्षण की क्लास में व्यस्त हैं, वहीं स्कूलों में बच्चे खाली बैठकर समय काटने को मजबूर हैं। नए सत्र की शुरुआत के साथ पढ़ाई रफ्तार पकड़ने की उम्मीद थी लेकिन सरकारी स्कूलों में हालात उलट नजर आ रहे हैं।
कक्षाओं में सन्नाटा है और पढ़ाई पटरी पर आने से पहले ही अटक गई है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को अभी आठ दिन ही हुए हैं लेकिन जनगणना में शिक्षा विभाग का करीब 80 प्रतिशत स्टाफ प्रशिक्षण के लिए लगा दिया गया है। हालात यह हैं कि कई स्कूलों में आधे से ज्यादा शिक्षक नहीं हैं।
विज्ञापन


इसका असर पढ़ाई तक सीमित नहीं है बल्कि नए सत्र के लिए चल रहे प्रवेश अभियान पर भी दिखने लगा है। स्कूलों में स्टाफ की कमी के चलते अभिभावकों को सही जानकारी और मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा जिससे दाखिला प्रक्रिया धीमी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन




सुबह 9 से दोपहर दो बजे तक प्रशिक्षण
स्कूल स्टाफ की ड्यूटी प्रशिक्षण के लिए 9 से 2 बजे तक लगाई जा रही है जो कि स्कूल में बच्चे की पढ़ाई कराने की टाइमिंग है। वहीं, इन शिक्षकों को केवल प्रशिक्षण और जनगणना के अलावा और अन्य कार्य करने की अनुमति भी नहीं है। साथ ही किसी स्कूल के शिक्षको को अलग-अलग बैच में बुलाया जा रहा है तो कहीं पर एक-साथ बुलाया जा रहा है जहां पर बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल में कोई अगर जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो जिले में इस बार नामांकन के आंकड़ों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


केस-1 : 90 प्रतिशत स्टाफ स्कूल में नहीं
घराैंडा के देवी अहिल्या बाई होलकर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 90 प्रतिशत स्टाफ स्कूल में नहीं है जिस कारण कक्षाएं सूनी पड़ी हैं। प्रिंसिपल परमजीत कौर ने बताया कि उनके स्कूल में 38 शिक्षकों का स्टाफ है जिनमें से पहले और दूसरे बैच में 32 शिक्षक प्रशिक्षण लेने के कारण स्कूल में सेवा नहीं दे पा रहे हैं। जो बचा हुआ है वह 10वीं कक्षा की मार्किंग में गया है।

केस-2 : एक शिक्षक दो कक्षाएं संभाल रहा
शेखपुरा मंचूरी गांव स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्कूल में एक शिक्षक दो कक्षाओं को संभाल रहा है। यहां पर स्टाफ न होने के कारण बच्चे पूरी संख्या में नहीं आ रहे हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रिंसिपल धर्मपाल ने बताया कि स्कूल में आठ शिक्षक कक्षाओं के बजाय प्रशिक्षण की ड्यूटी दे रहे हैं जबकि कुल स्टाफ स्कूल में 19 है।

केस-3 : 19 में से 8 शिक्षक जनगणना में
निसिंग के नरू खेड़ी गांव से प्रिंसिपल सुरेश कुमार ने बताया कि स्कूल से पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है। जो बचे हुए हैं, उनमें केवल बीएलओ हैं, जो एसआईआर का काम कर रहे हैं। स्कूल में 19 शिक्षकों का स्टाफ था जिनमें से तीन को छोड़कर सभी की ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई है। इन शिक्षकों को पहले बैच और अब दूसरे बैच में भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


अलग-अलग बैच में बुला रहे
केस-4 : संगोहा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से प्रिंसिपल जगदीश ने बताया कि 35 शिक्षकों का स्टाफ है जिनमें से 11 शिक्षकों ने मंगलवार तक ड्यूटी दी। 5 शिक्षकों को बुधवार को ड्यूटी के लिए बुला लिया गया है। यानी 16 शिक्षक ड्यूटी दे चुके हैं और अब दूसरा बैच ड्यूटी पर रहेगा। शिक्षकों को अलग-अलग बैच में ड्यूटी पर बुलाया जा रहा है।



वर्जन-
जनगणना में प्रशिक्षण के लिए जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी उनका जाना अनिवार्य है। वहीं, जो स्कूल में शिक्षक बचे हैं, उन्हें ही कक्षाएं संभालनी पड़ेगीं। अन्य विकल्प नहीं बचा है।
- रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed