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ऐतिहासिक किले को धरोहर के रूप में विकसित करने के लिए डीसी ने किया दौरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2020 02:14 AM IST
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Government will take care of prithviraj chauhan fort
डीसी निशांत कुमार यादव ने वीरवार को तरावड़ी स्थित ऐतिहासिक पृथ्वीराज चौहान के किले का भ्रमण किया। ऐतिहासिक धरोहर के वर्तमान स्वरूप को कैसे सहेजकर रखा जाए, इस मकसद से उन्होंने स्थानीय नगरपालिका के सचिव नरेश शर्मा, जयदेव शर्मा म्यूनिस्पल इंजीनियर और करनाल राजपूत महासभा के प्रधान एवं सदस्यों के साथ मौके पर विचार-विमर्श किया और मौके पर किले की साइट मैप को भी देखा।
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बता दें कि पिछले दिनों राजपूत सभा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांग की थी कि ऐतिहासिक किले की मरम्मत के साथ-साथ इसके समक्ष मौजूद जोहड़ का जीर्णोद्घार कर इसमें पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा तथा लाइट एंड साउंड की व्यवस्था की जाए। इसके बाद उपायुक्त ने वीरवार को मौका मुआयना कर किले के मौजूदा स्वरूप को देखने के बाद कहा कि करीब 900 वर्ष पुराने किले में अब बाहरी दीवारें तथा उत्तर-दक्षिण में बने दो विशाल गेट ही विद्यमान हैं। इनके पुरातात्विक महत्व को बरकरार रखते हुए जो भी जायज होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। किले के दक्षिण द्वार के समक्ष विद्यमान जोहड़ स्थल पर पार्क, लाइट एंड साउंड तथा पृथ्वीराज चौहान की मूर्ति लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसी भी वॉटर बॉडी या जोहड़ में किसी प्रकार का पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता। अलबत्ता उन्होंने आश्वासन दिया कि तरावड़ी के अन्य किसी भाग में यदि उपयुक्त जगह उपलब्ध होगी तो वहां स्मारक बनाने पर निर्णय लिया जा सकता है।
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पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी से किये कई युद्ध
पृथ्वीराज चौहान जिनका नाम इस किले से जोड़ा गया है, वास्तव में वे पृथ्वीराज तृतीय थे, जिनका शासनकाल 1178-1192 बताया गया है। वे चौहान वंश के राजा थे और उनकी राजधानी अजमेर में थी। उन्होंने मुस्लिम गौरी राजवंश के शासक मोहम्मद गौरी के साथ कई युद्ध किए और जीत हासिल की। हालांकि 1192 में तराइन की दूसरी लड़ाई में मोहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज को हरा दिया और बंदी बना लिया था, बाद में उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसके बारे में कई तरह के मत और पौराणिक लेख हैं। इनमें सबसे लोकप्रिय पृथ्वीराज रासो है जो उन्हें राजपूत के रूप में प्रस्तुत करता है। इस प्रसिद्ध ग्रंथ में पृथ्वीराज को एक महान नायक के रूप में चित्रित किया गया है।
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किले में रह रहे 400 परिवार
तरावड़ी में स्थित पृथ्वीराज चौहान के नाम से प्रसिद्ध ऐतिहासिक किले की मौजूदा स्थिति के अनुसार अब यह तरावड़ी नगरपालिका के अधीन वार्ड नम्बर-1 में आता है। किले की बाउंड्री के अंदर करीब 400 घरों की आबादी रह रही है। वर्तमान में विशाल किले की मजबूत चारदीवारी और दो गेट यानि प्रवेश द्वार ही बचे हैं, जिनसे इसकी पहचान होती है। अब हरियाणा सरकार की मंशा है कि ऐतिहासिक धरोहर को सहेजकर रखा जाए।
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