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Karnal News: लापरवाही से लाखों का सरकारी गेहूं खराब

Thu, 04 Sep 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Thu, 04 Sep 2025 01:34 AM IST
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Government wheat worth lakhs wasted due to negligence
146....सरकारी गेहूं के रिकॉर्ड को चेक करती सीएम फ्लाइंग की टीम। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
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तरावड़ी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से पिछले दिनों तिरपाल की व्यवस्था न होने और गोदामों में कीटनाशक दवा नहीं रखे जाने से लाखों रुपये का गेहूं खराब हो गया है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने खराब गुणवत्ता का 3000 क्विंटल गेहूं लेने से इनकार कर दिया। एफसीआई की शिकायत पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (सीएम फ्लाइंग) ने छापा मारकर स्टॉक चेकिंग शुरू की। बुधवार को तरावड़ी में दो राइस मिलों में भंडारित गेहूं को चेक किया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम डीएसपी सुशील कुमार के नेतृत्व में तरावड़ी में अलग-अलग स्थानों में जांच कर रही है। बुधवार को टीम ने केसी राइस मिल व किसान राइस मिल में गेहूं की जांच की। बताया जा रहा है जिस एजेंसी को गेहूं संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी, उसने रखरखाव ठीक नहीं किया। इससे सरकारी गेहूं बर्बाद हो गया। उड़नदस्ते की टीम 2024-25 और 2025-26 में खरीदे गए गेहूं के स्टॉक को चेक करने पहुंची है। यह गेहूं कई स्थानों पर रखा गया है। अगले दो दिनों तक यह जांच अभियान चल सकता है।
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डीएसपी सुशील कुमार ने बताया कि टीम इस बात की जांच कर रही है कि सरकार की ओर से कितने गेहूं के बैग खरीद कर यहां रखे गए थे और कितने खराब हो गए हैं। समय पर तिरपाल नहीं डाले जाने से गेहूं खराब हुआ। गेहूं को बचाने के लिए जो दवा डाली जाती है वह भी समय पर नहीं रखी गई। इससे भी कीड़े लग गए।
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2020-21 में खरीदे गए गेहूं की भी जांच
एफसीआई के 3000 क्विंटल गेहूं वापस करने पर उन्होंने कहा कि उस गेहूं में अधिक नमी की मात्रा थी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि 2020-21 में जो स्टॉक खरीदा गया था, वह कहीं और अवैध तौर पर पड़ा है। उन्हें ऐसी जानकारी मिली है इसकी भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग की ओर से कई बार पत्र जारी किए गए थे लेकिन उस पत्राचार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे गेहूं खराब हुआ। उन्होंने कहा कि पहले भी सीएम फ्लाइंग की टीम एक राइस मिल में छापा मारने पहुंची थी वहां गेहूं का बहुत बुरा हाल था। जिसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी गई है। डीएसपी ने बताया कि अभी जांच चल रही है। जांच पूरी हो जाने के बाद ही जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।

- गेहूं खरीद के दौरान तिरपाल आदि की व्यवस्था देरी से हो पाई थी, जिसके कारण कुछ गेहूं भीग गया था। दवा देरी से आई थी, जिसके कारण कुछ गेहूं की गुणवत्ता खराब हुई है। सीएम फ्लाइंग की टीम इसी की जांच कर रही हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार, डीएफएससी, करनाल
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