फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Government made a provision of 800 crores for the reservoir project at Adi Badri: CM

आदि बद्री में जलाशय परियोजना के लिए सरकार ने किया 800 करोड़ का प्रावधान : सीएम

Tue, 16 Feb 2021 01:50 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2021 01:50 AM IST
विज्ञापन
Government made a provision of 800 crores for the reservoir project at Adi Badri: CM
कुरुक्षेत्र/चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विश्व की सबसे पवित्र एवं ज्ञान की देवी सरस्वती नदी का उद्गम स्थल हरियाणा प्रदेश में आदि बद्री यमुनानगर में है। इस स्थल पर सरकार की तरफ से डैम, बैराज और सरस्वती सरोवर का निर्माण करने की परियोजना के लिए 800 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर लगभग 894 हेक्टेयर मीटर बाढ़ का पानी सरस्वती जलाशय में मोड़ा जा सकेगा। इतना ही नहीं पवित्र नदी सरस्वती को मारकंडा नदी के साथ जोड़ने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन

सीएम सोमवार को चंडीगढ़ से वर्चुअल रूप अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव को लेकर हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षण संस्थान के तत्वावधान में सरस्वती नदी नई संभावना और इसकी विरासत विषय पर आयोजित एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे। सेमिनार में मुख्य वक्ताओं के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप सहित 7 देशों के वैज्ञानिक और 1 लाख लोग वर्चुअल रूप से जुड़े।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदम विभूषण स्व. डॉ. दर्शन लाल जैन के प्रयासों से ही सरस्वती नदी को फिर से धरातल पर प्रवाहित करने की योजना को तैयार किया गया। जब सरकार की यह योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा तभी स्वर्गीय डॉ. दर्शन लाल जैन को सही मायनों में श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह साबित हो चुका है कि हरियाणा की गोद से ही पवित्र नदी सरस्वती का प्रवाह रहा है और वैदिक काल में इसका उद्गम स्थल आदिबद्री रहा है। यह नदी आदिबद्री से लेकर कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा से होती हुई गुजरात के कच्छ तक पहुंचती है। यदि हड़प्पा सभ्यता की 2600 बस्तियों को देखें तो पाते हैं कि वर्तमान पाकिस्तान में सिंधु तट पर मात्र 265 बस्तियां थीं, जबकि शेष अधिकांश बस्तियां सरस्वती नदी के तट पर मिलती हैं। उन्होंने कहा कि इसरो सहित 70 से ज्यादा शोध केंद्र सरस्वती नदी को फिर से धरातल पर प्रवाहित करने के लिए काम कर रहे हैं। इसरो से मिली परिसीमन और मानचित्रों के आधार पर सरकार ने आदिबद्री में डैम, बैराज के लिए एक परियोजना तैयार की है। इस नदी के साथ लगने वाले 23 चैनलों का नाम भी सरस्वती के नाम से जाना जाता है। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच ने भी अपने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन्होंने भी रखे विचार
हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि देश की सबसे बड़ी और पवित्र सरस्वती नदी का पिहोवा से प्रवाहित होना एक अनोखा सौभाग्य है। त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त डॉ. रोजर गोपाल ने कहा कि नई पीढ़ी के लिए बहुत बड़ा गिफ्ट होगा सरस्वती नदी का फिर से प्रवाहित होना। देश के आर्थिक सलाहकार एवं लेखक संजीव सान्याल ने कहा कि ऋग्वेद में 72 बार पानी की मां सरस्वती नदी का है उल्लेख है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि मोक्षदायिनी नदी है पवित्र नदी सरस्वती।
इससे ये लाभ भी होंगे
-आदिबद्री से सिरसा तक कुरुक्षेत्र, पिहोवा, हिसार, राखीगढ़ी, फतेहाबाद और सिरसा में राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन सर्किट के विकास से तीर्थाटन के नए अवसर सृजित होंगे

-रोजगार और व्यापार बढ़ेगा, सरस्वती नदी के साथ रिवर फ्रंट डेवलपमेंट से मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा
-सरस्वती नदी के तट पर वनीकरण से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
तकनीकी सत्र में सरस्वती पर की लंबी चर्चा
तकनीकी सत्र में बेलारशियन स्टेट यूनिवर्सिटी से डॉ. एलेह पेरजावेकिश, एएसआई के संयुक्त महानिदेशक डॉ. संजय मंजुल, जरनल डॉ. जीडी बख्शी, डॉ. जेएन रवि, इसरो से डॉ. बीके भद्रा, यूएसए से डॉ. निलेश नीलकांथोक, गोआ से लीना महेंडले, चेन्नई सरस्वती शोध केंद्र के निदेशक डॉ. एस कल्याणरमन, वेव्स सोसाईटी से प्रोफेसर शशिबाला, डॉ. मनोगना व सीजीडब्लयूबी के आरडी डॉ. अनूप नागर ने वैज्ञानिक दृष्टि से पवित्र नदी सरस्वती पर लंबी चर्चा की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed