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सरकार ने धान खरीद का किया एलान पर चुनौतियों से पाना होगा पार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 02:33 AM IST
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Government announced to purchase paddy but challenges will have to be overcome
करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने धान की खरीद तीन अक्तूबर से करने का एलान तो कर दिया है लेकिन खरीद एजेंसियां अभी पूरी तरह तैयार नहीं दिख रही हैं। आलम यह है कि सबसे बड़ी खरीद एजेंसी डीएफएससी ने जिले में जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक की स्थायी नियुक्ति नहीं की है, हालांकि शनिवार को रेवाड़ी के डीएफएससी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। आनन-फानन में यहां के अधीक्षक को खरीद शुरू कराने का अधिकार देकर मंडियों व खरीद केंद्रों पर निरीक्षकों की ड्यूटियां लगाई हैं। वहीं, दूसरी ओर शनिवार को भी अनाज मंडियों में कूड़े के ढेर लगे दिखाई।
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कोई दो राय नहीं कि बड़ी संख्या में किसानों ने खरीद की पूर्व निर्धारित तिथि एक अक्टूबर को ध्यान में रखते हुए कंबाइन आदि से धान की कटाई करा ली थी। धान को ट्रालियों में भी भर लिया था। इस धान को मंडियों में तो लाना ही था। क्योंकि किसानों के पास धान को अपने पास भंडारित करने के कोई संसाधन नहीं है, यह धान नमी अधिक होने के कारण 24 घंटे से अधिक भंडारित हो भी नहीं सकता।
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आढ़तियों को सीएमआर के लिए आवंटित धान को लेने के लिए अभी तक राइस मिलर्स भी पूरी तरह तैयार नहीं दिखाई दे रहे हैं। राहत की बात है कि मजदूरों ने हड़ताल वापस ले ली है तो आढ़ती भी धान खरीदने के लिए तैयार हो गए हैं। लेकिन खरीद एजेंसियों की तैयारियां अधूरी ही हैं। डीएफएससी विभाग के जिला नियंत्रक की स्थायी नियुक्ति नहीं होने से कई तरह की दिक्कतें अनाज मंडियों में देखने को मिल सकती हैं। क्योंकि पिछले साल भी नियंत्रक ने ही घूम घूमकर समस्याओं का समाधान किया था।
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5 प्रतिशत बैंक गारंटी की शर्त पर फंसा पेच
-सीएमआर के धान कितने राइस मिल खरीदें, कौन राइस मिल कितना धान लेगा। अभी इस पर राइस मिलर्स पूरी तरह सहमत नहीं है। शेष सारी मांगे तो सरकार ने मान ली है लेकिन 5 प्रतिशत की बैंक गारंटी हटाने की शर्त को अभी सरकार हटाने पर राजी नहीं हुई है। यही कारण है कि अभी राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन ने सीएमआर के लिए धान खरीदने की हामी नहीं भरी है। इस पर रविवार को सरकार को कोई निर्णय ले सकती है। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष हंसराज सिंगला ने बताया कि राइस मिलर्स चाहते हैं कि पहले सरकार पांच प्रतिशत बैंक गारंटी की शर्त को हटाए, इसके बाद ही राइस मिलर्स सीएमआर के लिए आवंटित धान को लेने पर विचार करेंगे।
नमी की दिक्कत आड़े आ सकती है
-एफसीआई के सहायक प्रबंधक (गुणवत्ता) विनोद कुमार मीना ने बताया कि सरकार ने धान खरीद के लिए 17 प्रतिशत नमी का मानक तय किया है। सीएमआर के लिए भी पिछले साल की पॉलिसी ही लागू कर दी है। इधर, शुक्रवार को बारिश होने के बाद धान की फसल भीग चुकी है। खेतों में खड़ी फसल और मंडियों में पड़े धान में भी नमी बढ़ चुकी है। करनाल मंडी में जो ड्रायर लगाया गया है, उसकी क्षमता सिर्फ 60 क्विंटल ही है। ऐसे में खरीद एजेंसियों के सामने नमी की बड़ी दिक्कत सामने आ सकती है।
अशोक रावत को डीएफएससी का अतिरिक्त कार्यभार
करनाल। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव विजय सिंह दहिया ने शनिवार को एक आदेश जारी करके डीएफएससी रेवाड़ी अशोक रावत को करनाल के डीएफएससी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है, जो यहां रहकर अपने कार्यों का निर्वहन करेंगे।

आज से सभी मंडियों में होगी धान की खरीद
- हरियाणा सरकार के आदेशानुसार जिले की सभी मंडियों मे धान की खरीद 3 अक्तूबर से आरंभ कर दी जाएगी। पहले केंद्र सरकार के निर्देशानुसार धान की खरीद 11 अक्तूूबर से होनी थी, लेकिन मंडियों में किसानों की फसल आनी शुरू हो गई है, इसलिए सरकार ने किसानों की मांग को देखते हुए रविवार से ही सभी मंडियों में खरीदने का निर्णय लिया है।
-निशांत कुमार यादव, उपायुक्त करनाल
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