{"_id":"7ea0a34c712a6b56c34c110094ece449","slug":"gold-farmers-get-wet-in-the-rain","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश में भीगा किसानों का सोना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश में भीगा किसानों का सोना
निसिंग
Updated Fri, 20 Sep 2013 10:18 PM IST
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क्षेत्र में शुक्रवार बाद दोपहर अचानक तेज हवा के साथ हुई बरसात से किसानों की धान की पकी फसल भीग गई। कारण यह है कि निसिंग में प्राइवेट अनाज मंडी बनी है, जिसमें किसानों को किसी तरह की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
शेड नहीं होने के कारण कारण किसानों व आढ़तियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र से अपनी फसलें लाने वाले किसान कमल सिंह, रूप लाल, राजकुमार, रामभज, बाबूराम सहित अन्य ने बताया कि शुक्रवार बाद दोपहर हुई करीब एक घंटा बरसात हुई।
निसिंग में सरकारी अनाज मंडी नहीं होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पुरानी अनाज मंडी में शुक्रवार को हुई बरसात ने उनकी कई माह की मेहनत पर पानी फेर दिया। हालात यह रहे कि अनाज मंडी में आई फसल पानी से बुरी तरह भीग गई। खरीदी गई आढ़तियों व किसानों की ओर से बेचे गए धान के कट्टे भी पानी-पानी नजर आए।
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सरकारी मंडी को चालू करवाया जाएगा
मार्केट कमेटी सचिव धर्मराज ढांगी ने इस बाबत कहा कि जल्द ही नई मंडी की शुरुआत की जाएगी। अभी तक यह मंडी प्राइवेट तौर पर चल रही है। आने वाले समय में सांभली रोड पर सरकारी अनाज मंडी को चालू करवा दिया जाएगा।
थाना गेट पर जलभराव
शुक्रवार को हुई बरसात के कारण निसिंग के थाना गेट पर भी जलभराव हो गया। इस कारण आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालकों को भी फजीहत झेलनी पड़ी।
तीन एकड़ में खड़ा धान सूखा
निसिंग के किसान दिलबाग सिंह पुत्र सुखा सिंह की तीन एकड़ पीआर धान की फसल सूख गई। फसल के नुकसान के लिए उन्होंने पेस्टीसाइड दवा विक्रेता पर गलत दवाई देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि करीब 12 दिन पहले उन्होंने निसिंग स्थित एक दुकान से धान में आई तेला बीमारी की रोकथाम के लिए दवा खरीदी थी।
इसकी स्प्रे तीन एकड़ धान की फसल में कर दी गई। उसके बाद धान की फसल सूखना शुरू हो गई। धीरे-धीरे उनकी सारी फसल सूख गई। इसकी सूचना उन्होंने खंड कृषि अधिकारी डॉ. निरंजन अत्री व कृषि विकास अधिकारी डॉ. राधेश्याम गुप्ता को दी। उन्होंने मौके पर फसल की जांच की। उनका मानना है कि फसल में सीथ बलाइट नामक बीमारी आई है, जिससे किसान की धान की फसल सूख गई।
किसान का कहना है कि फसल गलत दवा के स्प्रे से सूख रही है। डॉ. अत्री ने बताया कि फसल के सूखने के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। धान के पौधों की उचानी स्थित कृषि रिसर्च सेंटर में जांच करवाने के बाद ही फसल सूखने के असली कारणों का पता चल सकेगा।
एफसीआई की लापरवाही से राइस मिलर्स को परेशानी
एफसीआई अधिकारियों और कर्मियों की लेटलतीफी और लापरवाही के कारण राइस मिलर्स संचालकों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पिछले तीन दिन से बजीदा वेयरहाउस के बाहर खडे़ चावल से लदे ट्रकों से माल नहीं उतारा गया। मामला मीडिया में उछलने आने के बाद अधिकारियों की सांसें फूल गई और शाम तक ही गोदाम में खड़ी गाड़ियों का पूरा माल ले लिया गया।
राइस मिलर्स संचालकोें ने बताया कि बुधवार रात से बजीदा वेयरहाउस के बाहर करीब 35 ट्रक चावल से लदे खडे़ थे। चंडीगढ़ से एफसीआई की चेकिंग टीम आने के कारण अधिकारी और कर्मी उलझे रहे। उन लोगों ने वीरवार को कोई माल ट्रक से नहीं उतारा। शुक्रवार दोपहर तक भी माल से लदे ट्रक गोदामों में खडे़ रहे। ऐसे में राइस मिलर्स पर किराए का हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा था।
राइस मिलर्स संचालक अपने माल की तुलाई और उतरवाई नहीं होने तक गोदाम से नहीं जा सकते। उन लोगों के लिए कई तरह की परेशानियां बन गई। राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि मामला ऐसा ही था लेकिन दोपहर बाद पूरा माल उतार लिया गया । हां तीन दिन परेशानी उन्हें झेलनी पड़ी है।
इस संबंध में क्षेत्रिय प्रबंधक एसएस सिंगला ने कहा कि मामला उनके नोटिस में नहीं था। वे अब इस पर नोटिस लेंगे। राइस मिलर्स को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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शेड नहीं होने के कारण कारण किसानों व आढ़तियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र से अपनी फसलें लाने वाले किसान कमल सिंह, रूप लाल, राजकुमार, रामभज, बाबूराम सहित अन्य ने बताया कि शुक्रवार बाद दोपहर हुई करीब एक घंटा बरसात हुई।
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निसिंग में सरकारी अनाज मंडी नहीं होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पुरानी अनाज मंडी में शुक्रवार को हुई बरसात ने उनकी कई माह की मेहनत पर पानी फेर दिया। हालात यह रहे कि अनाज मंडी में आई फसल पानी से बुरी तरह भीग गई। खरीदी गई आढ़तियों व किसानों की ओर से बेचे गए धान के कट्टे भी पानी-पानी नजर आए।
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सरकारी मंडी को चालू करवाया जाएगा
मार्केट कमेटी सचिव धर्मराज ढांगी ने इस बाबत कहा कि जल्द ही नई मंडी की शुरुआत की जाएगी। अभी तक यह मंडी प्राइवेट तौर पर चल रही है। आने वाले समय में सांभली रोड पर सरकारी अनाज मंडी को चालू करवा दिया जाएगा।
थाना गेट पर जलभराव
शुक्रवार को हुई बरसात के कारण निसिंग के थाना गेट पर भी जलभराव हो गया। इस कारण आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालकों को भी फजीहत झेलनी पड़ी।
तीन एकड़ में खड़ा धान सूखा
निसिंग के किसान दिलबाग सिंह पुत्र सुखा सिंह की तीन एकड़ पीआर धान की फसल सूख गई। फसल के नुकसान के लिए उन्होंने पेस्टीसाइड दवा विक्रेता पर गलत दवाई देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि करीब 12 दिन पहले उन्होंने निसिंग स्थित एक दुकान से धान में आई तेला बीमारी की रोकथाम के लिए दवा खरीदी थी।
इसकी स्प्रे तीन एकड़ धान की फसल में कर दी गई। उसके बाद धान की फसल सूखना शुरू हो गई। धीरे-धीरे उनकी सारी फसल सूख गई। इसकी सूचना उन्होंने खंड कृषि अधिकारी डॉ. निरंजन अत्री व कृषि विकास अधिकारी डॉ. राधेश्याम गुप्ता को दी। उन्होंने मौके पर फसल की जांच की। उनका मानना है कि फसल में सीथ बलाइट नामक बीमारी आई है, जिससे किसान की धान की फसल सूख गई।
किसान का कहना है कि फसल गलत दवा के स्प्रे से सूख रही है। डॉ. अत्री ने बताया कि फसल के सूखने के बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। धान के पौधों की उचानी स्थित कृषि रिसर्च सेंटर में जांच करवाने के बाद ही फसल सूखने के असली कारणों का पता चल सकेगा।
एफसीआई की लापरवाही से राइस मिलर्स को परेशानी
एफसीआई अधिकारियों और कर्मियों की लेटलतीफी और लापरवाही के कारण राइस मिलर्स संचालकों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पिछले तीन दिन से बजीदा वेयरहाउस के बाहर खडे़ चावल से लदे ट्रकों से माल नहीं उतारा गया। मामला मीडिया में उछलने आने के बाद अधिकारियों की सांसें फूल गई और शाम तक ही गोदाम में खड़ी गाड़ियों का पूरा माल ले लिया गया।
राइस मिलर्स संचालकोें ने बताया कि बुधवार रात से बजीदा वेयरहाउस के बाहर करीब 35 ट्रक चावल से लदे खडे़ थे। चंडीगढ़ से एफसीआई की चेकिंग टीम आने के कारण अधिकारी और कर्मी उलझे रहे। उन लोगों ने वीरवार को कोई माल ट्रक से नहीं उतारा। शुक्रवार दोपहर तक भी माल से लदे ट्रक गोदामों में खडे़ रहे। ऐसे में राइस मिलर्स पर किराए का हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा था।
राइस मिलर्स संचालक अपने माल की तुलाई और उतरवाई नहीं होने तक गोदाम से नहीं जा सकते। उन लोगों के लिए कई तरह की परेशानियां बन गई। राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि मामला ऐसा ही था लेकिन दोपहर बाद पूरा माल उतार लिया गया । हां तीन दिन परेशानी उन्हें झेलनी पड़ी है।
इस संबंध में क्षेत्रिय प्रबंधक एसएस सिंगला ने कहा कि मामला उनके नोटिस में नहीं था। वे अब इस पर नोटिस लेंगे। राइस मिलर्स को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।